मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द भाजपा के महेश केवट का राज्यसभा जाना तय
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द। भाजपा के महेश केवट, तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल की जीत तय।
मध्य प्रदेश की राजनीति में आज एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है। यह घटनाक्रम कांग्रेस पार्टी के लिए एक बहुत बड़े झटके के रूप में सामने आया है। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र खारिज होने के साथ ही अब भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार महेश केवट का राज्यसभा जाना पूरी तरह से तय हो गया है। इस निर्णय के बाद अब मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा की जीत का रास्ता साफ हो गया है और पार्टी बिना किसी कड़े मुकाबले के इन सीटों पर कब्जा करने जा रही है।
नामांकन रद्द होने का मुख्य कारण
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी और भाजपा का आरोप था कि कांग्रेस प्रत्याशी ने अपने चुनावी हलफनामे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई हैं और उनके फॉर्म में कई तकनीकी कमियां हैं। विशेष रूप से, भाजपा ने यह दावा किया कि तेलंगाना की एक अदालत में मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ एक मामला चल रहा है, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने नामांकन पत्र में नहीं दी थी। निर्वाचन अधिकारियों ने भाजपा द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और आपत्तियों की गहन समीक्षा की। जांच में आरोपों को सही पाया गया, जिसके आधार पर मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज कर दिया गया। यह घटना उस समय हुई जब कांग्रेस अपने विधायकों की बाड़ेबंदी करने में जुटी हुई थी ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की क्रॉस वोटिंग को रोका जा सके।
कौन हैं महेश केवट?
महेश केवट, जिन्हें भाजपा ने अपना तीसरा उम्मीदवार बनाया है, पार्टी के एक पुराने और अत्यंत निष्ठावान नेता रहे हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को महेश केवट के व्यक्तित्व और उनके लंबे राजनीतिक सफर की जमकर प्रशंसा की थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि महेश केवट बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित स्वयंसेवक रहे हैं। उन्होंने अपने शुरुआती राजनीतिक जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय जनता युवा मोर्चा जैसे संगठनों में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है और संघ परिवार में उनके लंबे अनुभव और समर्पण को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक पृष्ठभूमि
महेश केवट का प्रशासनिक अनुभव भी काफी विस्तृत रहा है। वह मध्य प्रदेश शासन के मछुआ कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और इस पद पर रहते हुए उन्होंने मछुआरा समुदाय के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके नामांकन पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि भगवान राम का आशीर्वाद एक बार फिर निषाद राज की परंपरा को कायम करते हुए महेश केवट को मिल रहा है। अब मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद, भाजपा के तीनों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित हो गई है। भाजपा के तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल के पास पहले से ही जीत के लिए पर्याप्त संख्या बल मौजूद था, और अब महेश केवट तीसरे उम्मीदवार के तौर पर निर्विरोध निर्वाचित होंगे।
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