रूस पर ट्रंप का बड़ा यू-टर्न! प्रतिबंध वाले कानून से दी छूट, भारत को मिली बड़ी राहत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से जुड़े प्रतिबंधों और टैरिफ नियमों में छूट दी है जिससे भारत समेत कई देशों को राहत मिली है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से जुड़े कई प्रतिबंधों पाबंदियों और टैरिफ में छूट देने का एक बड़ा फैसला किया है। ट्रंप ने हाल ही में एक आदेश जारी कर इस बात की जानकारी दी है। ये सभी प्रतिबंध और शुल्क उस कड़े कानून के तहत लागू होने वाले थे जिस पर डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने ही अपने हस्ताक्षर किए थे। हालांकि इन नियमों और प्रतिबंधों के आधिकारिक तौर पर लागू होने से कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई नियमों में बड़ी छूट देने की घोषणा कर दी है और ट्रंप का यह नया फैसला ऐसे समय पर सामने आया है जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रूस को लेकर उनका रुख काफी नरम होता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही वह यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की लगातार सार्वजनिक रूप से तीखी आलोचना भी कर रहे हैं। ट्रंप ने यहां तक कह दिया है कि अब यूक्रेन को एक नया नेता चुनने की जरूरत है।
क्या था 100 प्रतिशत टैरिफ का प्रावधान
इस कानून को अमेरिकी संसद में आगे बढ़ाने वाले सबसे प्रमुख नेता सीनेटर लिंडसे ग्राहम थे जिनका अब निधन हो चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सितंबर महीने में ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नाम के कानून पर आधिकारिक रूप से दस्तखत किए थे। इस बेहद कड़े कानून के तहत रूस से भारी मात्रा में तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर कड़ा आर्थिक दबाव बनाने की पूरी तैयारी की गई थी। इस कानून के प्रावधानों के मुताबिक रूस से कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस खरीदने वाले दुनिया के पांच सबसे बड़े देशों से अमेरिका में आयात होने वाले सभी प्रकार के सामान पर तीस दिनों के भीतर 100 प्रतिशत तक का भारी-भरकम टैरिफ लगाया जा सकता था।
यह कड़ा नियम उन देशों पर भी पूरी तरह से लागू हो सकता था जो इस कानून के बनने के तीस दिन बाद भी जानबूझकर रूस से तेल या गैस की खरीद जारी रखते और इसके अलावा रूस को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने में किसी भी तरह से मदद करने वाले पांच प्रमुख देशों पर भी इस तरह की कड़ी कार्रवाई करने का पूरा प्रावधान किया गया था।
भारत समेत कई देशों ने जताई थी गहरी चिंता
चूंकि भारत दुनिया के उन बड़े देशों में शामिल है जो रूस से बड़े पैमाने पर कच्चे तेल की खरीद करते हैं इसलिए भारत और चीन समेत कई अन्य देशों ने इस नए कानून को लेकर अपनी गहरी चिंता जताई थी। अगर इन देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगा दिया जाता तो इससे उनके अमेरिकी बाजार में होने वाले कारोबार पर बहुत बुरा असर पड़ सकता था। आधिकारिक आंकड़ों और रिपोर्ट के मुताबिक रूस से सबसे ज्यादा तेल और ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले प्रमुख देशों में चीन, भारत, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया शामिल हैं।
अमेरिका के राष्ट्रीय हित का दिया हवाला
व्हाइट हाउस की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए आदेश में राष्ट्रपति ट्रंप ने यह स्पष्ट किया है कि उन्होंने अमेरिकी संसद को पहले ही यह बता दिया है कि इस वर्तमान समय में इस प्रकार की छूट देना पूरी तरह से अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। इस तरह से ट्रंप ने उस कड़े कानून के तहत लागू होने वाले कई महत्वपूर्ण प्रतिबंधों और शुल्कों को प्रभावी होने से पहले ही बड़ी छूट प्रदान कर दी है। हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से जारी किए गए इस उपलब्ध बयान में यह विस्तार से नहीं बताया गया है कि आखिरकार किन-किन विशिष्ट प्रतिबंधों और शुल्कों को यह छूट दी गई है लेकिन इस कदम से वैश्विक स्तर पर एक बड़ा बदलाव जरूर देखने को मिल रहा है।
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