ललित मोदी का बड़ा खुलासा: दाऊद इब्राहिम की धमकी और आईपीएल सट्टेबाजी के राज

आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने खुलासा किया है कि कैसे दाऊद इब्राहिम की धमकियों और 4 अरब डॉलर के अवैध सट्टेबाजी बाजार ने उन्हें संन्यास लेने पर मजबूर किया।

Jun 4, 2026 - 12:35
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ललित मोदी का बड़ा खुलासा: दाऊद इब्राहिम की धमकी और आईपीएल सट्टेबाजी के राज

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी, जो लंबे समय से भारत छोड़कर विदेश में रह रहे हैं, एक बार फिर अपने सनसनीखेज बयानों के कारण चर्चा के केंद्र में हैं। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) को दिए गए एक विस्तृत साक्षात्कार में ललित मोदी ने स्पष्ट किया कि वह किसी से भाग नहीं रहे हैं, क्योंकि भारत जैसे वैश्विक महाशक्ति देश की नजरों से बचकर कहीं भी छिपे रहना नामुमकिन है। हालांकि, उनके खुलासे का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा क्रिकेट प्रशासन के पीछे छिपे अंडरवर्ल्ड के काले साये से जुड़ा है। मोदी ने दावा किया कि क्रिकेट प्रशासन से उनके हमेशा के लिए संन्यास लेने के पीछे की सबसे बड़ी और मुख्य वजह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके गुर्गों द्वारा दी गई जान से मारने की धमकियां थीं। उन्होंने बताया कि क्रिकेट में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सख्ती के कारण अंडरवर्ल्ड के साथ उनके संबंध बेहद खराब हो गए थे।

अवैध सट्टेबाजी के साम्राज्य का विशाल आंकड़ा

साक्षात्कार के दौरान ललित मोदी ने क्रिकेट के इर्द-गिर्द फैले अवैध सट्टेबाजी के कारोबार की भयावहता पर प्रकाश डाला। उन्होंने खुलासा किया कि अंडरवर्ल्ड सिंडिकेट, विशेष रूप से डी-कंपनी, एक बहुत बड़ा सट्टा बाजार चलाती है जहां खेल की हर एक गेंद के साथ सट्टे के भाव बदलते रहते हैं। मोदी के अनुसार, दाऊद इब्राहिम खुद एक बहुत बड़ा बुकी है जो पूरे क्रिकेट सट्टेबाजी तंत्र को नियंत्रित करता था। उन्होंने इस अवैध व्यापार की वृद्धि को आंकड़ों के माध्यम से समझाया और बताया कि आईपीएल के शुरुआती वर्षों में अवैध सट्टे का बाजार लगभग 2 अरब डॉलर का हुआ करता था। आज के समय में यह आंकड़ा दोगुना हो चुका है और अब हर एक मैच पर लगभग 4 अरब डॉलर का अवैध सट्टा लगाया जाता है। मोदी ने इन आंकड़ों को अकल्पनीय रूप से बड़ा बताया और कहा कि अब पूरे मैच को फिक्स करने के बजाय ओवर और व्यक्तिगत गेंदों को फिक्स किया जाता है, जिसे स्पॉट-फिक्सिंग कहा जाता है।

गुप्त इशारे और स्पॉट-फिक्सिंग की तकनीक

ललित मोदी ने विस्तार से बताया कि मैदान पर स्पॉट-फिक्सिंग को किस तरह से अंजाम दिया जाता है। उन्होंने कहा कि बुकी विशिष्ट गेंदों या ओवरों को निशाना बनाते हैं और खिलाड़ियों या सहयोगियों के साथ सूक्ष्म संकेतों के माध्यम से संवाद करते हैं जो अक्सर आम जनता और अधिकारियों की नजरों से बच जाते हैं। उदाहरण के तौर पर, कोई व्यक्ति रुमाल निकाल सकता है या किसी वस्तु को एक विशेष तरीके से रगड़ सकता है, जो एक पूर्व-निर्धारित कार्रवाई का संकेत होता है। मोदी ने दावा किया कि आईपीएल के प्रमुख के रूप में अपने 3 साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने ऐसी गतिविधियों पर बहुत कड़ी नजर रखी थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई संदिग्ध लोगों को स्टेडियम से बाहर निकाला था और कई अन्य लोगों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, उनकी इसी सख्ती ने उन्हें माफिया का सीधा निशाना बना दिया, क्योंकि उनके कार्यों से माफिया के अरबों डॉलर के सट्टेबाजी साम्राज्य को भारी नुकसान हो रहा था।

तड़के 3:30 बजे की मुलाकात और सैटेलाइट फोन कॉल

ललित मोदी द्वारा साझा की गई सबसे डरावनी कहानियों में से एक साल 2012 की एक देर रात की घटना है। उन्होंने याद किया कि उन्हें तड़के सुबह 3 बजकर 30 मिनट पर 'बाबा' नाम के एक प्रभावशाली बिचौलिए ने मिलने के लिए बुलाया था। यह मुलाकात लंदन के एक पेंटहाउस में हुई थी जिसे एक फिक्सर ने व्यवस्थित किया था। मोदी ने बताया कि बाबा ने उनसे मांग की कि वह सिंडिकेट को आईपीएल फ्रेंचाइजी दिलाने में मदद करें और जब मोदी ने दाऊद इब्राहिम के खतरे का हवाला देते हुए इनकार कर दिया, तो बिचौलिए ने कथित तौर पर अपने टेरेस पर जाकर एक सैटेलाइट फोन निकाला और सीधे दाऊद इब्राहिम को फोन लगा दिया। इसके बाद उसने फोन को स्पीकर मोड पर डाल दिया और दाऊद ने कथित तौर पर मोदी से कहा कि तुम हमारे दोस्त हो, सब कुछ भूल जाओ और अब सब ठीक हो गया है। इस डराने-धमकाने और जबरन सुलह की कोशिश के बावजूद, मोदी ने सिंडिकेट के साथ बात करने या सहयोग करने से साफ मना कर दिया।

हत्या की साजिशें और बेटे का अपहरण

सहयोग करने से मोदी के इनकार के परिणाम बहुत गंभीर और वैश्विक स्तर पर सामने आए। उन्होंने खुलासा किया कि इसके बाद प्रतिशोध की एक लहर शुरू हुई जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी। मुंबई पुलिस ने इन धमकियों के सबूत रिकॉर्ड किए थे और उन्हें जेड (Z) श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी, भले ही उन्होंने इसकी मांग नहीं की थी और मोदी ने अपने खिलाफ रची गई कई हत्या की साजिशों का विवरण दिया, जिसमें मुंबई में उनके घर के बाहर गोलीबारी की घटना और जोहान्सबर्ग में उन पर हमला करने की साजिश शामिल थी। केप टाउन में एक और साजिश का पता चला था और मोंटेनेग्रो में एक अलग प्रयास को क्रोएशियाई सीमा पर ही विफल कर दिया गया था। सबसे दुखद घटना उनके बेटे का लंदन की स्लोन स्ट्रीट से अपहरण था। मोदी ने अपहरणकर्ता की पहचान बाबा अविन नाम के व्यक्ति के रूप में की, जो पार्क स्ट्रीट पर रहता था, और कहा कि ये सभी घटनाएं उन पर दबाव बनाने के अंडरवर्ल्ड के अभियान का हिस्सा थीं।

दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट और क्रिकेट से अंतिम विदाई

ललित मोदी और अंडरवर्ल्ड के बीच दुश्मनी तब अपने चरम पर पहुंच गई जब उन्होंने आईपीएल के दूसरे सीजन को दक्षिण अफ्रीका में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। इस कदम से कथित तौर पर उन सट्टेबाजी सिंडिकेट्स को भारी वित्तीय नुकसान हुआ जिन्होंने इस धारणा पर भारी दांव लगाया था कि टूर्नामेंट रद्द हो जाएगा। सिंडिकेट्स ने इस बदलाव के लिए मोदी को जिम्मेदार ठहराया और अपने खोए हुए पैसे की भरपाई की मांग की। मोदी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने उनसे कभी ऐसा दांव लगाने के लिए नहीं कहा था और उनके नुकसान से उनका कोई लेना-देना नहीं था। यह टकराव तभी कम होना शुरू हुआ जब एक अन्य उच्च पदस्थ अंडरवर्ल्ड सदस्य, छोटा शकील ने एक लाइव साक्षात्कार में कहा कि ललित मोदी के साथ सभी विवाद सुलझा लिए गए हैं। मोदी ने समझाया कि क्रिकेट से हमेशा के लिए दूर रहने की उनकी व्यक्तिगत गारंटी ने ही अंततः उनकी जान बचाई। उन्होंने सवाल किया कि वह मीडिया, सरकार और जानलेवा अंडरवर्ल्ड के संयुक्त दबाव में खुद को क्यों रखते, जिसके कारण उन्होंने खेल से स्थायी रूप से संन्यास ले लिया।

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