वरुण धवन को अंधाधुन ठुकराने का पछतावा: कंगना रनौत के साथ करने वाले थे काम
वरुण धवन ने बताया कि वह अंधाधुन में कंगना रनौत के साथ काम करने वाले थे, लेकिन डेट्स की वजह से फिल्म छोड़ दी। बाद में फिल्म ने 440 करोड़ रुपये कमाए और 3 नेशनल अवॉर्ड जीते।
वरुण धवन ने साल 2012 में करण जौहर की फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' के जरिए बॉलीवुड में अपना पहला कदम रखा था। फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें अब 14 साल का लंबा समय हो चुका है। इन वर्षों के दौरान वरुण ने कई सुपरहिट फिल्में दी हैं, तो वहीं कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल भी रही हैं और इन दिनों वरुण धवन अपनी नई फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' को लेकर चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं, जो 5 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म को दर्शकों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। इसी बीच, वरुण धवन ने एक ऐसी फिल्म के नाम का खुलासा किया है जिसे न करने का मलाल उन्हें आज भी सताता है। वरुण को 8 साल पहले एक थ्रिलर फिल्म ऑफर हुई थी, जिसने रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था।
अंधाधुन के लिए पहली पसंद थे वरुण और कंगना
वरुण धवन ने हाल ही में तन्मय भट्ट के साथ एक बातचीत के दौरान उस फिल्म के बारे में विस्तार से बात की जिसे उन्होंने रिजेक्ट कर दिया था, लेकिन बाद में वह फिल्म क्रिटिकली और कमर्शियली एक बड़ी हिट साबित हुई। वरुण ने बताया कि वह फिल्म 'अंधाधुन' (2018) थी। वरुण ने साझा किया कि वह इस फिल्म का हिस्सा बनने वाले थे और उनके साथ कंगना रनौत मुख्य भूमिका में नजर आने वाली थीं। वरुण ने बताया कि उस समय वह किसी अन्य फिल्म की शूटिंग में व्यस्त थे और डेट्स की समस्याओं के कारण वह इस प्रोजेक्ट को समय नहीं दे पाए। वरुण के फिल्म छोड़ने के साथ ही कंगना रनौत भी इस प्रोजेक्ट से बाहर हो गईं। वरुण बताते हैं कि आज भी इस बेहतरीन फिल्म को न कर पाने का उन्हें गहरा पछतावा है।
बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने की रिकॉर्ड तोड़ कमाई
वरुण धवन और कंगना रनौत के इस प्रोजेक्ट से हटने के बाद, श्रीराम राघवन की इस क्राइम थ्रिलर में आयुष्मान खुराना, तब्बू और राधिका आप्टे ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। रिलीज के बाद इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। बजट की बात करें तो यह फिल्म मात्र 32 करोड़ रुपये में बनी थी, लेकिन इसने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़ते हुए 440 करोड़ रुपये से ज्यादा का शानदार कलेक्शन किया था। यह फिल्म उस साल की सबसे सफल फिल्मों में से एक बनकर उभरी और इसने भारतीय सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई।
तीन नेशनल अवॉर्ड्स से सम्मानित हुई फिल्म
अंधाधुन की सफलता केवल कमाई तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसे प्रतिष्ठित नेशनल अवॉर्ड्स से भी नवाजा गया। इस फिल्म ने कुल तीन नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किए, जिनमें बेस्ट हिंदी फिल्म, बेस्ट एक्टर (आयुष्मान खुराना) और बेस्ट एडेप्टेड स्क्रीनप्ले शामिल थे। फिल्म की कहानी एक म्यूजिशियन आकाश के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अंधा होने का नाटक करता है। उसकी जिंदगी में मोड़ तब आता है जब वह अपनी आंखों के सामने एक कत्ल होते हुए देख लेता है और बड़ी मुसीबत में फंस जाता है और वरुण धवन ने स्वीकार किया कि यह एक बेहतरीन फिल्म थी जिसे वह अपनी व्यस्तता के कारण नहीं कर सके।
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