सुनील गावस्कर ने अबरार अहमद की साइनिंग पर सनराइजर्स को दी चेतावनी
सुनील गावस्कर ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स द्वारा साइन किए जाने पर फ्रैंचाइजी को चेतावनी दी है।
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को इंग्लैंड की लीग 'द हंड्रेड' में सनराइजर्स फ्रैंचाइजी द्वारा साइन किए जाने पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आईपीएल 2026 के आगामी सीजन से पहले यह मामला चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि सनराइजर्स हैदराबाद की मालकिन काव्या मारन की टीम सनराइजर्स लीड्स ने हाल ही में हुए ऑक्शन में अबरार अहमद को अपनी टीम का हिस्सा बनाया है। गावस्कर ने इस फैसले को लेकर फ्रैंचाइजी मालिकों को आगाह करते हुए इसके संभावित सामाजिक और राजनीतिक प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
अबरार अहमद की साइनिंग और वित्तीय विवरण
90 lakh की बड़ी राशि में खरीदा है। इस टीम का स्वामित्व उसी समूह के पास है जो आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद का संचालन करता है। इस सौदे के सार्वजनिक होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर भारतीय प्रशंसकों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। प्रशंसकों ने काव्या मारन और उनकी फ्रैंचाइजी के इस फैसले पर असंतोष व्यक्त किया है जिसके बाद सुनील गावस्कर ने अपने कॉलम के माध्यम से इस पर विस्तार से टिप्पणी की है।
सुरक्षा और वित्तीय चिंताओं पर गावस्कर का रुख
सुनील गावस्कर ने अपने लेख में 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद की स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय फ्रैंचाइजी आमतौर पर पाकिस्तानी खिलाड़ियों से दूरी बनाए रखती हैं। उनके अनुसार जब किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को भुगतान किया जाता है और वह अपने देश में कर का भुगतान करता है तो वह पैसा अप्रत्यक्ष रूप से उन गतिविधियों में जा सकता है जो भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं। गावस्कर ने तर्क दिया कि भले ही यह भुगतान एक विदेशी लीग के माध्यम से हो रहा है लेकिन चूंकि फ्रैंचाइजी के मालिक भारतीय हैं इसलिए यह निर्णय अत्यंत संवेदनशील हो जाता है।
प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ की भूमिका
पूर्व भारतीय कप्तान ने टीम के मुख्य कोच डेनियल विटोरी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। गावस्कर के अनुसार न्यूजीलैंड से ताल्लुक रखने वाले विटोरी शायद भारत और पाकिस्तान के बीच के जटिल राजनीतिक और भावनात्मक संदर्भ को पूरी तरह से नहीं समझ सकते हैं और हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि फ्रैंचाइजी मालिकों को इस स्थिति की गंभीरता को समझना चाहिए था और इस खरीद प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना चाहिए था। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रबंधन को ऐसे फैसलों के दूरगामी परिणामों पर विचार करना आवश्यक है।
भारतीय प्रशंसकों के विरोध की संभावना
गावस्कर ने चेतावनी दी है कि इस फैसले के कारण सनराइजर्स हैदराबाद की टीम को आगामी आईपीएल सीजन में भारतीय प्रशंसकों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मैदान पर टीम के प्रदर्शन के साथ-साथ दर्शकों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है और यह भी संभव है कि प्रशंसक टीम के मैचों से दूरी बना लें। उनके अनुसार प्रशंसकों की भावनाओं को नजरअंदाज करना फ्रैंचाइजी के ब्रांड मूल्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
ऐतिहासिक संदर्भ और वर्तमान स्थिति
रिपोर्ट्स के अनुसार गावस्कर ने स्पष्ट किया कि भारतीय क्रिकेट जगत में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी हमेशा से एक संवेदनशील मुद्दा रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि अभी भी समय है कि फ्रैंचाइजी अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करे और सही निर्णय ले। अबरार अहमद की साइनिंग ने न केवल खेल जगत में बल्कि कूटनीतिक हलकों में भी चर्चा छेड़ दी है क्योंकि यह सीधे तौर पर भारतीय स्वामित्व वाली टीम से जुड़ा मामला है।
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