हिजबुल्लाह का बड़ा ऐलान: इजराइली कब्जे के खिलाफ शुरू करेगा 1980 वाले सुसाइड ऑपरेशन

हिजबुल्लाह ने इजराइली कब्जे के खिलाफ 1980 के दशक की सुसाइड ऑपरेशन रणनीति फिर से शुरू करने का ऐलान किया है। जानें लेबनान में जारी संघर्ष और मानवीय संकट की पूरी जानकारी।

Apr 27, 2026 - 21:35
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हिजबुल्लाह का बड़ा ऐलान: इजराइली कब्जे के खिलाफ शुरू करेगा 1980 वाले सुसाइड ऑपरेशन

हिजबुल्लाह ने इजराइली कब्जे के जवाब में 1980 के दशक की अपनी घातक आत्मघाती रणनीति (Suicide Tactics) को फिर से अपनाने पर विचार शुरू कर दिया है। 2 मिलियन लोग विस्थापित हुए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लेबनान में सीजफायर के ऐलान के बावजूद, जमीनी हकीकत यह है कि यह सीजफायर इतना कमजोर है कि दोनों पक्षों के बीच हमले निरंतर जारी हैं। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि उन्होंने हिजबुल्लाह को काफी कमजोर कर दिया है, लेकिन अब हिजबुल्लाह उसी रणनीति की ओर लौट रहा है जिसने 1980 के दशक में भारी तबाही मचाई थी।

सुसाइड स्क्वॉड की सक्रियता और 1980 की रणनीति

हिजबुल्लाह के एक वरिष्ठ नेता ने अल जज़ीरा अरबी से बातचीत में स्पष्ट किया कि संगठन कब्जे वाले लेबनानी इलाकों में सुसाइड ऑपरेशन की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह एक बार फिर 1980 के दशक की अपनी पुरानी युद्ध तकनीकों पर लौटेगा और इजराइली सेना को लेबनानी जमीन पर पैर जमाने से रोकने के लिए अपने सुसाइड स्क्वॉड को सक्रिय करेगा। सूत्रों के अनुसार, सुसाइड बॉम्बर्स के बड़े समूह पहले से तैयार योजना के तहत दक्षिणी लेबनान के उन हिस्सों में तैनात किए गए हैं जो वर्तमान में इजराइल के नियंत्रण में हैं।

इजराइली सैनिकों को निशाना बनाने का मिशन

इन सुसाइड बॉम्बर्स का मुख्य मिशन कब्जे वाले लेबनानी गांवों में मौजूद इजराइली अधिकारियों और सैनिकों के साथ सीधा मुकाबला करना है। हिजबुल्लाह का मानना है कि सुसाइड बॉम्बर्स के सक्रिय होने से इजराइली सेना में हताहतों की संख्या में भारी वृद्धि होगी, जिससे इजराइल को मजबूरन लेबनानी गांवों से पीछे हटना पड़ सकता है। यह रणनीति इजराइली सेना के मनोबल को तोड़ने और उन्हें सीमावर्ती क्षेत्रों से खदेड़ने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

मानवीय संकट और 'येलो लाइन' का निर्माण

इजराइल द्वारा 2 मार्च से अब तक किए गए हमलों में लेबनान के लगभग 2,500 लोग मारे गए हैं, जिनमें पत्रकार और डॉक्टर भी शामिल हैं। 2 मिलियन से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। इजराइल के दावे वाले इस बफर जोन के भीतर रहने वाले लोगों को उनके घरों में लौटने की अनुमति नहीं दी जा रही है और सेना ने वहां कई घरों और गांवों को ध्वस्त कर दिया है।

गाजा में सीजफायर के बाद इजराइल और लेबनान के बीच संघर्ष कुछ समय के लिए थमा था, लेकिन 28 फरवरी को इजराइली हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत ने स्थिति को फिर से भड़का दिया। इसके बाद हिजबुल्लाह ने ईरान के साथ मिलकर इजराइल पर समन्वित हमले किए और 2 मार्च से इजराइल ने लेबनान पर अपने हमले फिर से शुरू कर दिए हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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