अमृतसर एयरपोर्ट के पास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि, सुरक्षा कारणों से 3 फ्लाइट्स डायवर्ट
अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार रात संदिग्ध ड्रोन दिखने के बाद सुरक्षा कारणों से तीन उड़ानों को डायवर्ट किया गया।
पंजाब के अमृतसर में स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार की देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब हवाई अड्डे के पास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखी गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने तुरंत रनवे के संचालन को कुछ समय के लिए रोक दिया, जिसके कारण अमृतसर आने वाली तीन महत्वपूर्ण उड़ानों को अन्य शहरों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। यह घटना रात के समय हुई जब हवाई अड्डे के आसपास के संवेदनशील इलाकों में अज्ञात उड़ने वाली वस्तुओं को देखा गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। हवाई अड्डे के पास इस तरह की गतिविधि सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
ड्रोन गतिविधि और शुरुआती सूचना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 9 बजे राजासांसी के नजदीकी गांव में ड्रोन जैसी संदिग्ध गतिविधि देखे जाने की सूचना मिली थी। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट परिसर और उसके आसपास के आसमान में 2 से 3 संदिग्ध ड्रोन जैसी वस्तुएं उड़ती हुई दिखाई दी थीं। इन वस्तुओं के दिखने के बाद हवाई अड्डे पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राजासांसी गांव की हवाई अड्डे से निकटता को देखते हुए किसी भी हवाई गतिविधि को एक गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना गया। सुरक्षा कारणों को सर्वोपरि रखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तुरंत उड़ानों के उतरने पर रोक लगा दी और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजने का निर्णय लिया।
प्रभावित उड़ानें और डायवर्जन का विवरण
ड्रोन की इस संदिग्ध गतिविधि के कारण कुल 3 उड़ानों के मार्ग में बदलाव किया गया। इसमें पहली उड़ान एयर इंडिया की थी, जो दिल्ली से अमृतसर आ रही थी। फ्लाइट नंबर AI-855 को सुरक्षा कारणों से वापस दिल्ली भेज दिया गया। दूसरी उड़ान इंडिगो की थी, जो मुंबई से अमृतसर आ रही थी और फ्लाइट नंबर 6E-5028 को चंडीगढ़ की ओर डायवर्ट किया गया, जिसकी पुष्टि चंडीगढ़ हवाई अड्डे के प्रबंधक ने भी की है। तीसरी उड़ान अंतरराष्ट्रीय थी, जो मलेशिया एयरलाइंस की थी। कुआलालंपुर से अमृतसर आ रही फ्लाइट नंबर MH-118 को दिल्ली के लिए डायवर्ट कर दिया गया। इन 3 उड़ानों के डायवर्जन के कारण यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाना अनिवार्य था।
सुरक्षा जांच और सेवाओं की बहाली
इस पूरी घटना की शुरुआत तब हुई जब रविवार रात करीब 9 बजकर 30 मिनट पर एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने एयरपोर्ट परिसर और बाहर के आसमान में 2 से 3 संदिग्ध वस्तुओं को उड़ते हुए देखा। जवानों ने बिना देरी किए इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी और इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की गहन समीक्षा की और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया पूरी की। सीआईएसएफ के जवानों ने इन वस्तुओं की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे बुनियादी ढांचे के लिए कोई सीधा खतरा तो नहीं हैं। स्थिति पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद, रात करीब 10 बजकर 15 मिनट पर हवाई सेवाओं को फिर से सामान्य कर दिया गया। इसके बाद ही अन्य उड़ानों का आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो सका।
सितंबर में भी हुई थी ऐसी ही घटना
अमृतसर एयरपोर्ट पर ड्रोन दिखने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले पिछले महीने सितंबर में भी श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इसी तरह की संदिग्ध ड्रोन गतिविधि देखी गई थी और उस समय भी एहतियात के तौर पर कई उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा था। सितंबर की उस घटना में एयरपोर्ट के ऑपरेशनल एरिया में 2 से 4 संदिग्ध ड्रोन देखे गए थे। रनवे के आसपास संदिग्ध गतिविधि दिखते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने अलर्ट जारी किया था और सुरक्षा के मद्देनजर अमृतसर आने वाली 7 उड़ानों को दिल्ली और चंडीगढ़ के लिए डायवर्ट किया गया था। बार-बार हो रही इन घटनाओं ने, जिसमें सितंबर में 2 से 4 ड्रोन और इस रविवार को 2 से 3 ड्रोन शामिल थे, हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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