अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक पुलों को बनाया निशाना: जवाब में बहरीन कुवैत और जॉर्डन पर बरसी मिसाइलें

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध तेज हो गया है। अमेरिका ने ईरान के पुलों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर मिसाइलें दागीं।

Jul 17, 2026 - 09:35
 0  0
अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक पुलों को बनाया निशाना: जवाब में बहरीन कुवैत और जॉर्डन पर बरसी मिसाइलें

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष एक बार फिर विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई नए और रणनीतिक इलाकों में जोरदार हवाई हमले किए हैं, जिसमें विशेष रूप से पुलों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इस कार्रवाई के जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागकर युद्ध का दायरा बढ़ा दिया है। चूंकि बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं, इसलिए इन हमलों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के अनुसार, दक्षिणी होर्मोज़गान प्रांत में पुलों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में कम से कम 3 लोगों की जान चली गई है। यह संघर्ष अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले रहा है।

ईरानी बुनियादी ढांचे पर अमेरिकी हमलों का विवरण

गुरुवार को अमेरिकी सेना ने अपने हमलों का दायरा बढ़ाते हुए ईरान के परिवहन नेटवर्क को पंगु बनाने की कोशिश की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उसने ग्रेटर तुंब द्वीप पर ईरान के रक्षा और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया। यह द्वीप फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संगम पर स्थित है और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 1971 में ईरान ने इन द्वीपों पर कब्जा कर लिया था, जिससे उसे होर्मुज पर नियंत्रण मिलता है। इसके अलावा, अमेरिकी सेना ने एक ऐसे जहाज पर भी हमला किया जो कथित तौर पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तोड़ने का प्रयास कर रहा था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। इस बार हमलों की गूंज राजधानी तेहरान के आसपास के इलाकों में भी सुनी गई, जो अमेरिकी कार्रवाई के विस्तार का संकेत है।

हताहतों की संख्या और प्रभावित क्षेत्र

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी हमलों ने तेहरान, सेमनान प्रांत, हमदान, होर्मोज़गान, खुज़ेस्तान, लोरेस्तान, मरकज़ी, सिस्तान-बलूचिस्तान और क़ेश्म द्वीप को अपना निशाना बनाया। सेमनान प्रांत को ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन और अंतरिक्ष कार्यक्रम का मुख्य केंद्र माना जाता है, इसलिए यहां हमला रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। बंदर अब्बास के अल्लाह-अकबर हिल रिहायशी इलाके पर हुए हमले में 7 लोग घायल हुए हैं। वहीं बंदर अब्बास रेलवे जंक्शन पर हुए हमले में 2 अन्य लोग घायल हो गए। शहर के पश्चिम में स्थित 2 पुलों पर हुए हमले में 3 लोगों की मौत और 9 लोगों के घायल होने की आधिकारिक जानकारी दी गई है। इन हमलों से ईरान के भीतर नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर ईरानी पलटवार

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने गुरुवार को बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन देशों की सरकारों ने हमलों की पुष्टि की है, हालांकि किसी बड़े नुकसान या हताहत होने की तत्काल जानकारी नहीं दी गई है। इसी बीच इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने उत्तरी कुर्द क्षेत्र में हुए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की। अधिकारियों के अनुसार, इस ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया गया था और यह घटना उस समय हुई जब इराकी प्रधानमंत्री अमेरिका की यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने ईरान समर्थित समूहों सहित गैर-सरकारी हथियारबंद संगठनों को निरस्त्र करने की दिशा में काम करने की बात कही थी। इन हमलों ने क्षेत्र के अन्य देशों को भी इस युद्ध में खींच लिया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की जंग

पिछले महीने युद्ध रोकने के लिए हुआ अंतरिम युद्धविराम अब पूरी तरह से टूट चुका है। इसके बाद से अमेरिका और ईरान लगातार एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। यह पूरा संघर्ष मुख्य रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर है। जब अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था, तब ईरान ने प्रभावी रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए बंद कर दिया था। इसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया और ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने का मौका मिला। ईरानी सेना के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वॉर्टर के प्रवक्ता कर्नल इब्राहिम ज़ोल्फाघारी ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमले जारी रखता है, तो ईरान पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे पर व्यापक हमले कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि होर्मुज में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर संकट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि शांति समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है, लेकिन जमीनी हालात इसके विपरीत हैं। अमेरिका ने बुधवार को ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लागू कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि उसने नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे 3 व्यावसायिक जहाजों का रास्ता बदल दिया, एक जहाज को निष्क्रिय किया और एक अन्य की जांच की। समुद्री डेटा कंपनी लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के अनुसार, महीने की शुरुआत में ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले साप्ताहिक मालवाहक जहाजों की संख्या लगभग 25 प्रतिशत घट गई थी। हाल के हमलों के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है। बढ़ते खतरे को देखते हुए कई तेल टैंकर अपने लोकेशन इक्विपमेंट्स बंद करके यात्रा कर रहे हैं, जबकि कई जहाज फिलहाल समुद्र में ही रुके हुए हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow