अमेरिका ने भारत चीन और रूस की संस्थाओं पर लगाए कड़े प्रतिबंध ईरान को मदद का आरोप

अमेरिका ने भारत, चीन और रूस की 6 संस्थाओं पर ईरान की IRGC और महान एयर को सैन्य सहायता देने के आरोप में प्रतिबंध लगाए हैं।

Jul 31, 2026 - 09:35
 0  0
अमेरिका ने भारत चीन और रूस की संस्थाओं पर लगाए कड़े प्रतिबंध ईरान को मदद का आरोप

संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने आर्थिक दबाव को और अधिक कड़ा करते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी प्रशासन ने गुरुवार को भारत, चीन, रूस और ईरान में स्थित छह संस्थाओं और व्यक्तियों पर नए और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा की है। इन सभी पर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और उसकी पसंदीदा एयरलाइन, महान एयर को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। वाशिंगटन का स्पष्ट मानना है कि यह नेटवर्क ईरान की सैन्य और खुफिया गतिविधियों को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने में मदद कर रहा था।

महान एयर और IRGC के बीच का गठजोड़

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, महान एयर लंबे समय से केवल एक वाणिज्यिक एयरलाइन के रूप में कार्य नहीं कर रही है, बल्कि यह IRGC-कुद्स फोर्स के लिए एक रणनीतिक उपकरण के रूप में काम कर रही है। इस एयरलाइन पर आरोप है कि यह विभिन्न देशों में हथियारों, सैन्य हार्डवेयर और IRGC के कर्मियों की आवाजाही को सुगम बनाती है और गुरुवार को घोषित किए गए प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य उन कड़ियों को तोड़ना है जो इस एयरलाइन को लॉजिस्टिक और वित्तीय सहायता प्रदान कर रही थीं। अमेरिका का कहना है कि इन संस्थाओं की मदद के बिना महान एयर के लिए अपनी संदिग्ध गतिविधियों को जारी रखना कठिन होगा।

खुफिया जानकारी और सैन्य टारगेटिंग के आरोप

इन प्रतिबंधों के दायरे में IRGC से जुड़ी एक ऐसी विशिष्ट संस्था भी शामिल है, जिस पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। अमेरिकी और इजराइली सैन्य हार्डवेयर की लोकेशन के बारे में खुफिया जानकारी इकट्ठा करने का आरोप इस संस्था पर लगाया गया है। इसके अलावा, यह भी कहा गया है कि इस संस्था ने मौजूदा संघर्षों के दौरान ईरानी सेना को सैन्य लक्ष्य यानी टारगेट तय करने में सक्रिय रूप से मदद की है। यह जानकारी दर्शाती है कि कैसे ये संस्थाएं ईरान की युद्धक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए पर्दे के पीछे से काम कर रही थीं।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी का कड़ा रुख

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने इस कार्रवाई पर अपना आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग IRGC या महान एयर को किसी भी प्रकार का कमर्शियल, लॉजिस्टिकल या फाइनेंशियल सपोर्ट देते हैं, वे वास्तव में एक आतंकवादी संगठन को बनाए रखने और उसे मजबूत करने में मदद कर रहे हैं और बेसेंट ने संकल्प लिया कि तेहरान के खिलाफ आर्थिक दबाव को धीरे-धीरे और बढ़ाया जाएगा ताकि उसकी अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके। यह कदम बुधवार को 8 तेल टैंकरों और 10 कॉर्पोरेट संस्थाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों की निरंतरता में उठाया गया है।

होर्मुज सेफ प्रोग्राम और जबरन वसूली का खेल

अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा साझा की गई जानकारी में एक चौंकाने वाले प्रोग्राम का खुलासा हुआ है जिसे होर्मुज सेफ प्रोग्राम का नाम दिया गया है। जांच में पता चला है कि टारगेट की गई कई कंपनियां IRGC द्वारा चलाए जा रहे एक जबरन वसूली कार्यक्रम में शामिल थीं। इस कार्यक्रम के तहत, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को अनिवार्य रूप से समुद्री बीमा खरीदना पड़ता था। यह सिस्टम ईरान के मुख्य बीमा रेगुलेटर द्वारा शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य उन जोखिमों को कवर करना था जो खुद ईरान की वजह से पैदा होते थे, जैसे कि जहाजों पर हमले। इस बीमा से होने वाली कमाई का इस्तेमाल ईरानी सरकार के कामकाज और सैन्य खर्चों को फंड करने के लिए किया जाता था।

प्रतिबंधों का व्यापक दायरा

ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) के आधिकारिक नोटिस के अनुसार, बुधवार को जिन छह कमर्शियल कंपनियों को इस सूची में शामिल किया गया, उनका मुख्यालय चीन में स्थित था। ट्रेजरी ने यह भी महत्वपूर्ण जानकारी दी है कि OFAC ने जनवरी से लेकर अब तक 100 से ज्यादा समुद्री जहाजों को अपनी प्रतिबंध सूची में शामिल किया है। यह आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका कितनी सघनता से ईरान के समुद्री और हवाई व्यापारिक मार्गों की निगरानी कर रहा है ताकि उसकी सैन्य शक्ति को मिलने वाली आर्थिक मदद को पूरी तरह से रोका जा सके।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow