अमेरिकी डेटा लीक: रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ समेत 15 करोड़ नागरिकों का डेटा डार्क वेब पर

अमेरिका में 15 करोड़ नागरिकों और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का डेटा लीक। एफबीआई ने डार्क वेब पर आईडी और यात्रा दस्तावेजों की बिक्री की जांच शुरू की।

Sep 3, 2026 - 16:35
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अमेरिकी डेटा लीक: रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ समेत 15 करोड़ नागरिकों का डेटा डार्क वेब पर

संयुक्त राज्य अमेरिका में एक अत्यंत गंभीर सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है जिसमें 15 करोड़ अमेरिकी नागरिकों का व्यक्तिगत डेटा लीक हो गया है। इस घटना ने पूरे अमेरिका में हड़कंप मचा दिया है क्योंकि यह डेटा अब डार्क वेब पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। इस विशाल डेटा लीक में केवल आम नागरिक ही नहीं बल्कि देश के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ जैसी महत्वपूर्ण हस्तियों की जानकारी भी शामिल है। इस पूरे मामले का खुलासा प्रसिद्ध पत्रकार ब्रायन क्रेब्स ने किया है जिसके बाद अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। क्रेब्स ने बताया कि इस डार्क वेब सर्विस पर उनका खुद का डेटा भी बिक्री के लिए सूचीबद्ध किया गया था।

शीर्ष अधिकारियों का डेटा भी हुआ सार्वजनिक

इस डेटा लीक की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और एफबीआई के एक सहायक निदेशक का डेटा भी शामिल है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार यह संवेदनशील जानकारी रूस से जुड़ी वेबसाइटों पर बेची जा रही थी। लीक हुए डेटा में ड्राइविंग लाइसेंस, ट्रेवल डॉक्यूमेंट्स और विभिन्न पहचान पत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस डेटा को किसने खरीदा है और इसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जा सकता है लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है।

रूसी साइबर अपराध फोरम पर विज्ञापन

डेटा बेचे जाने का खुलासा तब हुआ जब रूसी साइबर अपराध फोरम 'एक्सप्लॉइट' पर 'नेक्सस' नामक एक यूजर द्वारा विज्ञापन जारी किया गया। इस विज्ञापन में 15 करोड़ अमेरिकियों का डेटा बिक्री के लिए पेश किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार कुछ लोगों ने इस डेटा को खरीदा भी है लेकिन इसकी सटीक मात्रा के बारे में अभी जानकारी उपलब्ध नहीं है। पत्रकार ब्रायन क्रेब्स के मुताबिक इस लीक का दायरा केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें कनाडा के 11 लाख लोगों का डेटा भी शामिल है। एफबीआई ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान नहीं दिया है और उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

लीक हुए डेटा का विस्तृत विवरण

एक्सप्लॉइट फोरम पर जो डेटा लिस्ट किया गया था उसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें 1 करोड़ से अधिक पहचान पत्र, 30 लाख से ज्यादा यात्रा दस्तावेज और कम से कम 579000 मेडिकल कार्ड शामिल थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में ड्राइविंग लाइसेंस भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए थे। डेटा बेचने वालों का दावा है कि यह पूरी तरह से नवीनतम डेटा है जिसे उन्होंने पिछले एक साल के दौरान विभिन्न स्रोतों से चोरी करके इकट्ठा किया है और हालांकि मामले के सार्वजनिक होने और जांच शुरू होने के बाद इस डेटा को डार्क वेब सर्विस से हटा दिया गया है लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा पहले ही कई हाथों में जा चुका होगा।

डेटा लीक के संभावित स्रोत और सुरक्षा चूक

इतने बड़े पैमाने पर डेटा लीक कैसे हुआ इसकी जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। सुरक्षा और गोपनीय विषयों पर शोध करने वाले शोधकर्ता जैक एडवर्ड्स का डेटा भी इस लीक में शामिल था। एडवर्ड्स ने बताया कि उन्होंने एक बार कार खरीदने के लिए एक कार कंपनी को अपनी जानकारी दी थी। उन्होंने वहां से कार तो नहीं खरीदी लेकिन उनकी वह जानकारी इस लीक हुए डेटा का हिस्सा बन गई। net जो डॉक्यूमेंट स्कैनिंग का काम करती है वहां से भी बड़े पैमाने पर डेटा लीक होने की बात सामने आई है। कंपनी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक जांच कराने का आश्वासन दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा में चूक कहां हुई।

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