सत्येंद्र जैन को मिली जमानत: दिल्ली जल बोर्ड एसटीपी घोटाले में बड़ी राहत

दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को राउज एवेन्यू कोर्ट से जमानत मिल गई है। जानें क्या है पूरा मामला।

Sep 3, 2026 - 15:35
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सत्येंद्र जैन को मिली जमानत: दिल्ली जल बोर्ड एसटीपी घोटाले में बड़ी राहत

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन के लिए कानूनी मोर्चे पर एक बड़ी राहत की खबर आई है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और टेंडर में अनियमितताओं के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को जमानत दे दी है। सत्येंद्र जैन को दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने इस घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे थे।

जमानत की शर्तें और अदालती कार्यवाही

सुनवाई के दौरान राउज एवेन्यू कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को 2 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने उन्हें 2 लाख रुपये के दो श्योरिटी (जमानतदार) भी जमा करने का निर्देश दिया है। अदालत में सुनवाई के दौरान सत्येंद्र जैन की ओर से वरिष्ठ वकील एन हरिहरन ने मजबूती से अपना पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के 27 महीने बाद गिरफ्तारी की गई है। वकील ने यह भी बताया कि इस लंबी अवधि के दौरान उनके मुवक्किल को केवल एक बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था और जब उन्हें दूसरी बार बुलाया गया, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

बचाव पक्ष और एसीबी की दलीलें

सत्येंद्र जैन के वकील ने अदालत को बताया कि इस मामले से जुड़ी सभी सामग्री दस्तावेजी प्रकृति की है। उन्होंने तर्क दिया कि जांच एजेंसियों ने पहले ही सभी प्रासंगिक दस्तावेजों और सामग्रियों को अपने कब्जे में ले लिया है, इसलिए सबूतों के साथ छेड़छाड़ की कोई गुंजाइश नहीं है। इसके विपरीत, भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने जमानत का कड़ा विरोध किया। एसीबी ने अदालत में आरोप लगाया कि सत्येंद्र जैन एक आदतन अपराधी हैं और जमानत अर्जी पर फैसला करते समय इस पहलू को ध्यान में रखा जाना चाहिए। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जैन को राहत देने का फैसला किया।

गिरफ्तारी का विवरण और अन्य आरोपी

एसीबी ने इस मामले में गहन जांच के बाद 18 अगस्त 2026 को सत्येंद्र जैन सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में उदित प्रकाश राय (IAS और दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO), अंकित श्रीवास्तव (दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट), नागेंद्र यादव (M/s AN एंटरप्राइजेज के मालिक), राजा कुमार कुर्रा (M/s यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक) और पंकज वर्मा (M/s सृजनहार के मालिक) शामिल हैं। एसीबी के अनुसार, इन सभी की गिरफ्तारी जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजी, इलेक्ट्रॉनिक और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर की गई थी।

एफआईआर और कानूनी धाराएं

यह पूरा मामला एफआईआर संख्या 10/2024 से संबंधित है, जो 11 मई 2024 को दर्ज की गई थी। इस मामले की शुरुआत दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के बाद हुई थी। एफआईआर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 409, 418 और 120-B के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच का मुख्य केंद्र दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी टेंडर में हुई कथित धांधली और भ्रष्टाचार है, जिसमें अब सत्येंद्र जैन को अदालत से जमानत मिल गई है।

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