इजराइल चुनाव में नेतन्याहू का साथ छोड़ेंगे ट्रंप, सर्वे में हार की आशंका से बदला फैसला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अक्टूबर 2026 के इजराइल चुनावों में बेंजामिन नेतन्याहू का समर्थन नहीं करने का फैसला किया है। सर्वे में नेतन्याहू की हार की संभावना और नीतिगत

Aug 14, 2026 - 18:35
 0  1
इजराइल चुनाव में नेतन्याहू का साथ छोड़ेंगे ट्रंप, सर्वे में हार की आशंका से बदला फैसला

अंतरराष्ट्रीय राजनीति के गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को एक बड़ा झटका देने का मन बना लिया है। जून 2026 में डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए थे कि वे इजराइल चुनाव में नेतन्याहू का समर्थन कर सकते हैं, लेकिन अब दो महीने बीत जाने के बाद भी इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ताजा जानकारी के अनुसार, ट्रंप ने इजराइल के प्री-पोल सर्वे के नतीजों को देखने के बाद अपना मूड पूरी तरह से बदल लिया है और वे अब नेतन्याहू के साथ खड़े होते नहीं दिख रहे हैं।

वाशिंगटन दौरे पर मिला संकेत

अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, जब बेंजामिन नेतन्याहू पिछले दिनों वाशिंगटन के दौरे पर थे, तब व्हाइट हाउस में एक बंद कमरे में ट्रंप के साथ उनकी महत्वपूर्ण बैठक हुई थी और इस बैठक के दौरान ट्रंप ने सीधे तौर पर नेतन्याहू से उनकी चुनावी स्थिति के बारे में सवाल किया था। ट्रंप ने पूछा था कि क्या आप आगामी चुनाव जीत रहे हैं? इस सवाल पर नेतन्याहू पूरी तरह से खामोश हो गए। हालांकि बैठक में मौजूद अन्य सहयोगियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और कहा कि नेतन्याहू जीत सकते हैं, लेकिन खुद प्रधानमंत्री की चुप्पी ने ट्रंप को सोचने पर मजबूर कर दिया। इसी के बाद व्हाइट हाउस की तरफ से यह संदेश दे दिया गया कि ट्रंप आगामी आम चुनाव में उनका समर्थन नहीं करेंगे। इजराइल में आम चुनाव अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित हैं।

प्री-पोल सर्वे में पिछड़ते नेतन्याहू

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल में चुनाव को लेकर अब तक जितने भी प्री-पोल सर्वे सामने आए हैं, उन सभी में नेतन्याहू की स्थिति काफी कमजोर दिखाई दे रही है और नेतन्याहू सरकार बनाने के लिए आवश्यक 61 वोटों के आंकड़े से काफी पीछे चल रहे हैं। इसके विपरीत, आइजेनकोट, यायर लैपिड और नफ्ताली बैनेट की लोकप्रियता में भारी इजाफा देखा गया है। कई सर्वे में तो आइजनकोट को प्रधानमंत्री पद के लिए सबसे लोकप्रिय उम्मीदवार बताया गया है, जबकि नेतन्याहू इन सभी प्रतिद्वंद्वियों से काफी पीछे हैं। ट्रंप इजराइल की जनता के मूड के खिलाफ जाकर कोई ऐसा फैसला नहीं लेना चाहते जिससे उनके खुद के राजनीतिक भविष्य पर कोई आंच आए।

नीतियों पर मतभेद और पिछला रिकॉर्ड

ट्रंप और नेतन्याहू के बीच केवल चुनावी आंकड़ों को लेकर ही नहीं, बल्कि नीतियों को लेकर भी मतभेद हैं। ट्रंप व्यक्तिगत तौर पर नेतन्याहू को पसंद करने के बावजूद उनकी लेबनान नीति से खुश नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर, नेतन्याहू ट्रंप के गाजा पीस प्लान का समर्थन नहीं कर रहे हैं। ट्रंप ने एक बार यहां तक कह दिया था कि अगर वे चाहेंगे तो बीबी (नेतन्याहू) बर्बाद हो जाएंगे और इसके अलावा, ट्रंप का पिछला चुनावी समर्थन का रिकॉर्ड भी काफी खराब रहा है। उन्होंने हंगरी चुनाव में विक्टर ऑर्बन का समर्थन किया था और जेडी वेंस को प्रचार के लिए भेजा था, लेकिन ऑर्बन हार गए। जर्मनी में एएफडी और कनाडा में भी ट्रंप के समर्थित उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में ट्रंप को डर है कि अगर इजराइल में भी ऐसा ही हुआ, तो इसका सीधा असर अमेरिका और इजराइल के भविष्य के रिश्तों पर पड़ेगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow