महुआ मोइत्रा ने चुनाव आयोग की DG IT सीमा खन्ना के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने वोटर लिस्ट में हेरफेर के आरोप में चुनाव आयोग की डीजी आईटी सीमा खन्ना के खिलाफ पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत दी है।

Oct 1, 2026 - 12:35
 0  0
महुआ मोइत्रा ने चुनाव आयोग की DG IT सीमा खन्ना के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने भारतीय चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ अपनी कानूनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। गुरुवार को महुआ मोइत्रा नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचीं और चुनाव आयोग की आईटी महानिदेशक (DG IT) सीमा खन्ना के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए औपचारिक शिकायत सौंपी। इस शिकायत में उन्होंने सीमा खन्ना पर गंभीर आरोप लगाए हैं और पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। यह कदम चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर विपक्ष के बढ़ते अविश्वास को दर्शाता है।

पुलिस की जांच और समय सीमा

शिकायत मिलने के बाद पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के एसएचओ ने स्पष्ट किया कि वे सीधे एफआईआर दर्ज करने के बजाय पहले इस पूरे मामले की गहन जांच करेंगे। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में 5 तारीख तक का समय मांगा है ताकि यह देखा जा सके कि एफआईआर दर्ज करने के लिए कोई पर्याप्त और मजबूत कानूनी आधार बनता है या नहीं। महुआ मोइत्रा ने मीडिया को बताया कि वे इस मामले की आगे की जानकारी लेने और पुलिस की कार्रवाई की प्रगति देखने के लिए 6 तारीख को दोबारा थाने आएंगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त पर पिछले आरोप

यह पहली बार नहीं है जब महुआ मोइत्रा ने चुनाव आयोग के किसी शीर्ष अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोला है और इससे पहले उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महुआ मोइत्रा चुनाव आयोग पर लगातार हमलावर रही हैं और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को देशद्रोही तक कह दिया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से वोट चोरी के दावों पर माफी मांगने या एफिडेविट फाइल करने को कहा था, लेकिन अब यह साबित हो रहा है कि आयोग के अपने ही अधिकारी इस मामले में संदिग्ध हैं।

विवाद का मुख्य कारण: SIR वोटर लिस्ट और ECINet

इस पूरे विवाद की मुख्य वजह एसआईआर (SIR) वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सीमा खन्ना ने चुनाव आयोग के डिजिटल और आईटी सिस्टम, जिसे ईसीआईनेट (ECINet) कहा जाता है, का इस्तेमाल करके मतदाता सूची के डेटा में बदलाव किए। आरोप है कि ये डिजिटल बदलाव और कथित हेरफेर स्थानीय अधिकारियों को बिना बताए किए गए और विपक्ष का कहना है कि स्थानीय स्तर पर तैनात अधिकारियों को इस प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं दी गई, जो कि नियमों का उल्लंघन है।

लाखों मतदाताओं पर पड़ा असर

विपक्ष का दावा है कि इस डिजिटल बदलाव और कथित हेरफेर की वजह से देश भर में लाखों वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कट गए। यह आरोप लगाया गया है कि ईसीआईनेट सिस्टम के माध्यम से किए गए इन बदलावों ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित किया है। महुआ मोइत्रा की इस शिकायत ने अब चुनाव आयोग के भीतर के तकनीकी कामकाज और डेटा की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। विपक्ष का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों से लोकतंत्र की बुनियादी प्रक्रिया को नुकसान पहुंच रहा है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow