ईरान अमेरिका तनाव कम होने के बाद इराक ने शुरू किया तेल उत्पादन, क्या घटेंगे दाम?

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बाद इराक ने तेल उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है। इराक अगले दो महीनों में उत्पादन को युद्ध से पहले के स्तर पर ले जाएगा।

Jun 21, 2026 - 09:35
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ईरान अमेरिका तनाव कम होने के बाद इराक ने शुरू किया तेल उत्पादन, क्या घटेंगे दाम?

मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव में कमी आने के संकेतों के बावजूद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अभी तक कोई बड़ी गिरावट दर्ज नहीं की गई है। बाजार विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि जब तक हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाती और प्रमुख उत्पादक देशों में उत्पादन पूर्ववत नहीं हो जाता, तब तक कीमतों में बड़ी राहत मिलना मुश्किल है। इस पूरे संकट का सबसे गहरा असर इराक पर पड़ा है, जो दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में से एक है और जिसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह तेल पर टिकी है।

हॉर्मुज स्ट्रेट और आपूर्ति में बाधा

युद्ध और उसके बाद पैदा हुए भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक तेल बाजार को हिलाकर रख दिया था। संकट के दौरान ईरान द्वारा हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद किए जाने के कारण तेल की आपूर्ति में भारी बाधा उत्पन्न हुई। इस स्थिति के कारण इराक को अपने कई महत्वपूर्ण तेल क्षेत्रों में उत्पादन में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। हॉर्मुज स्ट्रेट तेल परिवहन के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है और इसकी सुरक्षा वैश्विक ऊर्जा कीमतों के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उत्पादन बहाली की दिशा में कदम

अब जबकि स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, इराकी अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि देश अगले 1 से 2 महीनों के भीतर युद्ध से पहले के तेल उत्पादन स्तर पर वापस लौट सकता है। इराक के तेल मंत्रालय के प्रवक्ता सलीम फरहूद ने सरकारी समाचार एजेंसी INA को बताया कि जिन तेल क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता कम कर दी गई थी, वहां अब फिर से उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उन्होंने विश्वास जताया कि तेल उद्योग धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है और जल्द ही आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह बहाल हो जाएगी।

तकनीकी और संचालन गतिविधियां

अधिकारियों के अनुसार, तेल क्षेत्रों में तकनीकी और संचालन संबंधी गतिविधियों को काफी तेज कर दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य उत्पादन क्षमता को जल्द से जल्द बहाल करना है ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग को पूरा किया जा सके। तेल मंत्रालय इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इराक की हिस्सेदारी फिर से मजबूत हो सके और उत्पादन के लक्ष्यों को समय पर प्राप्त किया जा सके।

अमेरिका और ईरान के बीच समझौता

इस सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में हुए एक शुरुआती समझौते ने तेल बाजार को कुछ राहत दी है। हालांकि दोनों देशों के बीच भविष्य की वार्ताओं का परिणाम अभी आना बाकी है, लेकिन इस समझौते के बाद हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। इराक के तेल मंत्री बासेम खोदैर ने कहा कि जैसे-जैसे इस समुद्री मार्ग से तेल का परिवहन सुचारू होगा, देश के निर्यात में भी भारी बढ़ोतरी देखी जाएगी।

निर्यात के आंकड़ों में भारी गिरावट

युद्ध शुरू होने से पहले इराक की स्थिति काफी मजबूत थी और वह प्रतिदिन लगभग 35 लाख बैरल तेल का निर्यात करता था। इस निर्यात का एक बड़ा हिस्सा हॉर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से ही भेजा जाता था। संकट के दौरान इसमें भारी गिरावट आई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल के महीने में इस मार्ग से केवल 1 करोड़ बैरल तेल का ही निर्यात हो सका, जबकि युद्ध से पहले यह औसत आंकड़ा 9 करोड़ 30 लाख बैरल के आसपास रहता था। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि युद्ध ने इराक के निर्यात को कितनी बुरी तरह प्रभावित किया था।

इराक की अर्थव्यवस्था और तेल पर निर्भरता

इराक के लिए तेल उत्पादन का सामान्य होना केवल बाजार की बात नहीं है, बल्कि यह उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इराक की कुल आय का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा कच्चे तेल के निर्यात से ही प्राप्त होता है। ऐसे में सरकार के राजस्व, आर्थिक विकास और वित्तीय स्थिरता के लिए उत्पादन और निर्यात का सामान्य होना अत्यंत आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय शांति बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में इराक का तेल क्षेत्र बहुत तेजी से रिकवर करेगा और इससे वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में स्थिरता आने की संभावना बढ़ेगी।

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