ईरान-इजरायल तनाव: दुबई से अमीरों का पलायन, मस्कट बना मुख्य केंद्र

ईरान के हमलों के बाद दुबई से अमीर परिवारों का पलायन। मस्कट से चार्टर उड़ानों के जरिए यूरोप जा रहे हैं लोग।

Mar 9, 2026 - 21:35
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ईरान-इजरायल तनाव: दुबई से अमीरों का पलायन, मस्कट बना मुख्य केंद्र

मध्य पूर्व में ईरान के हमलों और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस स्थिति के बीच दुबई में रहने वाले दुनिया के सबसे अमीर लोगों ने शहर छोड़ना शुरू कर दिया है। फाइनेंशियल टाइम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अब तक लगभग 1000 अमीर परिवार दुबई से पलायन कर चुके हैं। ओमान की राजधानी मस्कट इस समय इन संपन्न परिवारों के लिए सुरक्षित बाहर निकलने का सबसे बड़ा रास्ता बनकर उभरा है। मस्कट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से प्रतिदिन लगभग 30 चार्टर और प्राइवेट जेट उड़ान भर रहे हैं, जो यात्रियों को इस्तांबुल और काहिरा जैसे सुरक्षित शहरों तक पहुंचा रहे हैं।

मस्कट हवाई अड्डे पर निजी जेट विमानों की भारी भीड़

फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में मस्कट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाली लगभग एक-तिहाई उड़ानें चार्टर और निजी जेट थीं। प्रत्येक विमान में औसतन 8 यात्री सवार होते हैं। इन उड़ानों का मुख्य गंतव्य तुर्किये का इस्तांबुल और मिस्र की राजधानी काहिरा है, जहां से ये लोग कमर्शियल उड़ानों के माध्यम से लंदन और यूरोप के अन्य प्रमुख शहरों की ओर जा रहे हैं। हवाई अड्डे पर अचानक बढ़ी इस भीड़ के कारण ओमान के विमानन अधिकारियों ने निजी जेट ऑपरेटरों को अतिरिक्त उड़ानें भेजने से बचने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में केवल निर्धारित वाणिज्यिक उड़ानों को ही प्राथमिकता दी जाएगी और गैर-निर्धारित उड़ानों के स्लॉट रद्द किए जा सकते हैं।

यात्रा लागत में भारी वृद्धि और लॉजिस्टिक चुनौतियां

पलायन की इस लहर के बीच यात्रा की लागत में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। मस्कट से निकलने वाली निजी उड़ानों में एक सीट की कीमत $20,000 से अधिक हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, कई अमीर परिवार अपने पालतू जानवरों और कीमती सामान के साथ यात्रा कर रहे हैं, जिससे लॉजिस्टिक मांग बढ़ गई है। मस्कट में दबाव कम करने के लिए कुछ चार्टर कंपनियां अब सऊदी अरब के रियाद और दम्मम हवाई अड्डों का भी उपयोग कर रही हैं और दूतावासों द्वारा संचालित निकासी उड़ानों को विशेष अनुमति दी जा रही है, लेकिन इसके लिए कड़े प्रोटोकॉल और पूर्व मंजूरी अनिवार्य कर दी गई है।

दुबई में अमीरों की आबादी और पलायन का प्रभाव

अरबियन बिजनेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुबई में लगभग 81,200 मिलियनेयर (लखपति) रहते हैं। इतनी बड़ी संख्या में संपन्न लोगों की उपस्थिति के कारण वहां से हो रहा यह पलायन वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि दुबई ने अपनी कुछ उड़ानें फिर से शुरू करने का प्रयास किया था, लेकिन सुरक्षा कारणों से हवाई क्षेत्र को बार-बार बंद करना पड़ रहा है। वर्तमान में दुबई से उड़ान भरने वाले विमानों को दक्षिण की ओर एक अत्यंत संकरे एयर कॉरिडोर से गुजरना पड़ रहा है, जिसकी सुरक्षा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के सैन्य जेट विमानों द्वारा की जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति

क्षेत्रीय अस्थिरता को देखते हुए ब्रिटिश एयरवेज, एयर फ्रांस और वर्जिन अटलांटिक जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने अपनी कई उड़ानों को रद्द या डायवर्ट कर दिया है। कतर ने भी सुरक्षा स्थिति का आकलन करते हुए अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद किया है। हजारों यात्री अभी भी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं और इस संकट के बीच एअर इंडिया ने न्यूयॉर्क, लंदन, फ्रैंकफर्ट, पेरिस और एम्सटर्डम जैसे शहरों के लिए अतिरिक्त उड़ानें संचालित करने की घोषणा की है ताकि फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके। कई यात्री अब एशिया से यूरोप पहुंचने के लिए अमेरिका के लंबे रास्तों का विकल्प चुन रहे हैं।

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