ईरान से जंग में अमेरिका ने गंवाया आधा THAAD भंडार, इजरायल की सुरक्षा में दागे 200 इंटरसेप्टर

वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने इजरायल को ईरानी मिसाइलों से बचाने के लिए अपने THAAD भंडार का आधा हिस्सा यानी 200 से ज्यादा इंटरसेप्टर खर्च कर दिए हैं।

May 22, 2026 - 21:35
 0  3
ईरान से जंग में अमेरिका ने गंवाया आधा THAAD भंडार, इजरायल की सुरक्षा में दागे 200 इंटरसेप्टर

ईरान और इजरायल के बीच हाल ही में हुए संघर्ष के दौरान अमेरिकी सैन्य भागीदारी को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। द वॉशिंगटन पोस्ट की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ईरानी मिसाइलों के हमलों से इजरायल की रक्षा करने के लिए अपने सबसे उन्नत एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम THAAD (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) का लगभग आधा भंडार खर्च कर दिया है। यह रिपोर्ट दर्शाती है कि मध्य-पूर्व में हवाई युद्ध किस स्तर पर पहुंच गया था और इजरायल की सुरक्षा के लिए अमेरिका को अपने रक्षा संसाधनों का कितना बड़ा हिस्सा दांव पर लगाना पड़ा।

इंटरसेप्टर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल

अमेरिकी प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका ने इस जंग के दौरान 200 से ज्यादा THAAD इंटरसेप्टर दागे। यह संख्या पेंटागन के कुल स्टॉक का करीब-करीब आधा हिस्सा है। इतनी बड़ी संख्या में इंटरसेप्टर का इस्तेमाल यह बताता है कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों का खतरा कितना गंभीर था। केवल जमीन आधारित सिस्टम ही नहीं, बल्कि समुद्र से भी भारी कार्रवाई की गई। पूर्वी भूमध्य सागर (Eastern Mediterranean Sea) में तैनात अमेरिकी नौसेना के जहाजों से भी 100 से अधिक स्टैंडर्ड मिसाइल-3 और स्टैंडर्ड मिसाइल-6 इंटरसेप्टर दागे गए ताकि ईरानी खतरों को इजरायली सीमा में घुसने से पहले ही नष्ट किया जा सके।

इजरायल के मुकाबले अमेरिका ने की दोगुनी कार्रवाई

रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण तुलना भी पेश की गई है, जिसमें बताया गया है कि अमेरिका ने इजरायल की तुलना में कहीं अधिक सक्रिय भूमिका निभाई। जहां अमेरिका ने 200 से ज्यादा THAAD इंटरसेप्टर दागे, वहीं इसके मुकाबले इजरायल ने 100 से कम Arrow इंटरसेप्टर और लगभग 90 David's Sling इंटरसेप्टर का प्रयोग किया। कुल मिलाकर, अमेरिका ने इजरायल की तुलना में करीब 120 ज्यादा इंटरसेप्टर दागे और ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए दोगुना ज्यादा एक्शन किया। इनमें से कुछ इंटरसेप्टर का इस्तेमाल लेबनान और यमन में सक्रिय ईरान समर्थित गुटों द्वारा दागे गए कम उन्नत प्रोजेक्टाइल को रोकने के लिए भी किया गया था।

भविष्य की चुनौतियां और भंडार की कमी

इतनी बड़ी मात्रा में रक्षा भंडार के इस्तेमाल ने अमेरिकी प्रशासन के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि अगर आने वाले समय में अमेरिका और इजरायल एक बार फिर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करते हैं, तो अमेरिकी फौज को और भी ज्यादा इंटरसेप्टर दागने पड़ सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद यदि संघर्ष दोबारा शुरू होता है, तो बचे हुए भंडार को सुरक्षित रखना और उसका प्रबंधन करना पेंटागन के लिए एक बड़ी सिरदर्दी बन सकता है।

जंग की पृष्ठभूमि और शांति वार्ता

गौरतलब है कि इस बड़े सैन्य संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान छेड़ा था। इन हमलों में ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई सहित कई शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया गया और वे मारे गए। इस युद्ध के दौरान ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका के अन्य सहयोगियों पर भी हमले किए थे। हालांकि, 8 अप्रैल से लागू हुए युद्धविराम के बाद फिलहाल संघर्ष थमा हुआ है। वर्तमान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते के लिए बातचीत चल रही है, जिसका उद्देश्य पिछले 4 दशकों से अधिक समय से चली आ रही दुश्मनी को समाप्त करना है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow