'जरूरत पड़े तो जान दे दो': ईरानी दूतावास के संदेश पर ब्रिटेन सख्त, राजदूत तलब

ब्रिटेन में ईरानी दूतावास द्वारा 'जान कुर्बान' करने के संदेश पर ब्रिटिश सरकार ने राजदूत सैयद अली मौसवी को तलब किया है। जानें पूरा मामला।

Apr 29, 2026 - 11:35
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'जरूरत पड़े तो जान दे दो': ईरानी दूतावास के संदेश पर ब्रिटेन सख्त, राजदूत तलब

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की शर्तों पर सहमति अभी तक नहीं बन पाई है, जिसके चलते मिडिल ईस्ट में लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। इसी बीच ब्रिटेन से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां ईरानी दूतावास के एक वायरल संदेश के चलते हाल ही में ब्रिटिश सरकार ने ईरानी राजदूत को तलब किया है। यह संदेश ब्रिटेन में स्थित ईरान एम्बेसी द्वारा हाल ही में जारी किया गया है, जिसमें ब्रिटेन में रह रहे ईरानियों से अपने देश के लिए जान कुर्बान करने की अपील की गई है और इस संदेश को लेकर ब्रिटिश सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।

‘जान फदा’ अभियान और विवादित संदेश

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान एम्बेसी ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर ‘जान फदा’ नामक अभियान को बढ़ावा देते हुए यह संदेश जारी किया है और इस शब्द का अर्थ है देश के लिए समर्पण या जीवन बलिदान करना। संदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया कि सभी बहादुर ईरानी इस अभियान में भाग लें और अपने देश की गरिमा के लिए खड़े हों। इसमें यह भी कहा गया कि आइए हम सब मिलकर युद्ध में अपने जीवन दे दें, बजाय इसके कि अपने देश को दुश्मन के हवाले कर दें और इस कथन ने यूके में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

ब्रिटिश सरकार की कार्रवाई और राजदूत को तलब

इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) ने ईरान के राजदूत सैयद अली मौसवी को तलब किया। ब्रिटिश अधिकारियों ने इस संदेश को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया और स्पष्ट किया कि इस तरह की भाषा किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। विशेषज्ञों और नेताओं का मानना है कि इस प्रकार की अपील प्रवासी समुदाय को प्रभावित कर सकती है और इससे कट्टर व्यवहार को बढ़ावा मिलने का खतरा रहता है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे मामले और इसके संभावित प्रभावों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

ईरान एम्बेसी का स्पष्टीकरण और बचाव

विवाद बढ़ने के बाद ईरान एम्बेसी ने अपने बयान का बचाव किया है। एम्बेसी के प्रवक्ता ने कहा कि यह अभियान केवल देशभक्ति और अपने देश की रक्षा के समर्थन से जुड़ा है और उन्होंने कहा कि दुनिया भर के ईरानी हमेशा अपने देश की सुरक्षा और अखंडता के प्रति समर्पित रहे हैं और आगे भी रहेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ‘जान फदा’ प्लेटफॉर्म किसी भी तरह की हिंसा को बढ़ावा नहीं देता और इसके विपरीत लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।

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