एलन मस्क की कंपनी X बदलेगी वेरिफिकेशन सिस्टम, यूरोपीय यूनियन का आदेश

यूरोपीय यूनियन ने X के वेरिफिकेशन सिस्टम को भ्रामक बताते हुए ₹1277 करोड़ का जुर्माना लगाया है। एलन मस्क की कंपनी अब नियमों के अनुसार बदलाव करेगी।

Mar 14, 2026 - 18:35
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एलन मस्क की कंपनी X बदलेगी वेरिफिकेशन सिस्टम, यूरोपीय यूनियन का आदेश

एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने यूरोपीय कमीशन के कड़े रुख के बाद अपने अकाउंट वेरिफिकेशन सिस्टम में व्यापक बदलाव करने पर सहमति व्यक्त की है। यूरोपीय यूनियन (EU) ने वर्तमान 'ब्लू टिक' व्यवस्था को भ्रामक और क्षेत्रीय डिजिटल नियमों के प्रतिकूल करार दिया था। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, X ने इन चिंताओं को दूर करने के लिए प्रस्तावित उपायों का एक मसौदा प्रस्तुत किया है। यह कदम यूरोपीय बाजार में प्लेटफॉर्म की पहचान सत्यापन प्रक्रिया में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है, जो मस्क के अधिग्रहण के बाद से विवादों में रहा है।

यूरोपीय कमीशन का आदेश और ₹1277 करोड़ का जुर्माना

यूरोपीय कमीशन ने डिजिटल सर्विस एक्ट (DSA) के तहत की गई जांच के बाद X पर 120 मिलियन यूरो, जो भारतीय मुद्रा में लगभग ₹1277 करोड़ के बराबर है, का भारी जुर्माना लगाया है। कमीशन के अनुसार, प्लेटफॉर्म की वर्तमान वेरिफिकेशन प्रणाली उपयोगकर्ताओं को गुमराह करती है क्योंकि यह किसी व्यक्ति की वास्तविक पहचान सुनिश्चित करने के बजाय केवल सशुल्क सदस्यता पर आधारित है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह प्रणाली पारदर्शिता के मानकों को पूरा नहीं करती है और इससे प्लेटफॉर्म पर भ्रामक सूचनाओं के प्रसार का जोखिम बढ़ जाता है।

वेरिफिकेशन सिस्टम में सुधार के लिए प्रस्तावित उपाय

यूरोपीय कमीशन के प्रवक्ता थॉमस रेग्नियर ने पुष्टि की है कि X ने वेरिफिकेशन तंत्र में सुधार के लिए अपने प्रस्तावित उपाय पेश कर दिए हैं। हालांकि इन उपायों के तकनीकी विवरणों का अभी खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन रेग्नियर ने बताया कि कमीशन इन प्रस्तावों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करेगा। यह मूल्यांकन इस आधार पर किया जाएगा कि क्या नए उपाय यूरोपीय संघ के सख्त डिजिटल नियमों के अनुरूप हैं। X द्वारा इन बदलावों को स्वीकार करना इस बात का संकेत है कि कंपनी यूरोपीय बाजार में अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए नियामक दबाव के आगे झुक रही है।

डिजिटल सर्विस एक्ट और कंटेंट मॉडरेशन की चुनौतियां

यूरोपीय यूनियन के डिजिटल सर्विस एक्ट (DSA) का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट मॉडरेशन को सख्त बनाना और उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कमीशन की जांच में पाया गया कि X पर ब्लू टिक वाले उपयोगकर्ताओं और बॉट्स के बीच अंतर करना कठिन हो गया है। इससे सार्वजनिक डेटा के विश्लेषण में बाधा आती है और विज्ञापनदाताओं के साथ-साथ सामान्य उपयोगकर्ताओं के लिए भी भ्रम की स्थिति पैदा होती है। नियामक संस्था ने कहा कि वेरिफिकेशन मार्क का उपयोग केवल उन्हीं खातों के लिए होना चाहिए जिनकी पहचान की पुष्टि विश्वसनीय तरीके से की गई हो।

अनुपालन की समय सीमा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक तनाव

यूरोपीय यूनियन ने एलन मस्क की कंपनी को इन सुधारों को लागू करने के लिए 12 मार्च 2026 तक का समय दिया है। इसके साथ ही, 16 मार्च 2026 तक वित्तीय गारंटी जमा करने की समय सीमा निर्धारित की गई है। यदि कंपनी इन समय सीमाओं का पालन करने में विफल रहती है, तो उसे और अधिक कठोर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है और इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है, जहां अमेरिकी सरकार ने इस जुर्माने पर असंतोष व्यक्त किया था। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने इस कार्रवाई के जवाब में यूरोपीय संघ के नागरिकों के लिए वीजा प्रतिबंधों जैसी कूटनीतिक प्रतिक्रिया की चेतावनी भी दी थी।

ब्लू टिक प्रणाली का विकास और वर्तमान स्थिति

अक्टूबर 2022 में एलन मस्क द्वारा ट्विटर के अधिग्रहण से पहले, ब्लू टिक केवल मशहूर हस्तियों, सरकारी संस्थानों, पत्रकारों और प्रमाणित संगठनों को दिया जाता था। मस्क ने इस व्यवस्था को बदलकर इसे एक सशुल्क सेवा (X Premium) बना दिया, जिसके तहत कोई भी उपयोगकर्ता मासिक शुल्क देकर वेरिफिकेशन मार्क प्राप्त कर सकता है। यूरोपीय नियामकों का तर्क है कि इस बदलाव ने वेरिफिकेशन मार्क की विश्वसनीयता को समाप्त कर दिया है। अब X को एक ऐसी प्रणाली विकसित करनी होगी जो सशुल्क सेवाओं और वास्तविक पहचान सत्यापन के बीच स्पष्ट अंतर पैदा कर सके।

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