खेल मंत्रालय की मंजूरी: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए 191 सदस्यीय भारतीय दल तैयार
खेल मंत्रालय ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए 191 सदस्यीय भारतीय दल को मंजूरी दी। नीरज चोपड़ा और मीराबाई चानू जैसे दिग्गज खिलाड़ी 126 एथलीटों की टीम का नेतृत्व करेंगे।
खेल मंत्रालय ने 23 जुलाई से स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) के लिए 191 सदस्यीय भारतीय दल को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण खेल आयोजन के लिए भारत की ओर से एक मजबूत टीम भेजी जा रही है, जिसमें कुल 126 खिलाड़ी और 51 सपोर्ट स्टाफ के सदस्य शामिल हैं। खिलाड़ियों के इस समूह में लैंगिक विविधता का ध्यान रखते हुए 78 पुरुष खिलाड़ियों और 48 महिला खिलाड़ियों को जगह दी गई है। मंत्रालय का यह फैसला भारतीय एथलीटों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का एक और बड़ा अवसर लेकर आया है।
अधिकारियों के खर्च पर सरकार की सख्त नीति
इस बार खेल मंत्रालय ने वित्तीय अनुशासन को लेकर एक कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) या किसी भी अन्य खेल महासंघ के निर्वाचित अधिकारियों के विदेश दौरे और वहां रहने का खर्च सरकार द्वारा वहन नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि खेल बजट का प्राथमिक उपयोग खिलाड़ियों की सुविधाओं और उनकी तैयारी पर होना चाहिए। भारतीय दल के प्रमुख के रूप में नियुक्त रोहित राजपाल, जो IOA की कमेटी के सदस्य भी हैं, इस नियम के दायरे में आ सकते हैं और यदि यह नियम उन पर लागू होता है, तो उन्हें अपने दौरे का पूरा खर्च स्वयं उठाना होगा। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि सपोर्ट स्टाफ की श्रेणी में केवल कोच, मेडिकल टीम और अन्य आवश्यक सहयोगी स्टाफ को ही शामिल किया गया है।
नीरज चोपड़ा की अगुवाई में एथलेटिक्स का सबसे बड़ा दल
ग्लास्गो जाने वाली भारतीय टीम में सबसे बड़ा हिस्सा एथलेटिक्स का है। इस दल में स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा समेत कुल 32 खिलाड़ी शामिल हैं। एथलेटिक्स की इस टीम में 10 महिला खिलाड़ी भी अपनी चुनौती पेश करेंगी। टीम के साथ हेड कोच राधाकृष्णन नायर जा रहे हैं, जिनके पास सबसे बड़ा सपोर्ट स्टाफ भी होगा। मुक्केबाजी (बॉक्सिंग) में भारत की ओर से 14 मुक्केबाज पदक जीतने के इरादे से रिंग में उतरेंगे। इन मुक्केबाजों को स्वीडन के कोच सैंटियागो नीवा प्रशिक्षित करेंगे और उनके साथ टीम में इकलौती महिला कोच के रूप में मंदाकिनी चानू और खिलाड़ियों के मानसिक हौसले को बढ़ाने के लिए मैथिली भूपतानी को भी शामिल किया गया है।
वेटलिफ्टिंग, स्विमिंग और पैरा-खिलाड़ियों की तैयारी
भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) में भारत की कमान स्टार खिलाड़ी मीराबाई चानू के हाथों में होगी। उनके नेतृत्व में कुल 12 वेटलिफ्टर्स ग्लास्गो में अपनी ताकत दिखाएंगे। तैराकी (स्विमिंग) के लिए 5 तैराकों का चयन किया गया है, जिनकी देखरेख और मार्गदर्शन का जिम्मा निहार अमीन और संदीप सेजवाल संभालेंगे। इसके अतिरिक्त, पैरा-खिलाड़ियों की सहायता के लिए 42 लोगों का एक बड़ा स्टाफ भी दल का हिस्सा है, जिसमें सबसे अधिक सदस्य एथलेटिक्स विभाग से जुड़े हैं। भारत इस बार कुल 9 सामान्य वर्ग के खेलों और 5 पैरा खेलों में अपनी भागीदारी दर्ज कराएगा।
मेडल संख्या में कमी की आशंका और खेलों का छोटा स्वरूप
बजट की कमी और अन्य कारणों से इस बार ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन बहुत ही सीमित पैमाने पर किया जा रहा है। इस बार खेलों की सूची में केवल 10 सामान्य वर्ग और 6 पैरा खेल ही शामिल किए गए हैं। भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि जिन खेलों में देश पारंपरिक रूप से सबसे अधिक पदक जीतता रहा है, उन्हें इस बार हटा दिया गया है। निशानेबाजी, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती और क्रिकेट जैसे प्रमुख खेलों को इस बार प्रतियोगिता से बाहर रखा गया है। इन खेलों के न होने के कारण खेल विशेषज्ञों को डर है कि इस बार भारत के कुल पदकों की संख्या में पिछले वर्षों के मुकाबले कमी आ सकती है।
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