फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम की हत्या करने वाले दरिंदे को फांसी, 41 दिन में आया फैसला

फिरोजाबाद की अदालत ने डेढ़ साल के बच्चे की हत्या के मामले में दोषी विराज पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। यह फैसला वारदात के 41 दिन के भीतर आया है।

Jul 10, 2026 - 18:35
 0  0
फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम की हत्या करने वाले दरिंदे को फांसी, 41 दिन में आया फैसला

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से न्याय की एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक डेढ़ साल के मासूम बच्चे की नृशंस हत्या करने वाले दोषी को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। शिकोहाबाद में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना के मात्र 41 दिन के भीतर अदालत ने अपना फैसला सुना दिया। दोषी विराज पाठक ने मासूम बच्चे को गली में आठ बार जमीन पर पटक-पटक कर मार डाला था। इस मामले में पुलिस की सक्रियता और न्यायिक प्रक्रिया की तेजी ने समाज में एक कड़ा संदेश दिया है। हत्याकांड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश था, जिसे देखते हुए पुलिस ने भी मामले की पैरवी बहुत मजबूती से की।

एकतरफा प्यार और रंजिश का खौफनाक अंत

यह पूरी घटना 30 मई को शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में घटित हुई थी। जानकारी के अनुसार, सिरसागंज तहसील के गांव बामई निवासी रति के डेढ़ साल के बेटे आरव की हत्या उसके ही रिश्ते के चाचा विराज पाठक उर्फ जितेंद्र पाठक ने की थी। रति की शादी बदायूं के सियाराम नगर निवासी सुमित उर्फ प्रियंक से हुई थी, लेकिन घरेलू विवाद के कारण वह अपने पति से तलाक लेना चाहती थी। इसी बीच, बदायूं के शेखुपुरा निवासी विराज पाठक, जो रिश्ते में रति का देवर लगता था, उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था। विराज रति से एकतरफा प्यार करता था और उसे लगता था कि रति का बेटा आरव उनकी शादी के बीच में सबसे बड़ी बाधा है।

वारदात का तरीका और पुलिस मुठभेड़

30 मई की दोपहर को विराज पाठक ने एक सोची-समझी साजिश के तहत मासूम आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। इसके बाद उसने बच्चे को बेरहमी से जमीन पर आठ बार पटका, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जब तक परिवार के लोग कुछ समझ पाते और बच्चे को अस्पताल ले जाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने आरव को मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और मैनपुरी रोड पर बुड्ढा भरथरा चौराहे के पास आरोपी को घेर लिया। खुद को घिरा देख विराज ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जो विराज के दोनों पैरों में लगीं। पुलिस ने उसके पास से एक देसी पिस्तौल, 5 जिंदा कारतूस और 2 खाली खोखे बरामद किए थे।

41 दिन में मिला न्याय

इस मामले में फिरोजाबाद पुलिस ने रिकॉर्ड समय में कार्रवाई की और हत्याकांड के मात्र 6 दिन के भीतर पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में शुरू हुई, जहां बच्चे की मां ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। अदालत ने सभी गवाहों और सबूतों, विशेषकर वायरल वीडियो और पुलिस की जांच रिपोर्ट को आधार मानते हुए विराज पाठक को दोषी करार दिया। कोर्ट ने इस अपराध को जघन्यतम श्रेणी में रखते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई। घटना के 41 दिन के भीतर आए इस फैसले की हर तरफ चर्चा हो रही है, क्योंकि इतनी जल्दी न्याय मिलना भारतीय न्यायिक प्रणाली में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow