दिल्ली में सुरक्षा सख्त: इंटरनेट बंद और 75 ट्रेनें रद्द, प्रदर्शन से पहले किलेबंदी

10 अक्टूबर को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के कारण सुरक्षा सख्त। 75 ट्रेनें रद्द, 45 मेट्रो स्टेशन बंद और इंटरनेट सेवाएं निलंबित। धारा 163 लागू।

Oct 10, 2026 - 06:35
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दिल्ली में सुरक्षा सख्त: इंटरनेट बंद और 75 ट्रेनें रद्द, प्रदर्शन से पहले किलेबंदी

शनिवार 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत कड़ा कर दिया गया है। राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसके तहत दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही, भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और तिलक ब्रिज स्टेशनों से जुड़ी 75 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद रहेंगी और इसके अलावा, नमो भारत के दो स्टेशन, शराब की दुकानें और भागीरथ पैलेस बाजार भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू

विरोध प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए सेंट्रल दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि BNSS की धारा 163 ने पूर्ववर्ती CrPC की धारा 144 का स्थान लिया है। इस धारा के तहत, अधिकारी हिंसा, दंगे, गैर-कानूनी जमावड़े और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने वाली स्थितियों को रोकने के लिए अस्थायी प्रतिबंध लगा सकते हैं। नई दिल्ली में जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के आसपास लगभग 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं शनिवार रात 10 बजे तक अस्थायी रूप से निलंबित रहेंगी।

रेलवे और मेट्रो सेवाओं पर बड़ा असर

भारतीय रेलवे ने शनिवार को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर 10 घंटे के लिए ट्रेन सेवाएं बंद रखने की घोषणा की है। ट्रैफिक जाम की आशंका को देखते हुए इस दौरान आने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द कर दिया गया है। 10 अक्टूबर को होने वाले विरोध प्रदर्शन और ट्रैफिक एडवाइजरी के कारण नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और तिलक ब्रिज स्टेशनों पर आने वाली कुल 75 ट्रेनें रद्द की गई हैं। इन फैसलों से 9 अक्टूबर, 10 अक्टूबर और 11 अक्टूबर को चलने वाली ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ेगा। एक अन्य जानकारी के अनुसार 71 ट्रेनें भी इस सूची में शामिल बताई गई हैं।

सुरक्षा के लिए 23,000 जवानों की तैनाती

नोएडा और दिल्ली को जोड़ने वाली सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चिल्ला बॉर्डर पर नोएडा पुलिस, दिल्ली पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को तैनात किया गया है। नई दिल्ली जिले को सुरक्षा की दृष्टि से 20 जोन में बांटा गया है। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की अतिरिक्त कंपनियां उपलब्ध कराई हैं। सूत्रों के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 से 12 अक्टूबर 2026 के बीच पूरी दिल्ली में लगभग 23,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग, CCTV निगरानी और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) वाले कैमरों का उपयोग किया जा रहा है।

विरोध प्रदर्शन का कारण और मांगें

विपक्षी दलों ने कथित "वोट चोरी" के मुद्दे पर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। यह प्रदर्शन स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) ड्राइव को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए किया जा रहा है। CJP नेता अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया है कि वे जंतर-मंतर तक अपना मार्च जारी रखेंगे और सुरक्षा एजेंसियां दिल्ली के बॉर्डरों, रेलवे स्टेशनों और बस टर्मिनलों पर कड़ी नजर रख रही हैं ताकि कोई भी आपराधिक तत्व प्रदर्शनकारी बनकर भीड़ में शामिल न हो सके।

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