ईरान तेल व्यापार पर अमेरिका का एक्शन, मुंबई की 2 कंपनियों पर प्रतिबंध
अमेरिका ने ईरान के साथ अवैध तेल व्यापार के आरोप में मुंबई की दो कंपनियों और पांच भारतीयों पर प्रतिबंध लगाया है।
अमेरिकी सरकार ने ईरान को मिलने वाली फंडिंग के रास्तों को बंद करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इस कार्रवाई के तहत मुंबई की दो कंपनियों और पांच भारतीय नागरिकों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन पर आरोप है कि ये ईरान से पेट्रोलियम उत्पादों के अवैध व्यापार में शामिल थे। अमेरिका ने ईरान पर किसी भी देश के साथ तेल व्यापार करने पर पहले से ही पाबंदी लगा रखी है। ऐसे में इन भारतीय संस्थाओं और व्यक्तियों के खिलाफ यह कार्रवाई ईरान सरकार की कमाई के जरियों को पूरी तरह से रोकने के अमेरिकी प्रयासों का हिस्सा है।
प्रतिबंध के दायरे में आई भारतीय कंपनियां और नागरिक
अमेरिकी विदेश विभाग ने जिन दो भारतीय कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है, उनके नाम एसएसपीएल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और समुद्र मरीन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड हैं। इन कंपनियों पर ईरान से पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने में मदद करने का आरोप है। इसके साथ ही पांच भारतीय नागरिकों को भी प्रतिबंधित किया गया है। एसएसपीएल सॉल्यूशंस से जुड़े दो अधिकारियों, ध्वनि वोरा और निसर्ग वोरा पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं, समुद्र मरीन सर्विसेज के तीन अधिकारियों, केतन कोचीकर, भूपेंद्रसिंह साहू और हरिश्याम हरिहरन चुंडाकट्टिल के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। वित्तीय नियमों के तहत इन पांचों व्यक्तियों को अपनी कंपनियों से जुड़े किसी भी प्रकार के पैसों के लेन-देन करने से पूरी तरह रोक दिया गया है।
ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट की बारीकियां
भारतीय कंपनियों और नागरिकों के खिलाफ यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत की गई है। यह ऑपरेशन ईरान के खिलाफ अमेरिका की बढ़ती सख्ती का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि विदेश विभाग ईरान में बने पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के व्यापार के सिलसिले में कुल 10 कंपनियों, 6 व्यक्तियों और 5 जहाजों पर प्रतिबंध लगा रहा है। विभाग का कहना है कि इन कंपनियों ने ईरानी सरकार तक लाखों डॉलर पहुंचाए हैं। यह पैसा ईरान की कमाई के सबसे अहम जरियों में से एक को मजबूत करता है, जिससे उसकी गैर-कानूनी गतिविधियां जारी रहती हैं। अमेरिकी सरकार अब उन खरीदारों और विक्रेताओं, दोनों पर प्रतिबंध लगा रही है जो इस व्यापार को बढ़ावा देते हैं।
17 गुप्त जहाजों पर कार्रवाई और समय सीमा
अमेरिका के खजाना विभाग ने केवल इन कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि ईरान की मदद करने वाली 17 अन्य कंपनियों और उनके 17 सीक्रेट जहाजों पर भी पाबंदी लगा दी है। ये वे जहाज थे जो चोरी-छिपे समंदर के रास्ते ईरान का तेल दूसरे देशों में सप्लाई करते थे ताकि ईरान को पैसा मिल सके और समुद्र मरीन सर्विसेज नाम की भारतीय कंपनी के मामले में अमेरिका ने उसे तुरंत बंद करने का आदेश नहीं दिया है। कंपनी को 23 अक्टूबर तक की मोहलत दी गई है। इस समय सीमा के भीतर कंपनी को अपने पुराने बचे हुए सौदे, बकाया पैसे और कागजी काम को कानूनी तरीके से निपटाकर अपना काम पूरी तरह समेटना होगा। अमेरिका का उद्देश्य ईरानी पेट्रोकेमिकल उत्पादों के इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है।
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