पीएम मोदी कार्यकाल: मेटल सेक्टर ने निवेशकों को दिया 300 फीसदी से ज्यादा रिटर्न, सेंसेक्स और निफ्टी पीछे छूटे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल में मेटल सेक्टर ने 300 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है, जो सेंसेक्स और निफ्टी के प्रदर्शन से कहीं अधिक है।

Jun 10, 2026 - 19:35
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पीएम मोदी कार्यकाल: मेटल सेक्टर ने निवेशकों को दिया 300 फीसदी से ज्यादा रिटर्न, सेंसेक्स और निफ्टी पीछे छूटे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अब तक के कार्यकाल के दौरान भारतीय शेयर बाजार में मेटल सेक्टर ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले 12 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस सेक्टर ने निवेशकों को 300 फीसदी से भी ज्यादा का रिटर्न दिया है। यह वृद्धि शेयर बाजार के मुख्य सूचकांकों, सेंसेक्स और निफ्टी की तुलना में काफी अधिक है। जहां मेटल सेक्टर ने 300 फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाई, वहीं सेंसेक्स और निफ्टी ने इस दौरान निवेशकों को लगभग 200 फीसदी का रिटर्न दिया है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि मोदी सरकार के दौरान औद्योगिक और धातु क्षेत्र की कंपनियों ने बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।

भारतीय शेयर बाजार की ऐतिहासिक यात्रा

" उनकी यह बात पीढ़ियों, राजनीतिक विचारधाराओं और शेयर बाजार की स्थिरता पर भी सटीक बैठती है। शेयर बाजार के 150 साल के लंबे इतिहास में देश ने कई बड़े बदलाव देखे हैं, जिसमें सत्ता अंग्रेजों के हाथों से निकलकर भारत के लोगों के पास आई। साल 1947 से लेकर अब तक देश में कई प्रधानमंत्री आए और गए, लेकिन शेयर बाजार ने अपनी विकास की रफ्तार को कभी कम नहीं होने दिया। जवाहर लाल नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तक, हर प्रधानमंत्री के कार्यकाल में बाजार ने अपनी मजबूती दिखाई है। विशेष रूप से नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल में निवेशकों को 200 फीसदी से ज्यादा का लाभ मिल चुका है।

मेटल सेक्टर की जबरदस्त कामयाबी

मोदी राज के दौरान शेयर बाजार में मेटल सेक्टर और उससे जुड़ी कंपनियों ने निवेशकों को मालामाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। टाटा स्टील, जिंदल और अडानी जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों ने निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा किया है। जैसे-जैसे भारत वैश्विक चुनौतियों का सामना करते हुए आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, वैसे-वैसे उसका शेयर बाजार भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उनके शपथ ग्रहण से ठीक पहले, 23 मई 2014 को सेंसेक्स 24,693 पर और निफ्टी 7,367 पर बंद हुआ था। उस समय बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 85 लाख करोड़ रुपये से भी कम था। लगभग 12 साल बाद, पीएम मोदी के कार्यभार संभालने के बाद से सेंसेक्स में 199 फीसदी और निफ्टी में 215 फीसदी की भारी तेजी आई है। इस दौरान बीएसई लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में 375 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है और वर्तमान में यह आंकड़ा 460 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है।

विभिन्न सेक्टरों का प्रदर्शन

पीएम मोदी के नेतृत्व में मेटल सेक्टर सबसे आगे रहा और निफ्टी मेटल इंडेक्स में 309 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी ऑटो का स्थान आता है, जिनमें इन 12 वर्षों में लगभग 300 फीसदी की तेजी देखी गई। बैंकिंग क्षेत्र की बात करें तो निफ्टी बैंक इंडेक्स में 254 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जिसने मुख्य निफ्टी 50 इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। अन्य क्षेत्रों में भी मजबूती रही, जैसे निफ्टी फार्मा में 222 फीसदी, निफ्टी आईटी में 220 फीसदी, निफ्टी रियल्टी में 194 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 171 फीसदी और निफ्टी पीएसयू बैंक में 107 फीसदी की वृद्धि हुई। हालांकि, मीडिया सेक्टर के लिए यह समय अच्छा नहीं रहा और निफ्टी मीडिया इंडेक्स में साल 2014 के बाद से 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

इन कंपनियों ने बदली निवेशकों की किस्मत

मेटल कंपनियों के व्यक्तिगत प्रदर्शन को देखें तो कुछ कंपनियों ने अविश्वसनीय रिटर्न दिया है। आंकड़ों के अनुसार, लॉयड मेटल्स ने निवेशकों को 32,757 फीसदी का रिटर्न देकर सबको चौंका दिया। जेएसडब्ल्यू स्टील ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 905 फीसदी की कमाई कराई। टाटा स्टील ने मोदी राज में 317 फीसदी का रिटर्न दिया, जबकि जिंदल स्टील ने 12 सालों में 273 फीसदी का मुनाफा कराया। सरकारी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी सेल (SAIL) के शेयरों में भी 12 साल के दौरान 101 दशमलव 33 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।

मिडकैप और स्मॉलकैप का दबदबा

इस कार्यकाल की एक बड़ी विशेषता मिडकैप शेयरों का शानदार प्रदर्शन रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 473 फीसदी की जबरदस्त तेजी आई, जिससे निवेशकों को भारी मुनाफा हुआ। इसी तरह निफ्टी मिडकैप 50 इंडेक्स में 434 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। पीएम मोदी के पद संभालने के बाद से निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 255 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जो निफ्टी 50 की 215 फीसदी की तेजी से अधिक है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मार्केट कैप में उतार-चढ़ाव के कारण कंपनियों की श्रेणियां समय के साथ बदलती रहती हैं।

प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल का तुलनात्मक विश्लेषण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म आजादी के बाद हुआ था और उनके कार्यकाल में सेंसेक्स ने लगभग 10 फीसदी का सीएजीआर (CAGR) दिया है। तुलनात्मक रूप से देखें तो साल 2004 से 2014 के बीच डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में सेंसेक्स 4,961 से बढ़कर 24,693 पर पहुंच गया था, जो लगभग 400 फीसदी की तेजी थी और इसका सीएजीआर 18 फीसदी रहा था। अटल बिहारी वाजपेयी के 1998 से 2004 के 6 साल के कार्यकाल में सेंसेक्स ने 3 फीसदी का सीएजीआर दिया। वी और नरसिम्हा राव के कार्यकाल में बेंचमार्क इंडेक्स ने 24 फीसदी का शानदार सीएजीआर दर्ज किया था।

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