भूटान के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को लिखा भावुक पत्र, बताया अपना दोस्त और मार्गदर्शक

भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग टोबगे ने पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल पर भावुक पत्र लिखा और उन्हें अपना मार्गदर्शक बताया।

Jun 10, 2026 - 18:35
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भूटान के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को लिखा भावुक पत्र, बताया अपना दोस्त और मार्गदर्शक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के प्रमुख के रूप में लगातार 12 वर्ष पूरे कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस अवसर पर दुनिया भर के नेताओं ने उन्हें बधाई दी है, लेकिन भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग टोबगे का संदेश विशेष रूप से चर्चा में है और टोबगे ने एक भावुक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री मोदी को अपनी शुभकामनाएं दीं और उन्हें अपना दोस्त, भाई और मार्गदर्शक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस पत्र को साझा करते हुए कहा कि यह भारत के लिए ऐतिहासिक महत्व का क्षण है। टोबगे के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने परिवर्तन और विकास के एक नए युग का अनुभव किया है।

ऐतिहासिक रिकॉर्ड और कार्यकाल के आंकड़े

प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को अपने कार्यकाल के 4399 दिन पूरे किए। इसके साथ ही वह भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं और यदि ऐतिहासिक तुलना की जाए, तो देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1947 में पद संभाला था और 1951-52 के पहले आम चुनाव में जीत हासिल करने के बाद 1964 में अपने निधन तक पद पर बने रहे थे। वहीं, भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लगभग 16 वर्षों तक प्रधानमंत्री का पद संभाला था, लेकिन उनका यह कार्यकाल दो अलग-अलग चरणों में रहा था। प्रधानमंत्री मोदी का लगातार 12 वर्षों का कार्यकाल उनकी राजनीतिक स्थिरता और जनता के विश्वास को दर्शाता है।

दोस्ती और मार्गदर्शन का अटूट रिश्ता

त्शेरिंग टोबगे ने अपने पत्र में बताया कि उनकी प्रधानमंत्री मोदी से पहली मुलाकात 2014 में हुई थी। तब से दोनों नेताओं के बीच लगातार बातचीत और सहयोग का सिलसिला बढ़ता गया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत केवल विकास परियोजनाओं तक ही सीमित नहीं रही है, बल्कि समाज और लोगों के लिए नए अवसरों पर भी निरंतर चर्चा होती रही है। अपनी चिट्ठी में उन्होंने लिखा कि सच्ची दोस्ती हमेशा विश्वास, सम्मान और आपसी समझ पर आधारित होती है। यही गुण उनके और प्रधानमंत्री मोदी के संबंधों की असली पहचान हैं और यही भारत-भूटान की मजबूत एवं स्थायी साझेदारी की नींव भी हैं। टोबगे ने पीएम मोदी को प्यार से बराई भाई यानी बड़े भाई कहकर संबोधित किया और कहा कि मोदी ने हमेशा धैर्यपूर्वक उनकी बात सुनी और भूटान के भविष्य की आकांक्षाओं को पूरा करने में सहयोग दिया।

भूटान का सबसे भरोसेमंद साझेदार भारत

टोबगे ने जोर देकर कहा कि उनके देश के लोग हमेशा भारत को अपना सबसे करीबी मित्र और सबसे भरोसेमंद साझेदार मानते आए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह दोस्ती और भी अधिक प्रगाढ़ हुई है। दोनों देशों ने शांति, समृद्धि और लोगों के कल्याण के साझा लक्ष्य के साथ मिलकर आगे बढ़ने का काम किया है। टोबगे ने भारत की विकास यात्रा की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली, हर विषय पर बारीकी से ध्यान देने की उनकी आदत और परिणाम हासिल करने की उनकी प्रतिबद्धता उन्हें हमेशा प्रेरित करती है। उनके अनुसार, जब नेतृत्व स्पष्ट उद्देश्य और दृढ़ विश्वास के साथ आगे बढ़ता है, तो असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती शक्ति

भूटान के प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी आर्थिक ताकत को बहुत बढ़ाया है। भारत ने तकनीकी नवाचार को अपनाया है, अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को और भी सशक्त बनाया है। टोबगे ने पत्र के अंत में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए भारत की निरंतर प्रगति की कामना की। यह पत्र न केवल दो देशों के बीच के कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है, बल्कि दो शीर्ष नेताओं के बीच के व्यक्तिगत और भावनात्मक जुड़ाव को भी उजागर करता है, जो दक्षिण एशिया की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

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