पीओके में बड़ा विद्रोह: जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी ने पाकिस्तानी फौज के खिलाफ हथियार उठाने का किया ऐलान

पीओके में जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ हथियार उठाने का ऐलान किया है। 71 दिनों के विरोध और 100 से अधिक मौतों के बाद तनाव चरम पर है।

Aug 21, 2026 - 08:35
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पीओके में बड़ा विद्रोह: जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी ने पाकिस्तानी फौज के खिलाफ हथियार उठाने का किया ऐलान

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से एक बहुत बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। वहां विरोध प्रदर्शन कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी ने अब पाकिस्तानी फौज के खिलाफ सीधे हथियार उठाने का ऐलान कर दिया है। कमिटी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि पाकिस्तानी फौज की गोलियों का जवाब अब गोलियों से ही दिया जाएगा। यह घोषणा पाकिस्तान की सरकार और वहां की सेना के लिए एक नई और बड़ी मुसीबत बनकर उभरी है। पीओके के लोगों का कहना है कि वे अब और अधिक जुल्म बर्दाश्त नहीं करेंगे और अपनी सुरक्षा के लिए खुद हथियार उठाएंगे।

शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को सीधी चुनौती

पीओके के प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि अगर पाकिस्तान की हुकूमत और फौज गोलियों की भाषा में बात करना चाहती है, तो कश्मीर के लोगों ने भी चूड़ियां नहीं पहनी हैं और अब पाकिस्तानी फौज को बंदूकों का जवाब बंदूकों से ही मिलेगा। यह बयान उस समय आया है जब पीओके में पिछले 71 दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इन प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोग सड़कों पर उतर चुके हैं और पाकिस्तानी फौज की बर्बरता के कारण 100 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद, पीओके के लोग पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

पाकिस्तानी फौजियों की लाशें गिराने का ऐलान

प्रोटेस्ट का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी ने जवाबी कार्रवाई का एक सख्त खाका तैयार किया है और कमिटी ने ऐलान किया है कि अब पीओके के लोग न तो पाकिस्तान सरकार को कोई टैक्स देंगे और न ही बिजली का बिल भरेंगे। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों और दफ्तरों का भी पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा और सबसे बड़ी चेतावनी यह दी गई है कि अगर जनरल आसिम मुनीर की फौज बेगुनाह लोगों पर गोली चलाएगी, तो जवाब में पाकिस्तानी फौजियों की लाशें भी गिरेंगी। यह सीधे तौर पर गृह युद्ध जैसी स्थिति की ओर इशारा कर रहा है, जहां आम जनता अब सेना के सामने झुकने के बजाय लड़ने को तैयार है।

अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगा पीओके का आवाम

पीओके के लोगों ने पाकिस्तान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शहबाज शरीफ की सरकार फौज की मदद से आवाम पर जुल्म कर रही है। इस हिंसा में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं की भी हत्या हो रही है। प्रदर्शनकारियों का दर्द यह है कि पीओके के लोगों की तकलीफ न तो पाकिस्तान की अदालतों को दिखाई देती है और न ही यूनाइटेड नेशन्स जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन उनके हक की बात करते हैं। इसी उपेक्षा के कारण अब वहां के आवाम ने फैसला किया है कि वे अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेंगे और किसी बाहरी मदद का इंतजार नहीं करेंगे।

बलूचिस्तान से खैबर पख्तूनख्वा तक बगावत की आग

पाकिस्तान के हालात केवल पीओके में ही खराब नहीं हैं, बल्कि देश के कई अन्य हिस्सों में भी बगावत की आग लगी हुई है। बलूचिस्तान में पहले से ही विद्रोह चरम पर है और वहां के लोगों ने अपने इलाके को अलग मुल्क घोषित कर दिया है। खैबर पख्तूनख्वा में भी आम लोगों ने हथियारों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। सिंध प्रांत में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अब पीओके की आवाम द्वारा पाकिस्तानी फौज को गोली का जवाब गोली से देने के ऐलान ने देश की अखंडता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हालात इतने नाजुक हैं कि पाकिस्तान कब और कितने टुकड़ों में बंट जाएगा, इसके बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है।

गुलामी की मानसिकता और शहबाज शरीफ का बयान

एक तरफ जहां पाकिस्तान आंतरिक रूप से टूट रहा है, वहीं दूसरी तरफ वहां की लीडरशिप आजादी के 79 साल बाद भी गुलामी की मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाई है। आजादी के जश्न के दौरान भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की। शहबाज शरीफ ने कहा कि वे डोनाल्ड ट्रंप को शुक्रिया कहना चाहते हैं, जिन्होंने पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम करवाकर लाखों लोगों की जान बचाई। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते भविष्य में और अधिक मजबूत होंगे और यह बयान दर्शाता है कि जब देश के भीतर लोग सेना के खिलाफ हथियार उठा रहे हैं, तब भी सरकार विदेशी ताकतों की प्रशंसा में व्यस्त है।

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