पेट्रोल डीजल की कीमतें स्थिर: होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान ओमान समझौते पर टिकी नजरें
8 अगस्त को भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रहे। ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर होने वाले समझौते पर वैश्विक तेल बाजार की नजर है।
भारत में 8 अगस्त को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखा गया है, जिससे देश भर के उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों में ईंधन के दाम पूरी तरह से स्थिर बने हुए हैं और वैश्विक स्तर पर तेल बाजार की नजरें इस समय ईरान और ओमान के बीच होने वाले एक संभावित समझौते पर टिकी हुई हैं, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से संबंधित है। यह समझौता अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और वैश्विक तेल आपूर्ति
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पश्चिम एशिया का एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहाँ से दुनिया के कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के विशेषज्ञ इस बात की संभावना जता रहे हैं कि यदि ईरान और ओमान के बीच समझौता सफल रहता है, तो इस मार्ग से तेल की आवाजाही अधिक सुगम और सामान्य हो जाएगी और तेल की आपूर्ति सामान्य होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर बना दबाव कम हो सकता है। अगर यह रास्ता पूरी तरह खुलता है और तेल की सप्लाई सामान्य होती है, तो आने वाले समय में वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट आने की संभावना है।
कच्चे तेल की कीमतों की वर्तमान स्थिति
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 1 पॉइंट 3 प्रतिशत बढ़कर 83 डॉलर 55 पैसे प्रति बैरल पर पहुंच गई। इसके विपरीत, अमेरिकी WTI क्रूड 0 पॉइंट 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77 डॉलर 6 पैसे प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि, ब्रेंट क्रूड लगातार तीसरे हफ्ते साप्ताहिक आधार पर गिरावट के साथ बंद हुआ है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई है और ट्रंप का मानना है कि अगर यह बातचीत सफल होती है और स्थिति सामान्य होती है, तो ईंधन की कीमतों में और कमी आ सकती है।
भारतीय बाजार पर असर और भविष्य की संभावना
भारत में सरकारी तेल कंपनियां यानी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमतें तय करती हैं। फिलहाल घरेलू बाजार में ग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर नहीं झेलना पड़ रहा है। देश में पेट्रोल और डीजल की आखिरी बड़ी कीमत कटौती 25 मई को हुई थी, जिसके बाद से बड़े शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में अगला बदलाव कब होगा, यह पूरी तरह से तेल कंपनियों के आगामी फैसलों पर निर्भर करेगा। फिलहाल 8 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में कीमतें स्थिर हैं और ग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल से फिलहाल सुरक्षा मिली हुई है। बाजार अब इस बात का इंतजार कर रहा है कि ईरान और ओमान के बीच समझौता किस दिशा में जाता है।
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