फीफा वर्ल्ड कप 2026: कांगो डीआर ने पुर्तगाल को 1-1 की बराबरी पर रोका, रोनाल्डो का रिकॉर्ड

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पुर्तगाल और कांगो डीआर के बीच मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। रोनाल्डो ने बनाया सबसे उम्रदराज खिलाड़ी का रिकॉर्ड।

Jun 18, 2026 - 08:35
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फीफा वर्ल्ड कप 2026: कांगो डीआर ने पुर्तगाल को 1-1 की बराबरी पर रोका, रोनाल्डो का रिकॉर्ड

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फुटबॉल प्रेमियों को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। जहां एक तरफ अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी ने अपने शानदार प्रदर्शन से टूर्नामेंट का आगाज किया, वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो की टीम पुर्तगाल को अपने पहले ही मैच में बड़ा झटका लगा है। ग्रुप-के के इस महत्वपूर्ण मुकाबले में पुर्तगाल को डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 के ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। ह्यूस्टन स्टेडियम में खेले गए इस मैच में पुर्तगाल की टीम जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी, लेकिन कांगो के जुझारू प्रदर्शन ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

जोआओ नेवेस ने दिलाई शुरुआती बढ़त

मैच की शुरुआत पुर्तगाल के लिए बेहद शानदार रही और खेल के 6वें मिनट में ही पुर्तगाल ने अपना दबदबा कायम कर लिया। पेड्रो नेटो ने एक बेहतरीन क्रॉस दिया, जिस पर जोआओ नेवेस ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को गोलपोस्ट के अंदर पहुंचा दिया। इस गोल की मदद से पुर्तगाल ने 1-0 की बढ़त बना ली और ऐसा लग रहा था कि टीम आसानी से यह मैच जीत लेगी। शुरुआती मिनटों में पुर्तगाल ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और कांगो की टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा।

कांगो डीआर की ऐतिहासिक वापसी

शुरुआती गोल खाने के बाद कांगो डीआर ने हार नहीं मानी और शानदार वापसी की और अफ्रीकी टीम ने पुर्तगाल के डिफेंस में सेंध लगाने के लिए लगातार हमले किए। पहले हाफ के अतिरिक्त समय में कांगो को अपनी मेहनत का फल मिला। आर्थर मासुआकू ने एक सटीक क्रॉस दिया, जिस पर योआने विस्सा ने दमदार हेडर लगाकर स्कोर को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। यह गोल कांगो डीआर के लिए बेहद खास था क्योंकि यह उनके वर्ल्ड कप इतिहास का पहला गोल था। कांगो ने 1974 में पहली बार वर्ल्ड कप खेला था और उसके 52 साल बाद टीम को यह ऐतिहासिक सफलता मिली है।

पुर्तगाल का संघर्ष और कांगो का डिफेंस

पूरे मैच के दौरान पुर्तगाल के पास गेंद पर कब्जा अधिक रहा, लेकिन वे इसे गोल में बदलने में नाकाम रहे। कांगो के मजबूत डिफेंस ने पुर्तगाल के फॉरवर्ड लाइन को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। पुर्तगाल की पूरी टीम मैच में केवल एक ही शॉट लक्ष्य पर लगा सकी, जो उनके संघर्ष को दर्शाता है। रोनाल्डो और उनके साथी खिलाड़ी कांगो की रक्षापंक्ति को भेदने के लिए संघर्ष करते नजर आए। कांगो के खिलाड़ियों ने मैदान पर जबरदस्त अनुशासन दिखाया और पुर्तगाल के हर हमले को नाकाम किया।

दूसरे हाफ का रोमांच और रद्द हुआ गोल

दूसरे हाफ की शुरुआत में पुर्तगाल ने फिर से बढ़त बनाने की कोशिश की। जोआओ कैंसिलो ने एक शानदार ओवरहेड किक के जरिए गेंद को गोल में डाला, लेकिन रेफरी ने इसे ऑफसाइड करार देते हुए रद्द कर दिया। इसके बाद भी पुर्तगाल ने जीत के लिए कई प्रयास किए, लेकिन कांगो डीआर का डिफेंस एक अभेद्य दीवार की तरह खड़ा रहा और मैच के अंतिम समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन स्कोरलाइन में कोई बदलाव नहीं हुआ और मैच 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का नया विश्व रिकॉर्ड

भले ही पुर्तगाल यह मैच नहीं जीत सका, लेकिन क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 41 साल और 132 दिन की उम्र में वह वर्ल्ड कप मैच की शुरुआत करने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी बन गए हैं। इसके साथ ही यह उनके करियर का 23वां वर्ल्ड कप मैच था, जिससे उन्होंने इटली के महान खिलाड़ी पाओलो माल्दिनी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। हालांकि, इन रिकॉर्ड्स के बावजूद रोनाल्डो इस मैच में कोई गोल नहीं कर सके और अपने विश्व कप गोलों की संख्या को बढ़ाने में असफल रहे।

कांगो के लिए यादगार उपलब्धि

मैच खत्म होने के बाद कांगो डीआर के खिलाड़ियों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती थी। उन्होंने न केवल वर्ल्ड कप इतिहास का अपना पहला गोल दागा, बल्कि पहला पॉइंट हासिल कर एक यादगार उपलब्धि भी अपने नाम की। पुर्तगाल जैसी मजबूत टीम को बराबरी पर रोकना कांगो के लिए किसी जीत से कम नहीं था। अब पुर्तगाल को अगले मैचों में अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा ताकि वे टूर्नामेंट में आगे बढ़ सकें।

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