फ्लिपकार्ट की फूड डिलीवरी में एंट्री: जोमैटो और स्विगी के लिए खड़ी होगी बड़ी चुनौती
फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने फूड डिलीवरी सर्विस लॉन्च करने की घोषणा की है। ONDC के साथ मिलकर कंपनी जोमैटो और स्विगी को टक्कर देगी।
ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी फ्लिपकार्ट, जो अब तक आपके घर तक स्मार्टफोन, कपड़े और राशन पहुंचाती रही है, अब आपकी थाली तक गरमा-गरम खाना पहुंचाने की तैयारी में है। कंपनी जल्द ही अपनी फूड डिलीवरी सर्विस की शुरुआत करने जा रही है। फ्लिपकार्ट ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब 10-मिनट डिलीवरी की जंग बाजार में पहले से ही बहुत तेज हो चुकी है। फ्लिपकार्ट का यह नया दांव जोमैटो और स्विगी जैसे स्थापित खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। कंपनी एक सोची-समझी रणनीति के तहत इस बाजार में उतर रही है।
सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने की पुष्टि
एक न्यूज़ चैनल को दिए गए इंटरव्यू में फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने इस नई सर्विस की पुष्टि की है। कल्याण कृष्णमूर्ति के अनुसार, कंपनी आने वाले कुछ सप्ताह के भीतर अपनी फूड डिलीवरी सर्विस को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर देगी। शुरुआत में इसे एक टेस्टिंग के रूप में कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में पेश किया जाएगा और इस दौरान ग्राहकों से मिलने वाले फीडबैक और सर्विस की गुणवत्ता का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा। एक बार सर्विस के सुचारू रूप से चलने और ग्राहकों की संतुष्टि सुनिश्चित होने के बाद, इसे बड़े पैमाने पर देश के अन्य शहरों में विस्तार दिया जाएगा।
सर्विस का उपयोग और तकनीकी जुड़ाव
फ्लिपकार्ट अपनी इस नई सुविधा को ग्राहकों के लिए बेहद सुलभ बनाना चाहता है। यूजर इस सर्विस का लाभ फ्लिपकार्ट के मुख्य ऐप के माध्यम से उठा सकेंगे। इसके अलावा, कंपनी एक नया डेडिकेटेड ऐप भी पेश करने की योजना बना रही है जो विशेष रूप से फूड डिलीवरी के लिए होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लिपकार्ट की यह सर्विस सरकार के ONDC यानी ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स के साथ इंटीग्रेटेड होगी और oNDC से जुड़ने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि फ्लिपकार्ट को तुरंत ही रेस्टोरेंट्स और डिलीवरी पार्टनर्स का एक विशाल नेटवर्क मिल जाएगा, जिससे उसे शून्य से शुरुआत नहीं करनी पड़ेगी।
फ्लिपकार्ट मिनट्स की सफलता का आधार
फूड डिलीवरी मार्केट में उतरने का फ्लिपकार्ट का यह फैसला उसकी क्विक-कॉमर्स सर्विस 'फ्लिपकार्ट मिनट्स' की बड़ी सफलता के बाद आया है। कंपनी ने हाल ही में साझा किया कि उसने दो साल से भी कम समय के भीतर 130 शहरों में 1000 से ज्यादा माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर स्थापित कर लिए हैं। विशेष रूप से टायर-2 और टायर-3 शहरों में इसकी मांग में 42 गुना की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। इसी सफलता और मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के दम पर फ्लिपकार्ट अब फूड डिलीवरी के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।
बाजार में बढ़ता मुकाबला
भारतीय फूड डिलीवरी मार्केट में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है। हाल ही में राइड-हेलिंग ऐप रैपिडो ने 'Ownly' नाम से अपनी फूड डिलीवरी सर्विस शुरू की है, जो रेस्टोरेंट्स से जीरो कमीशन लेने का दावा करती है। वहीं, स्विगी ने भी बजट का ध्यान रखने वाले यूजर्स के लिए 'Toing' नाम से एक नया फीचर पेश किया है। दूसरी तरफ, जोमैटो की पैरेंट कंपनी 'इटरनल' के फाउंडर दीपिंदर गोयल का मानना है कि नए प्रतियोगी केवल डिस्काउंट के दम पर बाजार में टिके हुए हैं, जबकि वास्तविक विकास रेस्टोरेंट सप्लाई चेन को सुधारने से ही संभव है। कल्याण कृष्णमूर्ति ने फ्लिपकार्ट की पूरी रणनीति का खुलासा तो नहीं किया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्लिपकार्ट केवल उन्हीं श्रेणियों में प्रवेश करती है जहां वह ग्राहकों को कुछ नया और बेहतर अनुभव प्रदान कर सके।
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