जंतर मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार से तीसरे दौर की वार्ता आज
जंतर मंतर पर CJP का प्रदर्शन जारी। नीट पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर सरकार के साथ तीसरे दौर की वार्ता होगी।
जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन लगातार जारी है और आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह से अडिग नजर आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक द्वारा अपना अनशन समाप्त किए जाने के बाद भी CJP का उत्साह कम नहीं हुआ है और वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मुख्य मांग पर डटे हुए हैं और इस बीच, केंद्र सरकार और CJP के बीच गतिरोध को समाप्त करने के उद्देश्य से आज तीसरे दौर की वार्ता आयोजित की जानी है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
आज दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर होगी महत्वपूर्ण बैठक
नीट पेपर लीक मामले और छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसक झड़पों के विषय पर सरकार और CJP नेताओं के बीच आज तीसरे दौर की बातचीत का समय निर्धारित किया गया है। आज दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर एक बार फिर दोनों पक्ष मेज पर आमने-सामने होंगे। सरकार की ओर से इस बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल होंगे, जबकि CJP का प्रतिनिधित्व सौरव दास और आशुतोष रांका करेंगे और इस बैठक के दौरान सरकार CJP द्वारा रखी गई विभिन्न मांगों पर अपना आधिकारिक जवाब पेश करेगी और आंदोलन को समाप्त करने की दिशा में चर्चा की जाएगी।
जंतर मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बैठक से पहले और वीकेंड की स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत कड़ा कर दिया है। पुलिस प्रशासन किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। जंतर मंतर से प्राप्त नवीनतम तस्वीरों के अनुसार, देर रात ही वहां कई अतिरिक्त बैरिकेड्स मंगाए गए थे। इन बैरिकेड्स को और अधिक मजबूत बनाने के लिए उन्हें आपस में वेल्डिंग करके जोड़ दिया गया है। इसके अतिरिक्त, बैरिकेड्स को लोहे की भारी जंजीरों से बांधा गया है ताकि प्रदर्शनकारी उन्हें हटा न सकें या गिरा न सकें और सुरक्षा के मद्देनजर जंतर मंतर के आसपास वज्र वैन और दंगा-रोधी गाड़ियां पहले से ही तैनात कर दी गई हैं।
CJP का कड़ा रुख और आंदोलन का विस्तार
सौरव दास के बयानों से यह स्पष्ट हो गया है कि CJP अब केवल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक ही सीमित नहीं रहना चाहती। पार्टी ने अब दिल्ली पुलिस के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है और अपने आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। हालांकि, सरकार की कोशिश है कि इस पूरे मामले को बातचीत के जरिए सुलझा लिया जाए। सरकार के साथ पिछली बैठक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बताया कि मुआवजे और कानूनी मामलों को लेकर सरकार की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं और एक सैद्धांतिक सहमति भी बनी है।
'इस्तीफे पर स्पष्टीकरण दे सरकार' - आशुतोष रांका
आशुतोष रांका ने सरकार के साथ होने वाली बैठक से पहले कहा, "कल की बैठक में मुआवजे और कानूनी मामलों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। एक इन-प्रिंसिपल एग्रीमेंट हुआ था और हमें उम्मीद है कि आज वह लिखित समझौता भी मिल जाएगा। लेकिन हमारी जो मुख्य मांग है, यानी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, उस पर अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं आया है। अगर प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो सरकार हमें स्पष्ट रूप से बता दे।
जवाबदेही और सुधारों पर चर्चा
सरकार द्वारा एनटीए के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किए जाने के कदम पर आशुतोष रांका ने कहा कि उन्हें इस निर्णय के विवरण को विस्तार से देखना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतिम जवाबदेही शिक्षा मंत्री की ही बनती है, क्योंकि वे नीट पेपर लीक और उसके बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस्तीफा नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। आज दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर होने वाली बैठक में सरकार CJP की तीन प्रमुख मांगों पर अपना रुख साफ कर सकती है। सरकार की पूरी कोशिश है कि CJP नेताओं को प्रदर्शन खत्म करने के लिए राजी किया जाए, जबकि CJP ने साफ कर दिया है कि इस्तीफे के बिना कोई समझौता नहीं होगा।
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