पुतिन का भारत दौरा: रूस ला रहा नई पीढ़ी का जेट इंजन और Su 57 डील
राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे पर PD-8 जेट इंजन का प्रदर्शन और Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट की तकनीक साझा करने पर होगी बड़ी चर्चा।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) में भाग लेने के लिए भारत के महत्वपूर्ण दौरे पर आ रहे हैं। नई दिल्ली में होने वाले इस दौरे के दौरान कई बड़े और रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर होने की प्रबल संभावना है। पुतिन अपने साथ रूस की अत्याधुनिक विमानन तकनीक भी ला रहे हैं, जिसमें नई पीढ़ी का PD-8 जेट इंजन प्रमुख आकर्षण होगा। इसके अतिरिक्त, इस यात्रा के दौरान पांचवीं पीढ़ी के Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट की तकनीक साझा करने और इसकी बिक्री को लेकर भी उच्च स्तरीय बातचीत होने की उम्मीद है, जो भारत की रक्षा क्षमताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
भारत मंडपम में PD-8 इंजन का भव्य प्रदर्शन
रूस की सरकारी रक्षा और औद्योगिक कंपनी रोस्टेक (Rostec), जिसे पहले रोस्टेक्नोलॉजी (Rostekhnologii) के नाम से जाना जाता था, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले INNOPROM इंडिया में अपने नए PD-8 इंजन को प्रदर्शित करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। यह प्रदर्शनी 9 से 11 सितंबर तक प्रगति मैदान के भारत मंडपम में आयोजित की जाएगी। PD-8 इंजन रूस के विशेष SJ-100 रीजनल एयरलाइनर को शक्ति प्रदान करता है। इस इंजन का विकास रूस की यूनाइटेड इंजन कॉर्पोरेशन द्वारा किया गया है, जो रोस्टेक की ही एक सहायक कंपनी है। इसे विशेष रूप से SJ-100 और Be-200 जैसे घरेलू विमानों के लिए तैयार किया गया है।
3 टन हो जाता है। 4 है और यह टेकऑफ के समय लगभग 8 टन का थ्रस्ट पैदा करने में सक्षम है। इस इंजन का प्रदर्शन भारत के नागरिक विमानन क्षेत्र के लिए रूस की तकनीकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
SJ-100 विमान और HAL के साथ ऐतिहासिक करार
SJ-100 एक आधुनिक रीजनल एयरलाइनर है, जिसमें 75 से लेकर 103 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। यह विमान एक बार में 3,530 किलोमीटर तक की लंबी दूरी तय कर सकता है। 536 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। पिछले साल अक्टूबर में, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारत में इस सिविल कम्यूटर एयरक्राफ्ट के निर्माण के लिए रूसी कंपनी यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस करार की सराहना करते हुए इसे देश के नागरिक विमानन क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया था। उन्होंने कहा था कि SJ-100 विमान सरकार की 'उड़ान' (UDAN) योजना के तहत कम दूरी की कनेक्टिविटी के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। राजनाथ सिंह के अनुसार, यह विमानन क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' हासिल करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि SJ-100 देश में निर्मित होने वाला पहला पूर्ण यात्री विमान बनेगा। इससे निजी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और विमानन उद्योग में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
3 साल में उत्पादन और Su-57 पर रणनीतिक चर्चा
यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) के प्रमुख वादिम बादेखा ने जून में आयोजित 29वें सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) के दौरान बताया था कि भारतीय कंपनियों ने SJ-100 रीजनल जेट और Il-114-300 टर्बोप्रॉप विमानों में गहरी रुचि दिखाई है। रूसी समाचार एजेंसी TASS से बात करते हुए बादेखा ने कहा कि भारत को क्षेत्रीय और कम दूरी के विमानों की भारी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि HAL ने लगभग 100 से 200 विमानों की मांग के संकेत दिए हैं। बादेखा के अनुसार, भारत में पहले 'सुपरजेट' विमान का उत्पादन अगले 3 साल के भीतर शुरू हो सकता है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सैन्य सहयोग पर भी विशेष ध्यान रहेगा। क्रेमलिन ने स्पष्ट किया है कि भारत को Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट बेचना राष्ट्रपति पुतिन के एजेंडे में सबसे ऊपर है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि Su-57 एक अत्यंत उन्नत मशीन है और दुनिया के बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक है। मॉस्को इस विमान की तकनीक को नई दिल्ली के साथ साझा करने की संभावनाओं पर लगातार बातचीत कर रहा है, जिसे पुतिन की द्विपक्षीय बैठकों में प्रमुखता से शामिल किया गया है।
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