भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में: मोदी और ट्रंप के बीच जल्द होगी वार्ता
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता अंतिम चरण में है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप जल्द ही इस पर अंतिम चर्चा कर सकते हैं।
भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक मोड़ आने वाला है क्योंकि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता अपने समापन चरण में पहुंच गया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, व्यापार सौदे को लेकर चल रही बातचीत अब अपने अंतिम दौर में है, जो वैश्विक व्यापार परिदृश्य में एक बड़े बदलाव का संकेत दे रही है। यह घटनाक्रम उच्च स्तरीय राजनयिक व्यस्तताओं के बीच आया है, जिसमें यह संकेत दिया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समझौते की प्रगति की समीक्षा करने और समझौते के शेष पहलुओं को अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही फिर से बातचीत कर सकते हैं।
बातचीत का अंतिम चरण
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने व्यापार वार्ता की वर्तमान स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। 2026 G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में बोलते हुए, ग्रीर ने चल रही बातचीत को "शॉर्ट स्ट्रोक्स" के रूप में वर्णित किया, जो किसी परियोजना या समझौते के बिल्कुल आखिरी चरणों को दर्शाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है। उन्होंने समयसीमा के संबंध में आशावाद व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मानना है कि दोनों देश इस व्यापक प्रक्रिया के अंत के बहुत करीब हैं। हालांकि सौदा पूरा होने के करीब है, लेकिन ग्रीर ने स्पष्ट किया कि अभी तुरंत किसी अंतिम घोषणा की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि दोनों पक्ष शेष विवरणों पर सावधानीपूर्वक काम कर रहे हैं और उन विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान कर रहे हैं जहां अभी भी मतभेद मौजूद हैं।
मोदी और ट्रंप करेंगे प्रगति की समीक्षा
दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच सीधे संवाद से राजनयिक गति को बल मिला है। ग्रीर ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी समय के अनुसार बुधवार सुबह बहुत रचनात्मक बातचीत की। इस उच्च स्तरीय संवाद के जारी रहने की उम्मीद है, और ग्रीर ने सुझाव दिया है कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच जल्द ही एक और बातचीत हो सकती है। इन आगामी वार्ताओं का उद्देश्य की गई प्रगति का जायजा लेना और व्यापार सौदे की वर्तमान स्थिति का आकलन करना होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोनों नेता अंतिम परिणामों पर एकमत हैं।
मुख्य मुद्दों को सुलझाने पर जोर
सकारात्मक दिशा के बावजूद, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने विवाद के अंतिम बिंदुओं को सुलझाने में तत्परता के महत्व पर जोर दिया। ग्रीर ने उल्लेख किया कि हालांकि वह तत्काल किसी घोषणा की उम्मीद नहीं करते हैं, लेकिन भारतीय और अमेरिकी दोनों पक्षों ने उन मुख्य मुद्दों की सफलतापूर्वक पहचान कर ली है जहां असहमति बनी हुई है। दोनों देशों की टीमें अब इन दूरियों को पाटने के लिए पूरी लगन से काम कर रही हैं। ध्यान एक संतुलित समझौते को बनाने पर बना हुआ है जो दोनों देशों के हितों की रक्षा करे और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता और सहयोग सुनिश्चित करे।
पीयूष गोयल और जेमिसन ग्रीर की मुलाकात
मिल्वौकी में G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के इतर, भारत के केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को USTR जेमिसन ग्रीर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। मंत्री गोयल ने इस बातचीत को भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के तहत दोनों देशों के लिए फायदेमंद अंतरिम समझौते को जल्द पूरा करने की दिशा में एक सार्थक चर्चा बताया और गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों पक्षों के कर्मचारी वर्तमान में गति बनाए रखने के लिए बैठकों में लगे हुए हैं। चल रहे प्रयास 7 फरवरी 2026 के संयुक्त बयान में निर्धारित उद्देश्यों को पूरा करने पर केंद्रित हैं।
रणनीतिक सहयोग और भविष्य की राह
गोयल और ग्रीर के बीच यह बैठक पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई फोन कॉल के साथ ही हुई, जिसमें नेताओं ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। इन क्षेत्रों में व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण तकनीक के साथ-साथ आपसी हित के अन्य क्षेत्र शामिल हैं और वाणिज्य मंत्रालय ने पहले ही कहा था कि मंत्री गोयल के दौरे का उद्देश्य एक संतुलित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाना और 2026 के संयुक्त बयान के अनुसार एक अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देना था। इस सहयोग का उद्देश्य मजबूत व्यापार ढांचे के माध्यम से दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है।
What's Your Reaction?