महंगाई का झटका: अल नीनो और चारे की कमी से फिर महंगा हो सकता है दूध

अल नीनो और कम बारिश के कारण जुलाई-अगस्त तक दूध की कीमतों में 3 से 4 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। अमूल और मदर डेयरी ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है।

Jun 20, 2026 - 09:35
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महंगाई का झटका: अल नीनो और चारे की कमी से फिर महंगा हो सकता है दूध

आम आदमी की रसोई के बजट पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ सकती है क्योंकि आने वाले दिनों में दूध की कीमतों में एक और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। कुछ ही हफ्तों पहले अमूल और मदर डेयरी सहित देश की कई प्रमुख डेरियों ने दूध के दाम बढ़ाकर आम जनता की जेब पर बोझ डाला था। अब डेयरी उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि मई के महीने में दूध की कीमतें पहले ही 2 से 3 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं। यदि अल नीनो के प्रभाव और कम बारिश के कारण चारे की कमी होती है और इससे दूध का उत्पादन प्रभावित होता है, तो जुलाई या अगस्त तक कीमतों में एक बार फिर बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।

चारे की कमी और उत्पादन पर असर

डेयरी क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि कम बारिश होने की स्थिति में किसानों को मवेशियों के लिए चारे और पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ता है और ऐसी स्थिति में किसान अक्सर चारे और पानी की कमी के कारण अपने मवेशियों की संख्या कम कर देते हैं, जिसका सीधा असर दूध के कुल उत्पादन पर पड़ता है। जब उत्पादन घटता है, तो बाजार में दूध की आपूर्ति कम हो जाती है और कीमतें बढ़ने लगती हैं। हाल ही में अमूल, मदर डेयरी और पराग मिल्क फूड्स जैसी बड़ी कंपनियों ने मई में दूध की कीमतों में 2 से 3 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। इसके अलावा, तमिलनाडु की आविन डेयरी ने भीषण गर्मी और लू के असर के बीच अपनी सप्लाई में कटौती की है, जो बाजार में गहराते संकट का संकेत है।

विशेषज्ञों की राय और भविष्य का अनुमान

गो चीज और गोवर्धन ब्रांड की मालिक कंपनी पराग मिल्क फूड्स के चेयरमैन देवेंद्र शाह ने एक रिपोर्ट में बताया कि दूध की कीमतें पहले ही लगभग 2 से 3 फीसदी बढ़ चुकी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मुख्य दूध उत्पादक इलाकों में बारिश सामान्य से कम रहती है, तो जुलाई तक कीमतों में 3 से 4 फीसदी की और बढ़ोतरी हो सकती है। इस स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को चारे का उत्पादन बढ़ाने की सलाह दी है और महाराष्ट्र के पशुपालन आयुक्त किरण पाटिल ने कहा कि अल नीनो के कारण निकट भविष्य में चारे की कमी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने राज्य के सभी पशुपालकों को सतर्क रहने और अभी से चारे की फसलों की योजना बनाने का सुझाव दिया है ताकि पशुधन और दूध उत्पादन पर इसका बुरा असर न पड़े।

अमूल और मदर डेयरी का रुख

देश की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी अमूल ने इस स्थिति पर संतुलित रुख अपनाया है। अमूल ब्रांड की मालिक गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर जयेन मेहता ने कहा कि दूध की उपलब्धता पर अल नीनो का कोई तत्काल असर नहीं दिख रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कम बारिश का असर आमतौर पर पूरे देश के बजाय कुछ खास इलाकों तक ही सीमित रहता है। अमूल फिलहाल मानसून की प्रगति का आकलन कर रहा है और उनके अनुसार चारे की स्थिति अभी चिंता का विषय नहीं है। दूसरी ओर, मदर डेयरी ने कहा है कि वह अपने खरीद वाले इलाकों में हालात पर पैनी नजर रख रही है। मदर डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर जयतीर्थ चारी ने बताया कि कंपनी राज्य-दर-राज्य अपने खरीद नेटवर्क की गतिविधियों की निगरानी कर रही है और जहां भी जरूरत महसूस होगी, वहां उचित बचाव उपायों पर काम किया जाएगा ताकि उपभोक्ताओं को कम से कम परेशानी हो।

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