मैथ्यू वैन डाइक मामला: अमेरिकी नागरिक पर आतंकी आरोप हटने पर भड़के सिंघवी, सरकार से मांगा जवाब

एनआईए ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैन डाइक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिसमें यूएपीए नहीं लगाया गया। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।

Sep 9, 2026 - 13:35
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मैथ्यू वैन डाइक मामला: अमेरिकी नागरिक पर आतंकी आरोप हटने पर भड़के सिंघवी, सरकार से मांगा जवाब

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैन डाइक के खिलाफ अपनी चार्जशीट पेश की है। इस कानूनी प्रक्रिया ने एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है क्योंकि एनआईए ने इस चार्जशीट में मैथ्यू वैन डाइक पर आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए (UAPA) नहीं लगाया है और यह बात इसलिए चौंकाने वाली है क्योंकि जब इस अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया गया था, तब उस पर आतंकवाद जैसे अत्यंत गंभीर आरोप लगाए गए थे, लेकिन अब जांच के बाद दाखिल औपचारिक दस्तावेज में इन धाराओं का न होना सवाल खड़े कर रहा है।

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस पार्टी ने इस घटनाक्रम को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करते हुए इस मामले में अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सिंघवी ने कहा कि अगर यह खबरें सच हैं कि अमेरिका के नागरिक मैथ्यू वैन डाइक पर लगे आतंकी आरोपों को अमेरिका और भारत के बीच हुई उच्च-स्तरीय बैठकों के बाद हटा लिया गया है, तो मोदी सरकार को पूरे देश के सामने इसका स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने सरकार की मंशा और जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

गंभीर आरोपों के अचानक खत्म होने पर सवाल

अभिषेक मनु सिंघवी ने अपने बयान में आगे कहा कि अगर किसी व्यक्ति को गैर-कानूनी तरीके से भारत में घुसने, हथियारबंद समूहों से संबंध रखने और ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग देने जैसे संगीन आरोपों में गिरफ्तार किया गया था, तो वे गंभीर आरोप अचानक कैसे खत्म हो गए? उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये आरोप राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े थे। गौरतलब है कि मैथ्यू वैन डाइक को इसी साल मार्च के महीने में कोलकाता एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था। इसी मामले के तार अन्य विदेशी नागरिकों से भी जुड़े थे, जिसमें यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली और लखनऊ एयरपोर्ट से पकड़ा गया था।

6 महीने की जांच और चार्जशीट के तथ्य

मैथ्यू वैन डाइक की गिरफ्तारी के करीब 6 महीने बाद एनआईए ने यह चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी के शुरुआती दावों के अनुसार, इन सभी नागरिकों पर म्यांमार के विद्रोही समूहों को सैन्य और ड्रोन प्रशिक्षण देने की साजिश रचने का आरोप था। एनआईए ने शुरुआत में इन लोगों के खिलाफ यूएपीए की धारा 18 के तहत मामला दर्ज किया था, जो आतंकी साजिशों से संबंधित है। हालांकि, अब चार्जशीट में इन धाराओं का न होना चर्चा का विषय बना हुआ है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई के लिए 1 अक्टूबर की तारीख तय की है।

म्यांमार विद्रोही समूहों से जुड़ाव का मामला

इस पूरे मामले का मुख्य केंद्र म्यांमार के विद्रोही समूहों को दी जाने वाली कथित सैन्य सहायता और ड्रोन युद्ध का प्रशिक्षण है और एनआईए की जांच इसी साजिश के इर्द-गिर्द घूम रही थी कि कैसे विदेशी नागरिक भारतीय भूमि का उपयोग करके पड़ोसी देश के विद्रोहियों को प्रशिक्षित कर रहे थे। अब जबकि 6 महीने की लंबी जांच के बाद चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, तो विपक्षी दल कांग्रेस इसे कूटनीतिक दबाव का परिणाम बता रही है। 1 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट हो पाएगा कि एनआईए ने किन आधारों पर यूएपीए की धाराओं को हटाने का निर्णय लिया और कोर्ट इस पर क्या रुख अपनाता है।

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