मोहम्मद शमी के टेस्ट रिटायरमेंट पर बीसीसीआई का बड़ा बयान और विदाई: जानिए क्या है पूरा मामला
मोहम्मद शमी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद बीसीसीआई ने उन्हें एक युग को परिभाषित करने वाला गेंदबाज बताया है। जानिए उनके करियर के आंकड़े और प्रतिक्रियाएं।
भारतीय क्रिकेट इतिहास में जब भी महान तेज गेंदबाजों का जिक्र किया जाएगा, मोहम्मद शमी का नाम अत्यंत आदर और गौरव के साथ लिया जाएगा और उनकी धारदार और सटीक गेंदबाजी ने दुनिया भर के दिग्गज बल्लेबाजों को लंबे समय तक परेशान किया है। अब उनके टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के महत्वपूर्ण फैसले के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने उन्हें एक बेहद खास और यादगार अंदाज में विदाई दी है और बोर्ड ने आधिकारिक रूप से मोहम्मद शमी को भारतीय तेज गेंदबाजी के एक युग को परिभाषित करने वाला असाधारण गेंदबाज करार दिया है।
अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने 6 नवंबर की रात को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने का चौंकाने वाला ऐलान किया था। इस घोषणा के साथ ही उनके 13 साल लंबे और गौरवशाली टेस्ट करियर पर पूर्ण विराम लग गया। हालांकि, उनके चाहने वालों के लिए राहत की बात यह है कि वह सीमित ओवरों के क्रिकेट यानी वन डे इंटरनेशनल और टी ट्वेंटी इंटरनेशनल फॉर्मेट में खेलना पूरी तरह से जारी रखेंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने 7 नवंबर को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके महान योगदान को याद करते हुए एक विशेष संदेश साझा किया। बोर्ड ने लिखा कि भारतीय तेज गेंदबाजी के एक युग को परिभाषित करने के लिए बहुत शुक्रिया, टेस्ट कैप नंबर 279।
64 टेस्ट मैचों में झटके 200 से ज्यादा विकेट
छत्तीस साल के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अपने शानदार टेस्ट करियर का अंत कुल 64 मुकाबलों में 229 विकेट हासिल करके किया। अपने पूरे टेस्ट करियर के दौरान उनका व्यक्तिगत गेंदबाजी औसत 27 रुपये 71 पैसे रहा, जो लाल गेंद के क्रिकेट में उनकी निरंतरता को बयां करता है। इसके अलावा उन्होंने अपने करियर में छह बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का शानदार कारनामा भी किया। भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाजों की प्रतिष्ठित सूची में वह छठे स्थान पर मजबूती से काबिज रहे। इस सर्वकालिक सूची में महान कपिल देव 434 विकेटों के साथ पहले स्थान पर मजबूती से विराजमान हैं। वहीं दूसरी ओर, पूर्व दिग्गज जहीर खान और इशांत शर्मा के नाम 311-311 विकेट दर्ज हैं। इसके अलावा जसप्रीत बुमराह 234 विकेट और तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ 236 विकेट के साथ मोहम्मद शमी से इस सूची में आगे हैं।
शानदार टेस्ट करियर की ऐतिहासिक शुरुआत
मोहम्मद शमी ने 6 नवंबर 2013 को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का शानदार आगाज किया था। अपने लंबे और सफल करियर के दौरान उन्होंने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को कई ऐतिहासिक और यादगार सफलताएं दिलाईं। खासतौर पर साउथ अफ्रीका की उछाल भरी पिचों, वेस्टइंडीज की पिचों और भारतीय उपमहाद्वीप की कठिन परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन बेहद शानदार और सराहनीय रहा। इन तीनों प्रमुख जगहों पर खेले गए कुल 35 टेस्ट मैचों में उन्होंने कुल 131 विकेट चटकाए और उनका गेंदबाजी औसत 25 से भी कम रहा, जो विदेशी धरती पर उनके दबदबे को साबित करता है।
रवि शास्त्री ने की मोहम्मद शमी की जमकर तारीफ
मोहम्मद शमी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने पर पूर्व भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री ने भी खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी और उन्होंने इस तेज गेंदबाज के अमूल्य योगदान की जमकर तारीफ की, लेकिन साथ ही यह भी बड़ा बयान दिया कि उनके अंदर अभी काफी मात्रा में टेस्ट क्रिकेट बाकी था। न्यूजीलैंड में खेले जा रहे दूसरे वन डे इंटरनेशनल मैच के दौरान प्रसारकों से बात करते हुए रवि शास्त्री ने कहा कि यह एक शानदार करियर रहा है। वह बेहद खुशकिस्मत थे कि उस समय भारतीय टीम के कोच थे और भारतीय टीम की विदेशी और घरेलू दोनों जगहों की सफलता में शमी की बेहद अहम भूमिका रही। उनके बिना भारतीय तेज गेंदबाजी यूनिट उस तरह से कभी काम नहीं कर पाती। दुनिया भर में कोई भी ऐसा गेंदबाज नहीं था जो मोहम्मद शमी से बेहतर तरीके से गेंद की सीम पेश करता हो। गौरतलब है कि मोहम्मद शमी ने फरवरी 2025 में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए कोई भी मुकाबला नहीं खेला है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने के बावजूद सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनके खेलने के सारे रास्ते अभी भी पूरी तरह से खुले हुए हैं और प्रशंसक उन्हें आगे भी खेलते हुए देख सकेंगे।
Thank you for defining an era of Indian pace bowling, Test Cap #279
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