योग मानवीय एकता का आधार: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोलकाता में बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का नेतृत्व किया और योग को मानवीय एकता व स्वस्थ भविष्य का आधार बताया।

Jun 21, 2026 - 08:35
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योग मानवीय एकता का आधार: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोलकाता में बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड से 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के समारोह का नेतृत्व किया। इस अवसर पर भारी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक आसनों का समूह नहीं है, बल्कि यह मानवीय एकता का एक मजबूत आधार है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग आज के समय में न केवल हमारी व्यक्तिगत जीवन शैली का हिस्सा होना चाहिए, बल्कि यह दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता भी बन गया है। बंगाल की इस पावन धरती पर प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने योग के इस वैश्विक उत्सव को एक नया आध्यात्मिक आयाम दिया।

बंगाल की आध्यात्मिक विरासत और योग

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बंगाल में होना उनके लिए बहुत ही विशेष अनुभव है। उन्होंने बंगाल की इस पवित्र भूमि को नमन किया, जहां भगवान रामकृष्ण परमहंस जैसे सिद्ध संतों ने अवतार लिया और मानवता को नई राह दिखाई। प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद का विशेष उल्लेख किया, जिन्होंने इसी धरती से निकलकर पूरे विश्व को योग और भारतीय दर्शन की शक्ति से परिचित कराया था। इसके साथ ही उन्होंने महर्षि अरविंद जैसे महान योगी को भी याद किया, जिनका जन्म इसी भूमि पर हुआ था। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी महान विभूतियों की धरती पर सामूहिक योग का अनुभव करना एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि बंगाल की इस भूमि से निकली योग की ऊर्जा आज पूरे देश में संचारित हो रही है, जिससे जन-जन में चेतना का विकास हो रहा है।

मानवीय एकता का आधार है योग

प्रधानमंत्री मोदी ने योग के व्यापक अर्थ को समझाते हुए कहा कि योग सबको जोड़ने का काम करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग केवल शारीरिक श्रम का साधन नहीं है और न ही यह किसी एक विशेष आयु वर्ग के लिए सीमित है। उनके अनुसार, योग मानव जीवन का चेतना और ऊर्जा के साथ एक प्रकाश है। प्रधानमंत्री ने कहा, योग जब स्वभाव में आता है, तो वह मानवीय एकता का आधार बन जाता है और उन्होंने पूरे विश्व और संपूर्ण मानव समुदाय को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि योग के माध्यम से हम एक बेहतर और एकजुट विश्व का निर्माण कर सकते हैं।

देशव्यापी योग की लहर

प्रधानमंत्री ने देश और दुनिया में योग के प्रति बढ़ते उत्साह का जिक्र करते हुए कहा कि आज विश्व के अलग-अलग हिस्सों से योग की अद्भुत तस्वीरें सामने आ रही हैं। भारत के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उत्तर में हिमालय की चोटियों से लेकर दक्षिण में हिंद महासागर के तटों तक, और पूर्वोत्तर व बंगाल से लेकर पश्चिम में सौराष्ट्र तक, पूरा देश आज योग की ऊर्जा से ओतप्रोत है। उन्होंने कहा कि पूरा भारत आज योग के माध्यम से एक नई चेतना और चैतन्य से भरा हुआ नजर आ रहा है, जो राष्ट्रीय एकता का भी प्रतीक है।

स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग: इस वर्ष की थीम

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का 12वां संस्करण हेल्दी एजिंग के लिए योग (स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग) की थीम के साथ मनाया जा रहा है। यह थीम जीवन के हर पड़ाव पर एक स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है। प्रधानमंत्री ने बताया कि 21 जून का यह दिन, जो पृथ्वी के कुछ हिस्सों में साल का सबसे लंबा दिन होता है, अब अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कारण विश्व के सबसे बड़े सामूहिक उत्सव का दिन बन गया है। यह थीम वैश्विक स्तर पर स्वस्थ जीवन और दीर्घायु के प्रति बढ़ते रुझान को प्रदर्शित करती है।

जीवन ही योग है: महर्षि अरविंद का दर्शन

प्रधानमंत्री ने महर्षि अरविंद के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि हमारा पूरा जीवन ही योग है, चाहे हमें इस बात का बोध हो या न हो और जब हम अपने कार्यों को जागरूकता और समर्पण के साथ करते हैं, तो वह योग बन जाता है। उन्होंने अंत में दोहराया कि योग केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण और विश्व शांति के लिए एक आवश्यक मार्ग है। कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर योग की वैश्विक स्वीकार्यता और इसकी शक्ति को प्रमाणित किया है।

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