JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खियांगते गिरफ्तार रांची में छात्रों के बवाल के बीच CID का बड़ा एक्शन

सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांगते को रिश्वत और परीक्षा धांधली के आरोप में गिरफ्तार किया। रांची में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का

Aug 10, 2026 - 15:35
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JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खियांगते गिरफ्तार रांची में छात्रों के बवाल के बीच CID का बड़ा एक्शन

झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शन और बवाल के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। सीआईडी (CID) की टीम ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल खियांगते को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई है जब राज्य में परीक्षा धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन अपने चरम पर है और बताया जा रहा है कि इस बड़ी कार्रवाई से पहले सीआईडी की टीम ने खियांगते से करीब चार बार लंबी पूछताछ की थी। इन पूछताछ सत्रों के दौरान मिले जवाबों और सबूतों के आधार पर अंततः सोमवार को उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

गिरफ्तारी के पीछे के मुख्य कारण और आरोप

एल खियांगते पर जेपीएससी के अध्यक्ष पद पर रहते हुए गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। उन पर मुख्य रूप से यह आरोप है कि उन्होंने एक ब्लैकलिस्टेड यानी काली सूची में डाली गई एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) को काम देने के बदले कथित तौर पर रिश्वत ली थी। सीआईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरी प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई थी। इस मामले में सीआईडी ने पहले ही अभय तिवारी नामक एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया था। अभय तिवारी से पूछताछ के दौरान जो जानकारियां और सुराग मिले, उन्हीं के आधार पर सीआईडी ने खियांगते पर शिकंजा कसा है और इसके अलावा, ओएमआर (OMR) शीट में कथित छेड़छाड़ और परीक्षा माफियाओं के साथ सांठगांठ के आरोप भी इस जांच का हिस्सा हैं।

एल खियांगते का प्रशासनिक करियर और इस्तीफा

एल खियांगते झारखंड कैडर के 1988 बैच के एक वरिष्ठ और अनुभवी आईएएस (IAS) अधिकारी रहे हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और गरिमामय पद की जिम्मेदारी भी संभाली थी और हालांकि, जेपीएससी अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल विवादों से घिरा रहा। पिछले महीने 22 जुलाई को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपना इस्तीफा उसी समय दिया था जब सीआईडी की टीमें विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही थीं। झारखंड परीक्षा पेपर धांधली मामले में अब तक की जांच में एक परीक्षा संचालक एजेंसी के अकाउंटेंट सहित लगभग 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

रांची में छात्र आंदोलन का 17वां दिन और पुलिसिया कार्रवाई

झारखंड में छात्र पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं और सोमवार को उनके आंदोलन का 17वां दिन था। अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए छात्रों ने सोमवार को विधानसभा तक मार्च करने का प्रयास किया। इस दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और फिर प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां बरसाईं। इसके बाद भी जब छात्र पीछे नहीं हटे, तो पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले भी दागे। इस झड़प के बावजूद छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे और प्रदर्शन जारी रखा।

छात्रों की प्रमुख मांगें और आंदोलन की रूपरेखा

आंदोलनकारी छात्र मुख्य रूप से 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। इसके अलावा, छात्र परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों में व्यापक सुधार और पूरे घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने की मांग पर अड़े हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले 15 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जिससे उनकी स्थिति को लेकर भी चिंता बनी हुई है। छात्रों ने 10 विधानसभा घेराव का ऐलान किया था, जिसके तहत सोमवार को हुए मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली।

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