सोने चांदी की कीमतों में हलचल: MCX पर भाव गिरे, RBI की बैठक से मिलेंगे बड़े संकेत
सोने और चांदी की कीमतों में दबाव देखा जा रहा है। एमसीएक्स पर सोना 1 लाख 50 हजार रुपये और चांदी 2 लाख 33 हजार रुपये के नीचे आ गई है। आरबीआई की बैठक पर बाजार की नजर।
पिछले सप्ताह के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर दबाव की स्थिति देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर आज 10 ग्राम सोने का भाव 1 लाख 50 हजार रुपये के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे चला गया है। इसी तरह चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है और यह 2 लाख 33 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से नीचे बंद हुई है। हालांकि, अगर हम घरेलू बाजार की बात करें तो वहां सोने की कीमत अभी भी 1 लाख 50 हजार रुपये से लेकर 1 लाख 51 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी हुई है। वहीं चांदी का कारोबार करीब 2 लाख 50 हजार रुपये प्रति किलो के स्तर पर हो रहा है।
घरेलू बाजार में सोने की विस्तृत दरें
5 अप्रैल की रिपोर्ट के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 15,093 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई है। इस गणना के आधार पर 10 ग्राम सोने का भाव 1,50,930 रुपये और 100 ग्राम सोने का भाव 15,09,300 रुपये रहा। इस रिपोर्ट की एक खास बात यह रही कि 24 कैरेट सोने की कीमत में पिछले दिन के मुकाबले कोई बदलाव नहीं देखा गया। वहीं अगर 22 कैरेट सोने की बात करें, तो इसका भाव 13,835 रुपये प्रति ग्राम रहा। इस हिसाब से 10 ग्राम 22 कैरेट सोने के लिए ग्राहकों को 1,38,350 रुपये और 100 ग्राम के लिए 13,83,500 रुपये की कीमत चुकानी होगी। इसके अलावा 18 कैरेट सोने की कीमत 11,320 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई, जिससे 10 ग्राम का भाव 1,13,200 रुपये रहा।
एमसीएक्स गोल्ड पर विशेषज्ञों का तकनीकी अनुमान
मार्केट एक्सपर्ट और एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड फिलहाल 1 लाख 50 हजार रुपये के स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है। उनके तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, यदि सोने की कीमतें 1 लाख 52 हजार रुपये के ऊपर टिकने में सफल रहती हैं, तो बाजार में फिर से मजबूती लौट सकती है। ऐसी स्थिति में सोने की कीमत 1 लाख 54 हजार रुपये से लेकर 1 लाख 55 हजार रुपये तक जा सकती है। यदि तेजी का यह सिलसिला जारी रहता है, तो आने वाले समय में 1 लाख 56 हजार रुपये से लेकर 1 लाख 58 हजार रुपये का स्तर भी देखा जा सकता है। दूसरी ओर, यदि कीमतों में गिरावट आती है और यह 1 लाख 48 हजार रुपये के नीचे चला जाता है, तो बाजार पर दबाव बढ़ सकता है और भाव 1 लाख 47 हजार रुपये से 1 लाख 46 हजार रुपये के स्तर तक गिर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल एक तकनीकी अनुमान है और इसे निश्चित कीमत नहीं माना जाना चाहिए।
चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रेजिस्टेंस स्तर
चांदी के बाजार में भी काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। एमसीएक्स पर चांदी 2,32,000 रुपये से 2,34,000 रुपये के दायरे में कारोबार करती नजर आई। बाजार विश्लेषकों ने 2,33,000 रुपये से 2,34,000 रुपये के स्तर को तत्काल रेजिस्टेंस माना है। यदि चांदी इस स्तर के ऊपर मजबूती के साथ टिकती है, तो इसकी कीमतें 2,37,000 रुपये से लेकर 2,40,000 रुपये तक पहुंच सकती हैं। इसके विपरीत, यदि चांदी 2,30,000 रुपये के सपोर्ट स्तर को तोड़कर नीचे आती है, तो यह 2,26,000 रुपये से 2,28,000 रुपये तक फिसल सकती है। भारी गिरावट की स्थिति में चांदी के 2,22,000 रुपये के स्तर तक जाने की संभावना भी जताई गई है।
आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक और उसका प्रभाव
सोने और चांदी की भविष्य की चाल काफी हद तक भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई की आगामी मौद्रिक नीति बैठक पर निर्भर करेगी। रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई की यह तीन दिवसीय बैठक 6 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जानी है। यह वित्त वर्ष 2026-2027 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति बैठक होगी। बाजार के ज्यादातर विशेषज्ञों का यह अनुमान है कि आरबीआई रेपो रेट को 5 दशमलव 25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है और इसमें किसी बदलाव की संभावना कम है। ब्याज दरों में किसी भी प्रकार का बदलाव सीधे तौर पर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करता है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम भी आने वाले दिनों में इन धातुओं के भाव तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
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