शेख अहमद बिन राशिद का निधन: पीएम मोदी ने जताया दुख, दुबई में 10 दिन का शोक
दुबई के शासक के भाई शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम का 76 वर्ष की आयु में निधन। पीएम मोदी ने जताया दुख, दुबई में 10 दिनों के राजकीय शोक का ऐलान।
संयुक्त अरब अमीरात और दुबई के शासक परिवार के लिए एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है। दुबई के शासक और यूएई के उपराष्ट्रपति व प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के छोटे भाई शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम का निधन हो गया है। उन्होंने सोमवार 21 सितंबर को 76 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे अमीरात में शोक की लहर दौड़ गई है। शेख अहमद ने अपने जीवनकाल में दुबई की सुरक्षा, सैन्य व्यवस्था और खेल जगत में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके सम्मान में दुबई सरकार ने 10 दिनों के आधिकारिक शोक की घोषणा की है, जिसके दौरान पूरे दुबई में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे।
आधिकारिक घोषणा और राजकीय शोक
शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम के निधन की पुष्टि सोमवार को दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के कार्यालय द्वारा की गई। यूएई के प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि ईश्वर की मर्जी और किस्मत पर अटूट विश्वास के साथ, महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम का कार्यालय शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता है। बयान में बताया गया कि वे सोमवार सुबह अपने प्रभु की शरण में चले गए। इस दुखद घड़ी में दुबई में सोमवार से शुरू होकर दस दिनों तक आधिकारिक शोक रहेगा। इस अवधि के दौरान सभी सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर झंडे आधे झुके रहेंगे, जो उनके प्रति राष्ट्र के सम्मान को प्रदर्शित करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्त की संवेदना
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख अहमद के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए दुबई के शाही परिवार और वहां की जनता के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि वे महामहिम शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम के निधन से अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने समाज की सेवा के लिए शेख अहमद द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान को हमेशा याद रखेंगी। प्रधानमंत्री ने रॉयल फैमिली के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की और पीएम मोदी का यह संदेश भारत और यूएई के बीच के प्रगाढ़ संबंधों और आपसी सम्मान को दर्शाता है।
कौन थे शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम
शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम का जन्म 12 जुलाई 1950 को हुआ था। वे दुबई के पूर्व शासक दिवंगत शेख राशिद बिन सईद अल मकतूम के चौथे और सबसे छोटे बेटे थे और उनका पालन-पोषण एक ऐसे परिवार में हुआ जिसने आधुनिक दुबई की नींव रखी थी। शेख अहमद ने अपनी शिक्षा के दौरान सैन्य और प्रशासनिक कौशल पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने ब्रिटेन की विश्व प्रसिद्ध रॉयल मिलिट्री अकादमी सैंडहर्स्ट से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। सैंडहर्स्ट से लौटने के बाद वे दुबई के सेंट्रल मिलिट्री रीजन में शामिल हुए और देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत करने में अपना जीवन समर्पित कर दिया।
सैन्य और प्रशासनिक करियर का सफर
शेख अहमद का करियर उपलब्धियों से भरा रहा। साल 1975 में उन्हें केंद्रीय सैन्य क्षेत्र का कमांडर नियुक्त किया गया था। उन्होंने कई महत्वपूर्ण आधिकारिक सैन्य समारोहों में हिस्सा लिया और यूएई के संस्थापक नेताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। सैन्य भूमिका के अलावा उन्होंने दुबई के प्रशासनिक ढांचे में भी कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। वे दुबई पुलिस और सार्वजनिक सुरक्षा के डिप्टी चेयरमैन के पद पर रहे, जहां उन्होंने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने में मदद की। इसके साथ ही उन्होंने दुबई के दूसरे उपशासक के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। एम. होल्डिंग और दुबई रियल एस्टेट सेंटर के ग्रुप चेयरमैन के रूप में सक्रिय रहे।
खेल जगत में योगदान और अल वस्ल क्लब
शेख अहमद का खेलों के प्रति गहरा लगाव था और उन्होंने दुबई में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाई। वे दुबई के प्रसिद्ध फुटबॉल क्लब अल वस्ल के चेयरमैन थे और उनके मार्गदर्शन में क्लब ने साल 2006-07 की यूएई लीग चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रचा था। अल वस्ल क्लब के साथ उनका रिश्ता करीब छह दशक पुराना था। फुटबॉल के अलावा घुड़दौड़ के क्षेत्र में भी उनका योगदान अतुलनीय रहा। उन्होंने जाबेल अली रेसकोर्स की स्थापना में मुख्य भूमिका निभाई और अल अदियात व दुबई हॉर्स रेसिंग सेंटर जैसे संस्थानों के माध्यम से इस खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
परोपकार और स्वास्थ्य सेवा में मदद
शेख अहमद एक उदार व्यक्तित्व के धनी थे और उन्होंने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किए। जून 2021 में उन्होंने कैंसर के मरीजों के लिए एक विशेष अस्पताल बनाने में बड़ी मदद की थी। उन्होंने दुबई पुलिस और सार्वजनिक सुरक्षा विभाग के माध्यम से अल जलिला फाउंडेशन को सहयोग प्रदान किया, जिसका उद्देश्य हमदान बिन राशिद कैंसर चैरिटी हॉस्पिटल की स्थापना करना था। उनके निधन पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भी शोक व्यक्त किया है। वहीं दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने अपने चाचा को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक मार्गदर्शक और परिवार का स्तंभ बताया।
أشعر بحزن عميق لوفاة سمو الشيخ أحمد بن راشد آل مكتوم؛ وستظل جهوده في خدمة المجتمع محط تقدير الأجيال القادمة.
أتقدم بخالص التعازي إلى الأسرة الحاكمة وشعب دبي، داعياً الله أن يتغمد الفقيد بواسع رحمته ويسكنه فسيح جناته.@HHShkMohd— Narendra Modi (@narendramodi) September 21, 2026
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