सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट सोना 4800 और चांदी 5300 रुपये टूटी
दिल्ली में सोना 4800 रुपये गिरकर 154400 रुपये और चांदी 5300 रुपये गिरकर 255400 रुपये पर आ गई है। जानें कीमतों में गिरावट की मुख्य वजहें।
देश की राजधानी दिल्ली के सराफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बड़ा भूचाल देखने को मिला है। ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में 4800 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं दूसरी ओर, चांदी के दाम भी 5300 रुपये तक कम हो गए हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि भारतीय रुपये की मजबूती और घरेलू बाजार में मांग में आई कमी के कारण कीमती धातुओं की कीमतों में यह बड़ा दबाव देखने को मिल रहा है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर निवेशकों की नजरें शुक्रवार को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग पर टिकी हुई हैं। बाजार में ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि ब्याज दरों के मामले में एक बार फिर से फ्रीज बटन दबाया जा सकता है, जिसकी वजह से सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
सोने और चांदी की नई कीमतें
9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 4800 रुपये घटकर 154400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। आपको बता दें कि इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 159200 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। इस गिरावट में सभी स्थानीय टैक्स शामिल हैं। चांदी की बात करें तो इसकी कीमतों में भी जबरदस्त गिरावट देखी गई है। चांदी का भाव 5300 रुपये टूटकर 255400 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। मंगलवार को चांदी 260700 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बंद हुई थी। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू मांग लगातार दूसरे दिन कमजोर बनी रही क्योंकि शेयर बाजार में जारी तेजी के कारण निवेशक अब बेहतर रिटर्न की तलाश में इक्विटी मार्केट की ओर रुख कर रहे हैं। रुपये की मजबूती ने भी आयात को सस्ता कर दिया है, जिससे स्थानीय कीमतों में कमी आई है।
बाजार के जानकारों की राय
HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने बताया कि बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई क्योंकि निवेशकों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति के फैसले सहित कई महत्वपूर्ण अमेरिकी आर्थिक कार्यक्रमों से पहले सावधानी बरती। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली गिरावट के साथ 4327 डॉलर 54 सेंट प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी 0 पॉइंट 18 प्रतिशत गिरकर 69 डॉलर 89 सेंट प्रति औंस पर आ गई। मिरे एसेट शेयरखान के कमोडिटी हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के फैसले से पहले स्पॉट गोल्ड में स्थिरता देखी जा रही है। इस बीच, बाजार के खिलाड़ी शुक्रवार को होने वाली अमेरिका और ईरान की बैठक से पहले की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखे हुए हैं।
भू-राजनीतिक अनिश्चितता और प्रभाव
LKP सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट वीपी जतिन त्रिवेदी के अनुसार, किसी भी औपचारिक समझौते की दिशा में होने वाली प्रगति भू-राजनीतिक अनिश्चितता को कम कर सकती है, जिससे सोने जैसी सुरक्षित निवेश वाली धातुओं की मांग कम हो सकती है। हालांकि, अगर इन वार्ताओं में कोई रुकावट आती है, तो कीमती धातुओं की मांग फिर से बढ़ सकती है। फिलहाल, घरेलू बाजार में मांग की कमी और वैश्विक स्तर पर डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रही है और ट्रेडर्स और निवेशक अब फेडरल रिजर्व के बयान का इंतजार कर रहे हैं ताकि भविष्य की दिशा तय की जा सके।
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