'12 बजे आंख खुलती है', सीएम योगी के तंज पर अखिलेश यादव का तीखा पलटवार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। योगी ने अखिलेश की दिनचर्या पर तंज कसा, तो अखिलेश ने लखनऊ अग्निकांड पर पलटवार किया।

Aug 8, 2026 - 15:35
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'12 बजे आंख खुलती है', सीएम योगी के तंज पर अखिलेश यादव का तीखा पलटवार

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में अब लगभग 7 महीने का समय शेष रह गया है, लेकिन राज्य का राजनीतिक पारा अभी से ही काफी चढ़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग अब और भी तेज हो गई है। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव पर तीखा तंज कसा और उनके पिछले शासनकाल की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। इस हमले के बाद अखिलेश यादव ने भी पलटवार करने में कोई देरी नहीं की और मुख्यमंत्री के बयानों का कड़ा जवाब दिया।

अखिलेश यादव की दिनचर्या पर सीएम योगी का प्रहार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की जीवनशैली पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों की आंख दोपहर 12 बजे खुलती हो और जो शाम 7 बजे अपने दोस्तों के साथ महफिल जमा लेते हों, उन्हें प्रदेश की जनता की समस्याओं और उनकी चिंता करने का समय आखिर कैसे मिल पाएगा। उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं। योगी आदित्यनाथ ने "बबुआ" शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वे 12 बजे सोकर उठते थे और 2 बजे तक तैयार होते थे। इसके बाद 5 बजे उनके जिम जाने का समय हो जाता था और 7 बजे के बाद तो उनकी महफिल जम जाती थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस दिनचर्या के कारण उनका देश और दुनिया से संबंध पूरी तरह समाप्त हो जाता था।

योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि इसी कारण से उनके शासनकाल में दंगे होते थे और महीनों तक कर्फ्यू लगा रहता था। उन्होंने यह भी कहा कि गरीब के बच्चे जिन बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ते हैं, उनकी हालत उस समय बेहद खराब थी। मुख्यमंत्री का तर्क था कि जब नेतृत्व का ध्यान प्रदेश के विकास पर न होकर अपनी व्यक्तिगत दिनचर्या पर होगा, तो जनता का भला कैसे हो सकता है।

अखिलेश यादव का पलटवार और सोशल मीडिया पोस्ट

योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद अखिलेश यादव ने भी पलटवार करने में बिल्कुल देर नहीं की। सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर मुख्यमंत्री योगी को निशाने पर लिया। अखिलेश ने अपने पोस्ट में लखनऊ अग्निकांड का विशेष रूप से जिक्र किया और पीड़ित परिवार तथा एक मां के साथ हुई कथित बदसलूकी का मुद्दा उठाया और उन्होंने लिखा कि पीड़ित मां के साथ कैमरे पर बदजुबानी की गई, जो कि अत्यंत निंदनीय है।

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर किसी को खुद का सम्मान नहीं है, तो कम से कम उन संवैधानिक पदों का सम्मान करना चाहिए, जिन पर वे बैठे हैं और उन्होंने आगे लिखा कि ये लोग न परलोक की मां का सम्मान करना जानते हैं और न ही इस लोक की मां का। अखिलेश ने यह भी कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को मन से माफ कर दिया है, क्योंकि उन्हें लगता है कि मुख्यमंत्री किसी और के असर में हैं। अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि जाते हुए लोगों से क्या शिकवा और क्या शिकायत, जो आगामी चुनावों की ओर इशारा करता है।

यूपी की सियासत में बढ़ती राजनीतिक गर्मी

दोनों नेताओं के बीच बढ़ती इस बयानबाजी को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की सियासत में बढ़ती राजनीतिक गर्मी के तौर पर देखा जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब दोनों नेताओं के बीच इस तरह की जुबानी जंग हुई हो। इससे पहले मई महीने में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच तीखी बहस हुई थी। उस समय योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज न पढ़ने को लेकर बयान दिया था, जिस पर अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा था कि किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए क्योंकि संविधान सबको बराबर का अधिकार देता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने तब कहा था कि उत्तर प्रदेश में लगभग सभी काम सड़कों पर ही होते हैं, ऐसे में भेदभाव की बात करना ठीक नहीं है।

जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और भी तेज होने की संभावना है। जहां एक तरफ सत्ता पक्ष पिछले शासनकाल की कमियों को उजागर कर रहा है, वहीं विपक्ष वर्तमान सरकार की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर सवाल उठा रहा है।

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