Arvind Kejriwal News:दिल्ली में केजरीवाल के घर ACB की टीम पहुंची, 15 करोड़ के ऑफर को लेकर होगी पूछताछ
Arvind Kejriwal News: दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने आप नेताओं के खिलाफ एसीबी जांच का आदेश दिया है। केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि बीजेपी उनके कुछ उम्मीदवारों को
Arvind Kejriwal News: दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और मुकेश अहलावत की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की टीम अरविंद केजरीवाल के घर पहुंची, लेकिन टीम को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस बीच, सांसद संजय सिंह से एसीबी दफ़्तर में पूछताछ की जा रही है, जहां उनकी लीगल टीम भी मौजूद है।
विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों की जांच
आप नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया था कि उनके उम्मीदवारों को 15-15 करोड़ रुपये और मंत्री पद का ऑफर दिया जा रहा है। इस मामले की जांच के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना ने एसीबी को निर्देश दिए हैं।
एसीबी की कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, एसीबी की तीन टीमें बनाई गई हैं। एक टीम संजय सिंह से पूछताछ कर रही है, जबकि दूसरी टीम अखिलेश पति त्रिपाठी से बयान ले रही है। इस दौरान आम आदमी पार्टी के वकीलों ने एसीबी टीम को केजरीवाल के घर के अंदर जाने से रोक दिया, यह तर्क देते हुए कि उनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं।
भाजपा की शिकायत और आप का पलटवार
भाजपा ने एलजी से शिकायत की थी कि आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोप झूठे और राजनीति से प्रेरित हैं। उनका दावा है कि यह भाजपा की छवि खराब करने और चुनावी माहौल बिगाड़ने की साजिश है।
दूसरी ओर, संजय सिंह ने एसीबी कार्यालय जाकर शिकायत दर्ज कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भाजपा झूठा नाटक कर रही है और एसीबी को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
केजरीवाल का दावा
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उनकी पार्टी के 16 उम्मीदवारों से भाजपा में शामिल होने के बदले 15-15 करोड़ रुपये और मंत्री पद की पेशकश की गई थी। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और भाजपा पर खरीद-फरोख्त की राजनीति करने का आरोप लगाया।
निष्कर्ष
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले यह मामला बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। एसीबी की जांच के नतीजे आने तक राजनीतिक गलियारों में हलचल जारी रहेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या एसीबी को इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत मिलते हैं या यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाता है।
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