India-China Relation: 5 चाइनीज प्रोडक्ट्स पर भारत ने 5 साल के लिए लगाई एंटी-डंपिंग ड्यूटी, लिस्ट में ये सामान

India-China Relation: सरकार ने आइसोप्रोपिल अल्कोहल पर विभिन्न चीनी फर्मों पर 82 अमेरिकी डॉलर प्रति टन और 217 अमेरिकी डॉलर प्रति टन शुल्क लगाया है, जिसका

Oct 23, 2024 - 21:25
Oct 24, 2024 - 12:33
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India-China Relation: 5 चाइनीज प्रोडक्ट्स पर भारत ने 5 साल के लिए लगाई एंटी-डंपिंग ड्यूटी, लिस्ट में ये सामान

India-China Relation: भारत ने हाल ही में पांच चीनी सामानों पर पांच साल के लिए एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू उद्योगों की सुरक्षा करना और चीन से आने वाले सस्ते आयात के प्रभाव को कम करना है। जिन सामानों पर यह शुल्क लागू किया गया है, उनमें आइसोप्रोपिल अल्कोहल, सल्फर ब्लैक, सेलोफेन पारदर्शी फिल्म, थर्मोप्लास्टिक पॉलीयूरेथेन, और बिना फ्रेम वाला ग्लास मिरर शामिल हैं।

एंटी-डंपिंग ड्यूटी की मात्रा

भारत सरकार द्वारा घोषित एंटी-डंपिंग शुल्क की मात्रा विशेष रूप से विभिन्न उत्पादों पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए, आइसोप्रोपिल अल्कोहल पर 82 से 217 अमेरिकी डॉलर प्रति टन तक शुल्क लगाया गया है। यह पदार्थ मुख्य रूप से चिकित्सा और औद्योगिक उपयोग के लिए महत्वपूर्ण है, और इसका उपयोग एंटीसेप्टिक और हैंड सैनिटाइज़र के रूप में किया जाता है।

सल्फर ब्लैक, जिसका 2023-24 में कुल आयात 4.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर था, पर 389 अमेरिकी डॉलर प्रति टन का शुल्क लगाया गया है। इसका उपयोग कपड़ा, कागज, और चमड़े की रंगाई के लिए होता है। थर्मोप्लास्टिक पॉलीयूरेथेन पर 0.93 से 1.58 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोग्राम तक का एंटी-डंपिंग शुल्क लगेगा। इसी प्रकार, सेलोफेन पारदर्शी फिल्म पर 1.34 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोग्राम और बिना फ्रेम वाले कांच के दर्पणों पर 234 अमेरिकी डॉलर प्रति टन का शुल्क लगाया गया है।

डंपिंग की जांच और सरकार की कार्रवाई

ये एंटी-डंपिंग शुल्क वाणिज्य मंत्रालय की जांच शाखा, डिपार्टमेंट ऑफ ट्रेडरी एंड रिसर्च (डीजीटीआर) द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर लगाए गए हैं। हाल ही में, डीजीटीआर ने घरेलू उद्योगों की शिकायतों के बाद चीन से आयातित कुछ रसायनों, कोल्ड रोल्ड इलेक्ट्रिकल स्टील, और ब्लैक टोनर पाउडर कार्ट्रिज सहित छह उत्पादों की कथित डंपिंग की जांच शुरू की है।

आवेदकों ने आरोप लगाया है कि चीन से भारत में आयातित ये उत्पाद घरेलू उद्योग को भौतिक क्षति पहुंचा रहे हैं। यदि यह स्थापित हो जाता है कि इन डंपिंग्स ने घरेलू खिलाड़ियों को नुकसान पहुंचाया है, तो डीजीटीआर डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश करता है। इस मामले में अंतिम निर्णय वित्त मंत्रालय द्वारा लिया जाता है।

निष्कर्ष

भारत का यह कदम न केवल घरेलू उद्योगों को सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि वैश्विक व्यापार में भी एक महत्वपूर्ण संदेश भेजता है। एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाकर, भारत अपने बाजार को सस्ती आयात से बचाने और स्थानीय निर्माताओं को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है। इस तरह की नीतियां वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती हैं।

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