J&K Election 2024: PAK को लगी JK में बंपर वोटिंग से मिर्ची, UN के प्रस्ताव की दिला रहा याद

J&K Election 2024: जम्मू-कश्मीर में बंपर वोटिंग से पाकिस्तान बिलबिला गया है. पाकिस्तान ने कहा कि हम भारत को याद दिलाना चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय कानून की नजर

Sep 20, 2024 - 09:50
Sep 20, 2024 - 12:43
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J&K Election 2024: PAK को लगी JK में बंपर वोटिंग से मिर्ची, UN के प्रस्ताव की दिला रहा याद

J&K Election 2024: पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के खिलाफ तीखे आरोप लगाए हैं, खासकर जम्मू-कश्मीर में हो रहे विधानसभा चुनावों को लेकर। 10 साल बाद हो रहे इस चुनाव को पाकिस्तान ने हास्यास्पद करार दिया है। यह बयान तब आया है जब 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर की 24 विधानसभा सीटों पर पहले चरण का मतदान सम्पन्न हुआ, जिसमें 60 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई।

मुमताज जहरा बलूच का बयान

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने कहा कि "भारत के अवैध रूप से कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (IIOJK) में इस चुनाव का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई वैल्यू नहीं है।" उन्होंने कहा कि भारत को याद दिलाना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार इस चुनाव का कोई कानूनी मूल्य नहीं है।

UN के प्रस्तावों का जिक्र

बलूच ने भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर विवाद का अंतिम समाधान जनमत संग्रह के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीरी राजनीतिक कैदियों की संख्या हजारों में है और दशकों से लोग कब्जे में हैं। बलूच ने आरोप लगाया कि 14 राजनीतिक दलों को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है और इस डर के माहौल में इस चुनाव की कोई वैधता नहीं है।

कश्मीर का अंतरराष्ट्रीय विवाद

पाकिस्तान ने पहले भी इस मुद्दे पर ऐसे बयान दिए हैं। बलूच ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का विवाद एकतरफा तरीके से हल नहीं किया जा सकता। यह एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है और इसे सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और कश्मीरी जनता की इच्छाओं के अनुसार हल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विवाद दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।

भारतीय नेतृत्व का सकारात्मक दृष्टिकोण

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले चरण में हुई वोटिंग को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि "जहां कभी चुनाव डर और हिंसा के साए में होते थे, वहां अब शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव हो रहे हैं।" पहले चरण में 61.11 प्रतिशत मतदान हुआ, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकतंत्र और प्रगति में लोगों के विश्वास को दर्शाता है।

निष्कर्ष

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव का यह पहला चरण न केवल भारतीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के संदर्भ में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। पाकिस्तान के बयानों के बावजूद, भारत ने चुनाव को एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। आने वाले दिनों में, दूसरे और तीसरे चरण की वोटिंग भी आयोजित की जाएगी, जिसके परिणाम 8 अक्टूबर को आएंगे।

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