PM Justin Trudeau News: कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो की बढ़ी मुश्किलें, सांसदों ने मांगा का इस्तीफा; दिया अल्टीमेटम

PM Justin Trudeau News: कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के सियासी भविष्य संकट के बादल मडराते हुए नजर आ रहे हैं। लिबरल सांसदों ने उनके इस्तीफे की मांग करते

Oct 24, 2024 - 15:55
Oct 25, 2024 - 04:57
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PM Justin Trudeau News: कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो की बढ़ी मुश्किलें, सांसदों ने मांगा का इस्तीफा; दिया अल्टीमेटम

PM Justin Trudeau News: कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं, और अब उनके इस्तीफे की मांग जोर पकड़ रही है। लिबरल पार्टी के सांसदों में असंतोष खुलकर सामने आ गया है, जिससे ट्रूडो की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, सांसदों ने उन्हें 28 अक्टूबर तक पद छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है।

असंतोष की शुरुआत और बैठक

पार्लियामेंट हिल पर हुई एक बंद कमरे की बैठक में, असंतुष्ट सांसदों ने अपनी शिकायतें सीधे जस्टिन ट्रूडो के सामने रखीं। यह बैठक हाउस ऑफ कॉमन्स के सत्र के दौरान हुई, जिसमें सांसदों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ असंतोष व्यक्त किया और उनके इस्तीफे की मांग की। ट्रूडो को अब अपनी ही पार्टी के भीतर से बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, 24 सांसदों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की गई है। बैठक में सांसदों को अपनी बात रखने के लिए दो-दो मिनट का समय दिया गया था, जिसमें कुछ ने ट्रूडो के खिलाफ तो कुछ ने उनके समर्थन में अपनी बात रखी।

इस्तीफे के पक्ष में पेश किया गया दस्तावेज

ब्रिटिश कोलंबिया के सांसद पैट्रिक वीलर ने बैठक के दौरान एक दस्तावेज पेश किया, जिसमें ट्रूडो के इस्तीफे के पक्ष में तर्क दिए गए। इस दस्तावेज में यह सुझाव दिया गया कि यदि ट्रूडो पद छोड़ देते हैं, तो लिबरल पार्टी को भी वही लाभ हो सकता है, जैसा अमेरिकी डेमोक्रेट्स को तब मिला था, जब राष्ट्रपति जो बाइडेन ने दोबारा चुनाव न लड़ने का विकल्प चुना था। यह तीन घंटे लंबी बैठक पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष का स्पष्ट संकेत है, जो ट्रूडो के नेतृत्व पर गहरा संकट पैदा कर रही है।

भारत से तनावपूर्ण रिश्ते

इस राजनीतिक संकट के बीच, जस्टिन ट्रूडो की हालिया टिप्पणी ने भारत और कनाडा के बीच पहले से तनावपूर्ण रिश्तों को और अधिक बिगाड़ दिया है। ट्रूडो ने एक बार फिर बिना किसी ठोस सबूत के भारत पर खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, दोनों देशों के बीच संबंध और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं। भारत ने इस विवाद के चलते कनाडा से अपने उच्चायुक्त को भी वापस बुला लिया है, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में कड़वाहट बढ़ गई है।

राजनीतिक भविष्य पर प्रश्न

जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और भारत के साथ बिगड़ते संबंधों के चलते उनकी राजनीतिक स्थिति गंभीर संकट में है। पार्टी के भीतर से इस्तीफे की मांग और भारत-कनाडा रिश्तों में तनाव ने ट्रूडो की नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

28 अक्टूबर का अल्टीमेटम जस्टिन ट्रूडो के राजनीतिक करियर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अब यह देखना होगा कि क्या वे इस चुनौती का सामना कर पाएंगे या फिर उन्हें पद से हटना पड़ेगा।

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