Delhi Pollution:दिल्ली के 10 हजार क्लास रूम में लगाए जाएंगे एयर प्यूरीफायर, मंत्री ने कहा- 10 महीने में नहीं उपजा ये वायु प्रदूषण दिल्ली

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने 10 हजार क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगाने की घोषणा की। उन्होंने पिछली सरकार पर प्रदूषण से निपटने में विफल रहने और केवल PR एक्सरसाइज करने का आरोप लगाया।

Dec 19, 2025 - 14:35
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Delhi Pollution:दिल्ली के 10 हजार क्लास रूम में लगाए जाएंगे एयर प्यूरीफायर, मंत्री ने कहा- 10 महीने में नहीं उपजा ये वायु प्रदूषण दिल्ली

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने न केवल प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार की नई पहल की घोषणा की, बल्कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर भी तीखा हमला बोला। मंत्री सूद ने स्पष्ट किया कि वायु प्रदूषण कोई तात्कालिक समस्या नहीं। है, बल्कि इसके लिए एक व्यापक और दीर्घकालिक प्रशासनिक योजना की आवश्यकता है।

10 हजार क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगाने की घोषणा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री आशीष सूद ने एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि शिक्षा विभाग। ने दिल्ली के 10 हजार क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। यह कदम बच्चों को स्कूलों में स्वच्छ हवा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने आगे कहा कि यह शुरुआत है और बाद में दिल्ली के सभी क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे, जिससे स्मार्ट क्लास में अब शुद्ध हवा भी मिल सकेगी। यह योजना छात्रों के स्वास्थ्य और शिक्षा के माहौल को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।

प्रदूषण एक दीर्घकालिक समस्या

मंत्री सूद ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदूषण सिर्फ पिछले 10 महीने में उपजा हुआ मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली का अपना कोई मौसम नहीं है और दिल्ली में प्रदूषण में आस-पास के राज्यों का एक बड़ा योगदान होता है। इस बयान के माध्यम से उन्होंने यह संकेत दिया कि प्रदूषण एक जटिल और बहुआयामी समस्या है जिसके लिए केवल दिल्ली सरकार ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर भी काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह एक दिन की समस्या नहीं है, बल्कि इसके लिए एक सुविचारित और दीर्घकालीन प्रशासनिक योजना की आवश्यकता है।

पिछली सरकार पर निशाना और CAG रिपोर्ट का हवाला

मंत्री आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज पर निशाना साधते हुए उन्हें 'कुछ बेरोजगार नेता' करार दिया जो वायु प्रदूषण के मुद्दों पर बोलते रहते हैं। उन्होंने सौरभ भारद्वाज के इस दावे का खंडन किया कि दिल्ली के AQI मीटर ग्रीन बेल्ट में लगा दिए गए थे। मंत्री ने 2018 की CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उस समय जो 20 AQI मीटर लगे थे, उनमें से 30% मीटर ग्रीन बेल्ट में लगे थे और उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार का मकसद प्रदूषण कम करना नहीं था, बल्कि केवल आंकड़ों में हेरफेर करना था। यह CAG की रिपोर्ट के आधार पर किया गया एक गंभीर आरोप था, जो पिछली सरकार की पर्यावरण नीतियों पर सवाल उठाता है।

विज्ञापन पर खर्च और सार्वजनिक परिवहन की उपेक्षा

मंत्री ने पिछली अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा लाई गई Odd-Even योजना और 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 'बेरोजगार नेता' अक्सर इन योजनाओं का जिक्र करते हैं, जबकि मीडिया रिपोर्ट बताती है कि Odd-Even से प्रदूषण कम नहीं हुआ था। इसी तरह, 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' योजना के बारे में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने खुद कहा था कि इससे कोई फायदा नहीं होता था। मंत्री ने आरोप लगाया कि ये योजनाएं केवल 'PR एक्सरसाइज' थीं और इनका वास्तविक उद्देश्य प्रदूषण कम करना नहीं था, बल्कि केवल प्रचार प्राप्त करना था।

आशीष सूद ने पिछली सरकार पर विज्ञापन पर अत्यधिक पैसा खर्च करने और। सार्वजनिक परिवहन तथा धूल नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली में धूल से प्रदूषण होता है, जैसा कि विशेषज्ञ बताते हैं, तो स्वीपिंग मशीन लानी चाहिए थी और सार्वजनिक परिवहन को ठीक करना चाहिए था। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछली सरकार के पास सार्वजनिक परिवहन के लिए पैसा नहीं था, लेकिन विज्ञापन के लिए पर्याप्त पैसा था। यह आरोप पिछली सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाता है और यह दर्शाता है कि वर्तमान सरकार का मानना है कि संसाधनों का दुरुपयोग किया गया था।

EV पॉलिसी में सब्सिडी का मुद्दा

मंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार EV पॉलिसी की बात तो करती थी, लेकिन इस योजना में जो 45 करोड़ रुपये की सब्सिडी देनी थी, वह नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि वह पैसा आज हमारी सरकार दे रही है। यह बयान पिछली सरकार की नीतियों के कार्यान्वयन में कथित खामियों को उजागर करता है और वर्तमान सरकार द्वारा उन कमियों को दूर करने के प्रयासों को दर्शाता है। कुल मिलाकर, मंत्री आशीष सूद की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या, पिछली। सरकारों की भूमिका और वर्तमान सरकार की भविष्य की योजनाओं पर एक विस्तृत दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

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