Share Market News:नवंबर में IPO बाजार में ₹76,000 करोड़ के इश्यू के साथ आएगी बहार, Lenskart और Groww से होगी शुरुआत
नवंबर में भारतीय IPO बाजार ₹76,000 करोड़ के इश्यू के साथ रिकॉर्ड तोड़ सकता है। Lenskart और Groww जैसे बड़े IPO के साथ, कई अन्य कंपनियां भी लिस्टिंग के लिए तैयार हैं। जानें क्यों यह महीना निवेशकों के लिए खास है।
भारत का IPO बाजार इस नवंबर में एक अभूतपूर्व उछाल के लिए तैयार है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां लगभग ₹76,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं। यह अनुमान नवंबर को भारत के प्राथमिक बाजार के इतिहास में सबसे व्यस्त महीनों में से एक बना सकता है और टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, हेल्थकेयर और कंज्यूमर सेक्टर की प्रमुख कंपनियां इस अवसर का लाभ उठाने के लिए कतार में हैं, जिससे निवेशकों के लिए कई नए विकल्प उपलब्ध होंगे।
साल की सबसे व्यस्त तिमाही
IPO सीज़न की शुरुआत Lenskart के बहुप्रतीक्षित ₹7,200 करोड़ के इश्यू। से होगी, जो 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक खुला रहेगा। इसके तुरंत बाद, Groww का ₹6,600 करोड़ का IPO नवंबर के पहले सप्ताह में लॉन्च होने वाला है, जो बाजार में उत्साह को और बढ़ाएगा। निवेश बैंकिंग सूत्रों के अनुसार, कई अन्य बड़े खिलाड़ी भी इस महीने अपने IPO लाने की तैयारी में हैं। इनमें ICICI Prudential AMC (₹10,000 करोड़), Pine Labs (₹6,100 करोड़), Cleanmax Enviro Energy (₹5,200 करोड़) और Juniper Green Energy (₹3,000 करोड़) शामिल हैं। इन बड़े इश्यू से बाजार में तरलता बढ़ने और निवेशकों की रुचि में वृद्धि होने की उम्मीद है। कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी के एमडी वी और जयशंकर के अनुसार, साल का आखिरी तिमाही पारंपरिक रूप से IPO के लिए सबसे सक्रिय रहता है। इस अवधि में त्योहारों का माहौल और बाजार में सकारात्मक धारणा दोनों ही कंपनियों को पब्लिक इश्यू लाने के लिए प्रेरित करते हैं। इस साल भी लगभग $20-21 बिलियन (₹1. 7 लाख करोड़) के IPO पूरे होने का अनुमान है, जिसमें। से आधे से अधिक इसी तिमाही में आने की उम्मीद है। यह प्रवृत्ति भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते विश्वास और कंपनियों की विस्तार योजनाओं को दर्शाती है।
मध्यम आकार की कंपनियां भी मैदान में
बड़े नामों के अलावा, कई मध्यम स्तर की कंपनियां भी IPO बाजार में प्रवेश करने की तैयारी में हैं। इनमें पार्क मेडी वर्ल्ड, नेफ्रोप्लस, वीडा क्लिनिकल रिसर्च, इनोवेटिव इंडिया, कैसाग्रैंड प्रीमियर बिल्डर, फुजियामा पावर सिस्टम्स, प्रणव कंस्ट्रक्शंस, इनोविजन लिमिटेड और KSH इंटरनेशनल जैसे नाम शामिल हैं। इन कंपनियों के IPO से निवेशकों को विविध क्षेत्रों में निवेश करने का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त, क्रेडीला फाइनेंशियल सर्विसेज, फिजिक्सवाला, वेकफिट, एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज, प्रेस्टीज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स, विद्या वायर्स और मेटलमैन इंडस्ट्रीज जैसी। कंपनियां भी इस बढ़ते उत्साह का लाभ उठाने की कोशिश में हैं, जिससे बाजार में और अधिक विविधता आएगी।
शेयर बाजार की तेजी से बढ़ा आत्मविश्वास
हाल के दिनों में शेयर बाजार की मजबूती ने भी कंपनियों को IPO लॉन्च करने का आत्मविश्वास दिया है। Prime Database Group के एमडी प्रणव हल्दिया ने इस संबंध में टिप्पणी करते हुए कहा कि सेकेंडरी और। प्राइमरी मार्केट का सीधा संबंध है; जब शेयर बाजार चढ़ता है, तो IPO मार्केट में भी जोश आता है। अक्टूबर में Sensex और Nifty में अब तक 5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और ये अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से केवल 1 और 5% दूर हैं। Unistone Capital के सीनियर मैनेजर दीप शाह के मुताबिक, कंपनियां निफ्टी के 26,000 के आसपास रहने और निवेशकों के सकारात्मक मूड का फायदा उठाना चाहती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दिसंबर-जनवरी में FII निवेश घटता है, इसलिए सभी कंपनियां जल्दी IPO लाने की तैयारी में हैं।
अमेरिकी नियमों का भी योगदान
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिकी SEC का 135-दिन वाला। नियम भी IPO की इस तेजी का एक बड़ा कारण है। यह नियम कहता है कि यदि कोई भारतीय कंपनी अमेरिकी निवेशकों से पैसा जुटाना। चाहती है, तो उसकी वित्तीय रिपोर्ट 135 दिनों से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। SP Tulsian Investment Advisor की रिसर्च एनालिस्ट गीतांजलि केडिया ने स्पष्ट किया कि जिन कंपनियों की ऑडिटेड रिपोर्ट 30 जून 2025 तक की है, उनके पास यह IPO लाने का आखिरी मौका है। यह समय-सीमा कई कंपनियों को नवंबर में अपने IPO लाने के लिए प्रेरित कर रही है, ताकि वे अमेरिकी निवेशकों की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें और वैश्विक पूंजी बाजार से धन जुटा सकें। यह नियम भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करता है।
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