India-Iran Relations:कुछ फेक चैनल इंडिया-ईरान का संबंध बिगाड़ने की कर रहे कोशिश, भारत में ईरानी दूतावास का बयान
India-Iran Relations: भारत में ईरान के दूतावास ने एक पोस्ट करके बताया है कि कुछ फेक एकाउंट और चैनल के जरिये भारत-ईरान के रिश्तों को खराब करने की कोशिश कर रहे है
India-Iran Relations: सोशल मीडिया पर हाल ही में ईरान के परमाणु ठिकानों पर कथित अमेरिकी हमलों को लेकर कई तरह की अफवाहें और भ्रामक दावे सामने आ रहे हैं। कुछ फर्जी चैनलों और सोशल मीडिया एकाउंट्स के जरिए भारत और ईरान के बीच मजबूत रिश्तों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। इन दावों में कहा गया है कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने के लिए भारत के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किया, जो पूरी तरह से आधारहीन और झूठा है। भारत में ईरान के दूतावास ने इन दावों को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए इन्हें फर्जी करार दिया है।
भारत-ईरान संबंधों पर हमला
भारत में ईरान के दूतावास ने अपने आधिकारिक एक्स एकाउंट पर एक पोस्ट के माध्यम से लोगों को इन भ्रामक दावों से सावधान रहने की सलाह दी है। दूतावास ने इसे भारत और ईरान के बीच दशकों से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित साजिश बताया है। अपनी पोस्ट में ईरानी दूतावास ने लिखा, "कुछ फर्जी चैनल और सोशल मीडिया एकाउंट्स ईरान के नाम पर भारत-ईरान के रिश्तों को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। ये एकाउंट्स ईरान से संबंधित नहीं हैं और इनके जरिए फैलाई जा रही जानकारी पूरी तरह से झूठी है।"
दूतावास ने अपनी पोस्ट में कई फर्जी एकाउंट्स के स्क्रीनशॉट भी साझा किए, जिनमें भ्रामक और उत्तेजक दावे किए गए थे। इन फर्जी एकाउंट्स का मकसद लोगों में भ्रम पैदा करना और दोनों देशों के बीच अविश्वास को बढ़ावा देना है।
अफवाहों का मकसद
ये भ्रामक दावे न केवल भारत और ईरान के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर गलत सूचनाओं के प्रसार को भी बढ़ावा दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी अफवाहें फैलाने के पीछे कुछ देशों या समूहों के भू-राजनीतिक हित हो सकते हैं, जो भारत और ईरान के बीच रणनीतिक साझेदारी को कमजोर करना चाहते हैं। भारत और ईरान के बीच चाबहार बंदरगाह परियोजना और ऊर्जा सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गहरे संबंध हैं, जो क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
भारत की स्थिति
भारत सरकार ने हमेशा से ही अपनी विदेश नीति में संतुलन और शांति को प्राथमिकता दी है। भारत ने किसी भी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की नीति का पालन किया है और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए ईरान के साथ अपने संबंधों को मजबूत किया है। इन फर्जी दावों का कोई आधार नहीं है कि भारत ने अमेरिका को अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति दी। भारत ने हमेशा से ही युद्ध और हिंसा के बजाय कूटनीति और बातचीत के रास्ते को चुना है।
सोशल मीडिया पर सावधानी की जरूरत
सोशल मीडिया के इस दौर में फर्जी खबरें और अफवाहें तेजी से फैलती हैं। ईरानी दूतावास ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लें और ऐसी भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें। साथ ही, दूतावास ने फर्जी एकाउंट्स की पहचान करने और उनकी शिकायत करने के लिए भी लोगों से सहयोग मांगा है।
Some fake channels, under the name of Iran, are attempting to damage Iran-India relations.
These accounts do not belong to Iran.
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