अमित शाह का राहुल गांधी पर पलटवार: क्या गुजरात में एसआईआर की वजह से हारी कांग्रेस?
गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी के एसआईआर आरोपों पर पलटवार किया और गुजरात में कांग्रेस की 41 साल की हार और हालिया उपचुनावों के नतीजों पर सवाल उठाए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (एसआईआर) के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। पिछले कुछ दिनों से राहुल गांधी एसआईआर को लेकर सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं, जिस पर अब अमित शाह ने पलटवार किया है। शाह ने राहुल गांधी से सीधा सवाल पूछते हुए कहा कि क्या कांग्रेस गुजरात में एसआईआर की वजह से हारी है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गुजरात के निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत हुई है और कांग्रेस पिछले 41 वर्षों से गुजरात में लगातार हार का सामना कर रही है। अमित शाह ने राहुल गांधी को आत्मनिरीक्षण करने की सलाह दी है।
गुजरात में कांग्रेस की स्थिति पर अमित शाह का प्रहार
अमित शाह ने कहा कि एक बड़े राज्य में जहां कभी कांग्रेस की सत्ता हुआ करती थी, वहां पार्टी पिछले 41 सालों में एक भी चुनाव जीतने में सफल नहीं रही है। उन्होंने इसे एक गंभीर विषय बताते हुए कहा कि राहुल गांधी को इस पर गंभीरता से आत्म-मंथन करना चाहिए और शाह के अनुसार, इतने लंबे समय तक सत्ता से बाहर रहना और लगातार हारना पार्टी की नीतियों और नेतृत्व पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देने को कहा।
उपचुनावों के आंकड़ों के साथ शाह का हमला
अमित शाह ने हाल ही में तीन राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए उपचुनावों के नतीजों का विवरण साझा किया और उन्होंने बताया कि इन चुनावों में कांग्रेस पार्टी एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं रही। शाह ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि नौगांव में बीजेपी उम्मीदवार ने 1,42,000 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की और यह सीट कांग्रेस से छीन ली। नंदीग्राम में बीजेपी उम्मीदवार को 76% वोट मिले और उन्होंने 1,22,000 वोटों की भारी बढ़त बनाई। पश्चिम बंगाल के रेजीनगर में बीजेपी ने 75,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल कर तृणमूल कांग्रेस से यह सीट छीन ली। पुडुचेरी में एनडीए के सहयोगी दल एआईएनआरसी के उम्मीदवार ने 8,482 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को केवल 22% वोट मिले। इन नतीजों के आधार पर शाह ने कहा कि राहुल गांधी 2029 में चौथी बार हार के लिए अपना मन बना लें।
राहुल गांधी की चाय पार्टी और चुनाव आयोग पर निशाना
अमित शाह के बयान से पहले राहुल गांधी ने अपने आवास पर इंडिया गठबंधन के नेताओं के लिए एक चाय पार्टी का आयोजन किया था। इस बैठक में सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत और गठबंधन के कई अन्य नेता शामिल हुए थे। चाय पार्टी के बाद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि वोटों की चोरी की गई है और इसमें शामिल सभी लोगों को सजा दी जाएगी। उन्होंने मांग की कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, उनका आंदोलन जारी रहेगा। राहुल ने कहा कि इस संघर्ष में पूरा विपक्ष उनके साथ है और उन्होंने चुनाव प्रणाली को तहस-नहस करने का आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।
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