अमेरिका ईरान शांति समझौते पर मुजतबा खामेनेई का बड़ा दावा, ट्रंप को बताया बेताब

ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने दावा किया कि डोनाल्ड ट्रंप शांति समझौते के लिए बेताब थे, जबकि ट्रंप ने 300 अरब डॉलर के भुगतान को फर्जी बताया।

Jun 19, 2026 - 09:35
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अमेरिका ईरान शांति समझौते पर मुजतबा खामेनेई का बड़ा दावा, ट्रंप को बताया बेताब

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस शांति प्रस्ताव के आधिकारिक होने के एक दिन बाद, ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है। खामेनेई ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति इस समझौते को हासिल करने के लिए बेहद बेताब थे और उन्होंने इस डील को पूरा करने के लिए हर संभव हथकंडा अपनाया। यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के मसौदे पर हस्ताक्षर होने के बाद मुजतबा खामेनेई की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया है, जिसमें उन्होंने पर्दे के पीछे की बातचीत और अपनी शुरुआती आपत्तियों का जिक्र किया है।

खामेनेई की शुरुआती शंकाएं और राष्ट्रपति का भरोसा

गुरुवार को ईरानी जनता को संबोधित करते हुए मुजतबा खामेनेई ने खुलासा किया कि शुरुआत में वह इस समझौते के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने कहा कि सिद्धांत के तौर पर उन्होंने इस समझौते का विरोध किया था क्योंकि उन्हें वाशिंगटन के साथ हुए इस समझौता ज्ञापन को लेकर कुछ शंकाएं थीं। हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के वरिष्ठ सदस्यों के साथ गहन चर्चा के बाद उनके विचारों में बदलाव आया। खामेनेई ने बताया कि जब उन्हें राष्ट्रपति और सुरक्षा परिषद की ओर से यह ठोस भरोसा दिलाया गया कि यह समझौता देश के हितों और रेजिस्टेंस फ्रंट की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, तब जाकर उन्होंने इसे अपनी मंजूरी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि उनकी राय अलग थी, लेकिन राष्ट्रपति के वादों के कारण उन्होंने इस पर आगे बढ़ने का फैसला किया।

डोनाल्ड ट्रंप ने 300 अरब डॉलर के भुगतान को नकारा

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को अमेरिका की एक बड़ी जीत के रूप में पेश किया है। ट्रंप ने उन खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया जिनमें दावा किया जा रहा था कि अमेरिका इस शांति सौदे के बदले ईरान को 300 अरब डॉलर का भुगतान कर रहा है। ट्रंप ने इन दावों को फेक न्यूज और डेमोक्रेट्स का प्रोपेगैंडा करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका की तरफ से ईरान को 300 अरब डॉलर का कोई पेमेंट नहीं किया जा रहा है। ट्रंप ने आर्थिक संकेतकों का हवाला देते हुए कहा कि बाजार इस समझौते से बेहद खुश हैं, जिसके परिणामस्वरूप तेल की कीमतें बहुत कम हो गई हैं और स्टॉक मार्केट की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। उन्होंने इसे अमेरिका के लिए कामयाबी और जीत का प्रतीक बताया।

क्षेत्रीय शांति और युद्धविराम की उम्मीद

डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व में शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और क्षेत्र के सभी लोगों से अपील की कि वे बातचीत की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलने देने के अपने वादे पर कायम रहें। उन्होंने लेबनान, हिज्बुल्लाह और इजराइल सहित सभी मोर्चों पर पूर्ण युद्धविराम की उम्मीद जताई। ट्रंप का मानना है कि यह समझौता न केवल तनाव कम करेगा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका का ध्यान केवल सफलता, कम तेल कीमतों और जीत पर केंद्रित है, न कि किसी वित्तीय लेन-देन पर।

परमाणु निरीक्षण और स्टीव विटकॉफ की ब्रीफिंग

समझौते के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ ने अमेरिकी सांसदों को एक निजी ब्रीफिंग दी। विटकॉफ ने कांग्रेस के नेताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा समितियों के सदस्यों को बताया कि ईरान अपनी परमाणु साइटों की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी (IAEA) को आमंत्रित करने के लिए तैयार हो गया है। इस प्रक्रिया के तहत तेहरान के संवर्धित मटीरियल वाली जगहों की पहचान और उनका पता लगाने का काम शुरू किया जाएगा। विटकॉफ ने स्पष्ट किया कि मुख्य समझौते में कोई साइड डील शामिल नहीं है, लेकिन तेहरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के बीच एक साइड लेटर तैयार किया गया है। इस पत्र के माध्यम से IAEA के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रोसी को निमंत्रण भेजा गया है, जिससे अमेरिकी परमाणु निरीक्षकों को तेहरान में निगरानी कार्य करने में मदद मिलेगी।

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