अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: रिपब्लिकन पार्टी नहीं करेगी ट्रंप के चेहरे का इस्तेमाल, बदली रणनीति

रिपब्लिकन पार्टी ने अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के चेहरे और नाम का उपयोग न करने का फैसला किया है। जानें क्या है नई चुनावी रणनीति।

Apr 23, 2026 - 19:35
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अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: रिपब्लिकन पार्टी नहीं करेगी ट्रंप के चेहरे का इस्तेमाल, बदली रणनीति

मिडटर्म चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी की नई रणनीति

अमेरिका में इस साल के अंत में होने वाले मिडटर्म चुनावों को लेकर रिपब्लिकन पार्टी एक बड़ा और कड़ा फैसला लेने जा रही है। पार्टी ने तय किया है कि वह इस चुनाव में न तो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चेहरे का इस्तेमाल करेगी और न ही उनके नाम पर जनता से वोट मांगेगी। ट्रंप के सलाहकारों ने एक विशेष योजना तैयार की है, जिसके तहत पार्टी इस चुनाव को 'ट्रंप बनाम डेमोक्रेट्स' बनाने के बजाय 'रिपब्लिकन बनाम डेमोक्रेट्स' के रूप में पेश करना चाहती है। इस साल के अंत में यूएस कांग्रेस की 435 और सीनेट की 35 सीटों के लिए पूरे अमेरिका में मतदान कराए जाएंगे, जो पार्टी के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

प्रमुख आंकड़े और चुनावी समीकरण

रणनीति में बदलाव के पीछे के मुख्य कारण

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के सलाहकारों का मानना है कि यदि चुनाव ट्रंप के चेहरे पर लड़ा गया, तो यह सीधे तौर पर डेमोक्रेट्स को लाभ पहुंचा सकता है। सलाहकारों का तर्क है कि वर्तमान में अमेरिकी जनता ईरान के साथ जारी तनाव और युद्ध की स्थिति के कारण ट्रंप से काफी नाराज है। यदि पार्टी के नाम पर चुनाव लड़ा जाता है, तो कम से कम पार्टी के कट्टर समर्थक खिलाफ जाकर वोट नहीं करेंगे। इसके अतिरिक्त, रिपब्लिकन पार्टी की रणनीति अब डेमोक्रेट्स के खिलाफ एक नकारात्मक अभियान (Negative Campaign) चलाने की है। इसके माध्यम से आम नागरिकों को यह संदेश दिया जाएगा कि यदि डेमोक्रेट्स को बहुमत मिलता है, तो देश की स्थिति और भी खराब हो सकती है।

कट्टर समर्थकों की नाराजगी और मागा अभियान पर प्रभाव

अमेरिका में ट्रंप के 'मागा' (Make America Great Again) अभियान से जुड़े कई बड़े नाम अब उनसे दूरी बना रहे हैं। मशहूर यूट्यूबर टर्कर काल्सन, जो कभी ट्रंप के प्रबल समर्थक थे और उनके लिए प्रचार कर रहे थे, उन्होंने हाल ही में अमेरिकी नागरिकों से माफी मांगी है और इसी तरह, फॉक्स न्यूज की पॉडकास्टर मेगन केली ने भी ट्रंप का विरोध शुरू कर दिया है। एनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 के चुनाव में ट्रंप को समर्थन देने का संकल्प लेने वाले 17 प्रतिशत लोग अब अपने निर्णय पर पछतावा कर रहे हैं। ट्रंप ने 2024 के चुनाव के लिए संकल्प लिया था कि वे अमेरिका को युद्धों से दूर रखेंगे और केवल अमेरिकी हितों को बढ़ावा देंगे, लेकिन ईरान के साथ युद्ध की स्थिति ने उनके इस संकल्प को तोड़ दिया है, जिससे उनके आधार वोट बैंक में सेंध लगी है।

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